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श्रीमती अंजु सिंह बघेल निलंबित
Bhopal:Thursday, October 22,
2009:
राज्य शासन ने भारतीय प्रशानिक सेवा की अधिकारी उप सचिव स्कूल शिक्षा विभाग
श्रीमती अंजू सिंह बघेल को निलंबित कर दिया है। श्रीमती बघेल द्वारा तत्कालीन
कटनी कलेक्टर के पद पर रहते हुए की गई गंभीर अनियमितताओं के कारण शासन ने उन्हें
तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मंत्रालय वल्लभ
भवन भोपाल होगा तथा उन्हें निलंबन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्तों की पात्रता
होगी।
एशिया का सबसे लम्बा कूनों सायफन
Morena:Thursday, October 22,
2009:
मध्य प्रदेश के मुरैना और श्योपुर जिले के मध्य कूनों नदी पर बना सायफन चम्बल नहर
प्रणाली का आधार है। पौने दो किलोमीटर लम्बा यह सायफन लम्बाई के मामले में एशिया
का सबसे बडा सायफन है।
इस सायफन का निर्माण चम्बल संभाग की जीवन दायिनी चम्बल नहर प्रणाली के निर्माण के
समय लगभग 50 वर्ष पहले मेसर्स गेवल एंड गेवल कन्स्ट्रक्सन कम्पनी इंडिया द्वारा
कराया गया था। लगभग 6 मीटर के व्यास वाले इस सायफन से एक बार में 3150 क्यूसेक
पानी का डिस्चार्ज होता है। पच्चीस वेरल (स्पान) पर टिके इस सायफन के 12 वेरल
300-300 फीट के हैं, जो भूमिगत हैं तथा तथा 85-85 फीट के 13 वेरल जमीन के ऊपर
हैं। इस सायफन को जमीन के 90 फीट नीचे से प्रारंभ किया गया है।
विदित हो कि कूनो सायफन चम्बल नहर प्रणाली का मूल आधार है। यह राजस्थान और मध्य
प्रदेश की संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना है। इस योजना से मुरैना श्योपुर और भिण्ड
जिले में सिंचाई होती है। किसानों के लिए जीवन दायिनी इस नहर प्रणाली का
सुदृढीकरण कार्य विश्व बैंक की सहायता से म.प्र. वाटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग
प्रोजेक्ट के अन्तर्गत कराया जा रहा है।
भूमि घोटालों और भू-माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार
का निर्णय
स्वागत योग्य,
कार्यवाही परिणाममूलक
और दिखाई देने वाली हो- केक़े मिश्रा
भोपाल,
22 अक्टूबर। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता श्री के0के0
मिश्रा ने प्रदेश के बड़े शहरोंजिलों में लगातार हो रहे भूमि
घोटालों की जांच और भू-माफियाओं के कुत्सित गठबंधन के खिलाफ मुख्यमंत्री श्री
शिवराजसिंह चौहान द्वारा जनसम्पर्क आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव की एक सदस्यीय
हाईपॉवर कमेटी बनाये जाने की घोषणा का स्वागत करते हुए आग्रह किया है कि
कार्यवाही परिणाममूलक एवं दिखाई देने वाली हो जिसमें बड़े मगरमच्छों के बदनुमा दाग
बन चुके चेहरे भी उजागर हों। उन्होंने इस घोषणा को सराहनीय तो बताया है,
किन्तु मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि उनकी ही सरकार
में जगतपति समिति की रिपोर्ट के प्रकाश में आये वरिष्ठ काबीना मंत्री श्री
बाबूलाल गौर मढ़ाताल भूमि घोटाले से संबद्ध वरिष्ठ आईएएस और मुख्यमंत्री के सचिव
श्री एसक़े मिश्रा तथा रतलाम भूमि घोटाले से संबद्ध वरिष्ठ आईएएस एवं महानिदेशक
मुद्रांक श्री विनोद सेमवाल के खिलाफ भी उनकी सरकार यदि कोई असरकारक कार्यवाही
करती है, तो मुख्यमंत्री की मंशा निष्पक्ष और पारदर्शी
दिखाई देगी, अन्यथा यह पूरी कवायद व्यवसायिक लेनदेन
में न तब्दील हो जाये,
इस बात की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
श्री केक़े
मिश्रा ने आज यहां जारी अपने बयान में कहा है कि भू-माफियाओं,
राजनेताओं, अधिकारियों और
अपराधियों के कुत्सित गठबंधन ने आम नागरिकों के वैधानिक हितों को जिस ढंग से अपने
धन और बाहुबल से रौंदा है, वह कानून के शासन को सीधी
चुनौती है और यदि इस पीढ़ा को वास्तविक रूप में मुख्यमंत्री गंभीरता से लेकर
साहसिक निर्णय लिया है, तो कांग्रेस उसका न केवल
स्वागत, बल्कि समर्थन
का भी वायदा करती है किन्तु कार्यवाही परिणाममूलक और दिखाई देने वाली हो।
उन्होंने यह भी आशंका जाहिर की है कि कहीं यह घोषणा भी कागजी साबित न हो जाए।
कालगर्ल्स और समलैंगिकों की सुरक्षा करेगी
पुलिस!
