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इन्दौर में हज यात्रियों
की रवानगी का सिलसिला आरंभ
Bhopal:Tuesday, October
20, 2009:
हज यात्रियों की अन्तर्राष्ट्रीय उड़ान आज सुबह इंदौर विमानतल
से रवाना हुई। आज सुबह विमानतल पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं किसान
कल्याण मंत्री डा. रामकृष्ण कुसमारिया और सांसद श्रीमती
सुमित्रा महाजन ने हज यात्रियों को ले जाने वाले विमान को हरी
झंडी दिखाई। इस मौके पर स्टेट हज कमेटी के अध्यक्ष श्री सलीम
कुरैशी भी मौजूद थे।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डा. कुसमरिया ने कहा कि इस वर्ष
मध्यप्रदेश हज कमेटी द्वारा 3 हजार 421 हज यात्रियों को
केन्द्रीय हज कमेटी द्वारा प्रदत्त कोटे के तहत हज पर भेजे
जाने के समस्त प्रबंध किये गये हैं। पूर्व के वर्षों में
प्रदेश के हाजियों को मुम्बई, नागपुर आदि विमानतलों से हज पर
जाना होता था। पिछले वर्ष से इन्दौर विमानतल से प्रदेश के हज
यात्रियों की उड़ानें प्रारंभ की गई और इस वर्ष इन्दौर विमानतल
से मध्यप्रदेश हज कमेटी के माध्यम से लगभग 3 हजार से अधिक हज
यात्री सीधे मदीना के लिये उड़ान भरेंगे। डा. कुसमरिया ने कहा
कि मध्यप्रदेश के विन्ध्य एवं महाकौशल क्षेत्र के लगभग 900 हज
यात्री नागपुर विमानतल से हज के लिये रवाना होंगे। राज्य सरकार
का प्रयास था कि प्रदेश की मुस्लिम जनसंख्या और आवेदनों की
बढ़ती हुई तादाद के मान से प्रदेश के हज यात्रियों का कोटा
केन्द्रीय सरकार द्वारा बढ़ाया जाये। साथ ही यह भी प्रयास रहा
कि भोपाल से भी हज की सीधी उड़ानें शुरू की जाये। राज्य सरकार
भविष्य में भी हज यात्रियों की सुविधा के लिये प्रयास करती
रहेगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय भी 19
अक्टूबर को रात को अस्थायी हज हाउस पहुंचे तथा उन्होंने हज
यात्रियों से मुलाकात की। हज यात्रियों के पहले जत्थे में आज
करीब दो सौ हज यात्री रवाना हुये। आगामी तीन नवम्बर तक हज के
लिये इंदौर से 15 फ्लाईट से तीन हजार से अधिक यात्री मदिना के
लिये जायेंगे। यात्रियों की रवानगी का सिलसिला तीन नवम्बर तक
चलेगा। हज यात्रा पर जाने के पूर्व यात्रियों के ठहरने तथा
भोजन के लिये सदर बाजार स्थित अलशिफा हास्पिटल परिसर में हज
हाउस बनाया गया है। यहां आने वाले हरेक यात्रियों की जरूरतों
का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हज यात्रियों को यहां से
एयरपोर्ट के लिये विशेष बसों से रवाना किया गया। एयरपोर्ट पर
भी इन यात्रियों के लिये विशेष व्यवस्था की गयी है। सुरक्षा,
कस्टम तथा अन्य जांच भी सुविधा पूर्ण तरीके से करा कर
निर्धारित समय पर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय विमान से मदीना के
लिये रवाना किया गया।
व्यावसायिक खेती का
समूदन मॉडल लोकप्रिय बनेगा - मुख्यमंत्री
मंत्री अनूप मिश्रा को दी उन्नत किसान की पहचान, मुख्यमंत्री
ने किया जैविक फार्म हाउस का अवलोकन
Gwalior:Tuesday, October 20, 2009:
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में
परम्परागत खेती के स्थान पर व्यावसायिक खेती को लोकप्रिय
बनाने के लिये समूदन मॉडल को लोकप्रिय बनाया जावेगा।
उन्होंने यह बात आज प्रदेश के ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा एवं
स्वास्थ्य मंत्री श्री अनूप मिश्रा द्वारा डबरा तहसील के
ग्राम समूदन में स्थापित जैविक फार्म हाउस तथा आर एन मिश्रा
औद्योगिक प्राशिक्षण केन्द्र के अवलोकन के दौरान कही।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह जरूरी हो गया है कि