Oct 22, भोपाल। आला अफसरों ने गैर सरकारी स्वयंसेवी संगठनों
(एनजीओ) की सलाह मानी तो पुलिसकर्मी कालगर्ल्स और समलैंिगकों को पकड़ने के बजाय
उनको सुरक्षित सेक्स की सलाह देते नजर आएंगे। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में
एड्स विरोधी मुहिम में जुटे एनजीओ और पुलिस अफसरों की साझा बैठक में ये सुझाव
सामने आया। इस बैठक में डीजीपी के स्टाफ आफिसर बी मारिया कुमार, एसपी जयदीप
प्रसाद, एएसपी रूचिवर्धन मिश्रा और एएसपी चंद्रशेखर सोलंकी के साथ सभी सीएसपी और
कुछ थाना प्रभारी मौजूद थे। एड्स विरोधी मुहिम में लगे एनजीओ के कर्ता-धर्ताओं का
कहना था कि पुलिस इस काम में उनकी मदद करे। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस
कालगर्ल्स को गिरफ्तार नहीं करे। बल्कि उन्हें समझाइश दे कि वे शारीरिक संबंध
बनाने के दौरान उन्हें कंडोम का इस्तेमाल करने की सलाह दे। उन्होंने कालगर्ल्स
और सेक्स वर्कर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी रोकने की सलाह दी। एनजीओ का कहना था
कि रात के समय पुलिस समलैगिंकों को परेशान करती है। इन्हें परेशान करने की बजाय
पुलिस को उन्हें सुरक्षित सेक्स की सलाह देने की जरूरत पर एनजीओ ने जोर दिया।
एनजीओ ने ये सलाह भी दी कि वे नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को भी ये समझाएं कि
नशा लेने के लिए हर बार अलग-अलग निडिल की उपयोग करें, एक ही निडिल को कई लोग
इस्तेमाल नहीं करें। एनजीओ ने अफसरों से उन्हें आइडेंटी कार्ड बनाकर देने का
अनुरोध भी किया।
इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में शास्त्रीय संगीत पर आधारित दो दिवसीय
संगीत संध्या
भोपाल
22
अक्टूबर ,09। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय
द्वारा प्रत्येक माह की 1 से 3, 11
से 13 एवं 21
से 23 तारीख तक विभिन्न
कार्यक्रमों का श्रंखलाबद्ध आयोजन किया जाता है। साथ ही बीच में विशेष आयोजन भी
होते रहते है। यह आयोजन साँय 7:00 बजे से प्रारम्भ
होते हैं। इन आयोजनों को देखने आने वाले दर्शको हेतु संग्रहालय की ट्रांसपोर्ट
सशुल्क सुविधा अब दिन के समान शाम को भी कार्यक्रमों के समय कार्यक्रम स्थलों पर
उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही 23, 24 एवं 25
अक्टूबर, 2009 को छात्रों को अपने
माता पिता के साथ संग्रहालय भ्रमण हेतु प्रोत्साहित करने के लिये प्रवेश नि:शुल्क
रखा गया है।
आयोडीन अल्पता निवारण दिवस पर कार्यक्रम
भोपाल
22
अक्टूबर ,09। आयोडीन शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसे
हर रोज लेना आवश्यक हैं। नमक एक ऐसी चीज है जिसका सेवन हर कोई रोज करता है। अगर
नमक में आयोडीन मिला दी जाती है तो शरीर में आयोडीन की सही मात्रा नियमित रूप से
मिलती रहती है। जिस तरह सब्जियों और दालों से विटामिन प्रोटीन मिलते हैं उसी तरह
आयोडीन भी एक पोषक तत्व है जो हर व्यक्ति के लिए जरूरी है यह कोई दवा नहीं है।
क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय, भारत सरकार की झाबुआ इकाई
और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरदारपुर के सहयोग से शासकीय कन्या उच्चतर
माध्यमिक विद्यालय में एक परिचर्चा के दौरान क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी अ हमीद खान
ने ये विचार व्यक्त किये।
विश्व आयोडीन दिवस पर परिचर्चा एवं छात्राओं के लिए प्रश्न-मंच का आयोजन किया
गया।
श्री दिनेश
शर्मा,
एचएम ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि अगर गर्भवती
माताओं में आयोडीन की कमी होती है तो बच्चा गूगा ,
बेहरा, मन्द बुद्धि,
लुला-लंगड़ा आदि विकृतियां लेकर पैदा होता है जो कभी भी ठीक नहीं होती है। इसलिए
गर्भवती माताओं को हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करवाए जिससे आयोडीन की कुछ
मात्रा प्राप्त हो सके। साथ ही आयोडीन नमक जरूर अपने भोजन में शामिल करें। डॉक्टर
श्रीमती किरण गौतम ने भी छात्राओं को अच्छे स्वास्थ्य के लिए आयोडीन नमक सेवन
करने को कहा। इस अवसर पर श्री आरएसग़ाडरिया, विकासखण्ड
कार्यक्रम प्रबंधक ने भी अपने विचार वयक्त किये।
कार्यक्रम में
छात्राओं ने आयोडीन संबंधी प्रश्न पूछे जिनका समाधान किया गया। श्रीमती भावना
विचारे,
पीटीअाई, संगीता तिवारी ने भी अपने
विचार छात्राओं के समक्ष व्यक्त किये।
आकाशवाणी भोपाल के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक संपादक सह-रिर्पोटर के
सूचीकरण हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित
भोपाल
22
अक्टूबर ,09। आकाशवाणी भोपाल के प्रादेशिक समाचार
एकांश के लिए आकस्मिक संपादक सह-रिर्पोटर के सूचीकरण हेतु आवदेन पत्र आमंत्रित
हैं। इस हेतु उम्मीद्वार की आयु 21 से 50
वर्ष के बीच होना चाहिए। उम्मीद्वार को किसी भी मान्यता
प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना चाहिए। इसके अलावा,
उसके पास एक वर्ष की अवधि की पत्रकारिता में उपाधि अथवा
स्नातकोत्तर पत्रोपाधि अथवा प्रिंट या इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिर्पोटिंग अथवा
संपादन का पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। उम्मीद्वार को क्षेत्रीय अथवा स्थानीय
भाषा में दक्ष होना आवश्यक है। उपाधि अथवा पत्रोपाधि धारकाें के लिए रेडियो अथवा
टीवीमें पत्रकारिता कार्य के अनुभव को वांछनीय योग्तयता माना जाएगा। इसके अलावा,
प्रारंभिक कम्प्यूटर अनुप्रयोग का ज्ञान भी वांछनीय योग्तया
मानी जाएगी।
उम्मीद्वार को भोपाल नगर निगम क्षेत्र में रहना आवश्यक है।
आवेदन हेतु
सामान्य श्रेणी के उम्मीद्वारों को गैर-वापसी योग्य शुल्क रूपये
300-
एवं अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के
उम्मीद्वारों को रूपये 225- का केन्द्र निदेशक
आकाशवाणी भोपाल के पक्ष तथा भोपाल पर देय राष्ट्रीयकृत बैंक का बैंक ड्रॉफ्ट
आवेदन-पत्र के साथ जमा करना अनिवार्य है। उम्मीद्वार को अपने आवेदन में नाम,
जन्म तिथि, पता,
दूरभाष क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता,
अनुसूचित जाति, जनजाति अथवा पिछड़ा
वर्ग श्रेणी संबंधी जानकारी, पूर्व तथा वर्तमान सेवाओं
के विवरण सहित एक छायाचित्र संलग्न कर निर्धारित राशि के बैंक ड्रॉफ्ट के साथ
03 नवंबर , 2009 तक केन्द्र
निदेशक, आकाशवाणी भोपाल के कार्यालय में जमा करना
होगा।
सूचीकरण हेतु आयोजित लिखित परीक्षा में सफल रहने पर उम्मीद्वार को
साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना पड़ेगा। इस हेतु कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
अंतिम रूप से सफल उम्मीद्वारों के सूचीकरण के बाद उन्हें आवश्यकतानुसार आकस्मिक
आधार पर कार्य के लिए अनुबंधित किया जा सकेगा। इस संबंध में उम्मीद्वार को