कृषक परम्परागत खेती के स्थान पर व्यावसायिक खेती को
अपनायें। उन्होंने कहा कि ग्वालियर जिले में श्री अनूप
मिश्रा द्वारा 10 एकड़ भूमि स्वामी के रूप में एक सीमांत
कृषक किस प्रकार व्यावसायिक खेती को अपना सकता है इसका आदर्श
स्वरूप प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि समूदन को मॉडल
मानकर प्रदेश में लागू करने पर सरकार विचार करेगी। इसके लिये
कृषि, सहकारिता व ऊर्जा मंत्री के रूप में तीन सदस्यीय समिति
का गठन किया जावेगा। यह समिति इसके लिये नियम, कायदे, कानून
और प्रक्रिया का निर्धारण करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खाद के उपयोग को लोकप्रिय बनाकर
रासायनिक खाद के साइड इफेक्ट से बचा जा सकता है। आरएन मिश्रा
औद्योगिक केन्द्र प्रशिक्षण संस्थान के संबंध में उन्होंने
कहा कि इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं
को कृषि और कृषि कार्य में उपयोगमें आने वाले संयंत्रों की
मरम्मत आदि के कार्यो का प्रशिक्षण प्रदान कर ग्रामीण
क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मुहैया कराये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आद्योगिक केन्द्र में मसाले, दलिया, ,खाद्य
तेल, डेयरी, रतनजोत से बायोडीजल व लकड़ी से 15 मेगावाट तक
विद्युत उत्पादन का प्लांट भी स्थापित किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य किसान भी इससे प्रेरणा लेकर
व्यक्तिगत रूप से या समूह के रूप में भी इन गतिविधियों को
संचालित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भी कृषकों को इस
कार्य में सहयोग करेगी। श्री चौहान ने कहा कि जेट्रोफ से
उत्पादित बायोडीजल को लोकप्रिय बनाने के प्रयास भी किये
जावेंगें। इसके लिये सरकार द्वारा कार्य योजना तैयार की जा
रही है।
स्वास्थ्य मंत्री तथा संस्थान के संस्थापक श्री अनूप मिश्रा
ने बताया कि वर्ष 1996 -97 से ग्राम समूदन की 10 हेक्टर भूमि
पर जैविक खेती को प्रारंभ किया गया था। जिसमें कृषि की
व्यावसायिक गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास प्रारंभ किये गये
थे जो आज साकार स्वरूप प्रदान कर चुके हैं। उन्होंने
मुख्यमंत्री को बताया कि डेयरी फार्म, पशुओं के गोबर से
बनाये गये वर्मीकल्चर व बायोगैस संयंत्र की स्थापना, दुग्ध
उत्पादन की गतिविधियां, फार्म हाउस में आम, अमरूद, नीबू,
संतरा, कटहल, आंवला के पेड़ लगाकर उत्पादन प्राप्त किया जा
रहा है। मधुमक्खी पालन भी किया जा रहा है, इसमें मधु
मक्खियों को आकर्षित करने के लिये प्लोनिया के पोधे लगाये
गये हैं, जिनसे मधुमक्खी 12 माह तक पाली जा सकती है। फार्म
हाउस के खेतों की मेढ़ पर जेट्रोफा (रतनजोत) के पौधे लगाये
गये हैं जिनके फलों से बायोडीजल तथा फलों की खली से जैविक
खाद तैयार किया जा रहा है । सिंचाई हेतु स्प्रिंकलर और टपक
पद्धत्ति का उपयोग किया जा रहा है।
औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र के संबंध में श्री मिश्रा ने
बताया कि इस संस्थान के माध्यम से क्षेत्र के ग्रामीण अंचल
के युवाओं को विद्युत, फिटर, वैल्डर और डीजल मैकेनिक ट्रेड
में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस संस्थान से निकलने वाले शत
प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संस्थान से पास आउट विद्यार्थी दिल्ली
और बैंगलोर में मेट्रोरेल प्रोजेक्ट में सर्विस प्राप्त कर
चुके हैं। इसके अलावा संस्थान द्वारा दाल, दलिया, तेल,
हस्तशिल्प प्रोजेक्ट का भी उत्पादन किया जा रहा है।
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