आकाशवाणी द्वारा बनाए गए नियमों और शर्तो का पालन करना आवश्यक है। कृपया यह ध्यान
दें कि यह सूचीकरण किसी भी स्थिति में नियमित सेवा के लिए पात्र नहीं माना जाएगा
और न ही यह सूचीकरण किसी भी नियमित सेवा के रूप में समझा जाएगा।
मध्य प्रदेश की ओर पैर पसार
रहा नक्सलवाद
भोपाल। छत्तीसगढ़ के रास्ते नक्सलवाद अब मध्य प्रदेश की सरजमीं पर
पैर जमा रहा है। नक्सलवादी राज्य में अपनी ताकत बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसके
लिए उन्होंने बाकायदा भर्ती अभियान छेड़ दिया है, जिसमें स्थानीय युवाओं को बरगला
कर अपने साथ किया जा रहा है। राज्य के पुलिस महकमे के पास इस बात के पुख्ता सबूत
हैं और इससे निपटने के लिए उसने सघन अभियान भी छेड़ा है।
मध्य प्रदेश के पांच जिलों को नक्सली नजरिए से संवेदनशील माना जा रहा है। ये जिले
हैं-बालाघाट, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और सीधी। ये सभी जिले छत्तीसगढ़ की सीमाओं
को छूते हैं और यहां आदिवासियों की तादाद भी अच्छी खासी है। नक्सली मूवमेंट वहीं
ज्यादा सफल भी रहा है, जहां घने जंगल और आदिवासियों की बड़ी संख्या हो।
पूर्व में इन जिलों में नक्सलियों की छुटपुट गतिविधियां भी देखने को मिलती रही
हैं। दिग्विजय सरकार के एक मंत्री को तो नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया था।
यह घटना बालाघाट जिले की है। है। पिछले माह इस जिले से पांच नक्सलियों को पकड़ा भी
जा चुका है। खबर है कि बालाघाट जिले में नक्सली गहरी पैठ बना चुके हैं। उनके
द्वारा भर्ती अभियान छेड़ा गया है। इसके लिए बाकायदा पर्चे बांटे गए हैं। बताया
जाता है कि नक्सलियों ने आदिवासियों को फरमान जारी कर हर घर से दो हाथ यानी एक
लड़का और एक लड़की की मांग की है।
बालाघाट में नक्सलियों ने दीपावली की छुट्टियों पर घर आए आदिवासी समुदाय के
बच्चों को भी शोषण और अत्याचार का वास्ता देकर बरगलाया। उन्हें उस दंडकारण्य के
सब्जबाग दिखाए जहां सिर्फ आदिवासियों का राज होगा। नक्सली इसे स्वतंत्र देश मानते
हैं। यह दंडकारण्य छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र और मध्य
प्रदेश के आदिवासी अंचलों को मिलाकर बनाया जाएगा।
क्षेत्र के आदिवासियों में खुद की साख बनाने की खातिर नक्सलियों ने मुफ्त
स्वास्थ्य शिविर भी लगाए। जो भर्ती अभियान शुरू किया गया है उसकी जिम्मेदारी भी
स्थानीय लोगों के हाथ में है। घने जंगलों के बीच बसे गांवों में जहां अभी विकास
की रोशनी नहीं पहुंची है, नक्सलियों ने लोगों के दुख दर्द जानने के लिए अपने दूत
भी तैनात कर रखे हैं। इसके अलावा पुलिस और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ पर्चे भी
बांटे जा रहे हैं। राज्य के पुलिस महकमे के पास पल-पल की जानकारी है। पुलिस सर्च
आपरेशन भी चला रही है लेकिन उसे अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है।
मौसम
भोपाल
22
अक्टूबर ,09।मौसम केन्द्र से प्राप्त जानकारी के
अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों
का मौसम मुख्यत: शुष्क रहा। पूरे प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली
परिवर्तन हुआ।
मौसम केन्द्र
के अनुसार अगले 24
घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों का मौसम मुख्यत: शुष्क
रहने की संभावना है।
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