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जन सुनवाई में अभिनव
नवाचार- कार्रवाई विवरण अब नेट पर भी
घर बैठे मिल सकेगी आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी
Guna:Tuesday,
August 25, 2009, मंगलवार को जन
सुनवाई कार्यक्रम के तहत आवेदकों द्वारा दिये गये आवेदन पर
संबंधित विभाग ने क्या कार्रवाई की है,यह जानने के लिये
आवेदक को अब कलेक्ट्रेट और विभागीय कार्यालयों में चक्कर
नहीं लगाना पडेंगे। गुना जिले में कलेक्टर श्री मुकेश चन्द
गुप्ता ने इस दिशा में अभिनव नवाचार करते हुये जन सुनवाई के
सभी आवेदनों को नेट पर जारी करने की व्यवस्था कायम की है। इस
व्यवस्था के तहत न केवल आवेदक अपने आवेदन पर हुई कार्रवाई का
ब्यौरा नेट पर देख सकेगा,बल्कि स्वयं कलेक्टर भी अपने कक्ष
में ही बैठकर विभागीय अधिकारियों द्वारा आवेदनों पर निराकरण
में की गई कार्रवाई भी देख सकेंगे।
गुना जिले में इस नवीन व्यवस्था को लागू किया जा चुका है।
जिले की बेवसाइट
http://www.guna.nic.in/ पर जन
सुनवाई का एक पेज पृथक से तैयार किया गया है।जन सुनवाई आवेदन
की स्थिति वाले स्थान को क्लिक करते ही आवेदक से उसका आवेदन
क्रमांक पूछा जायेगा। आवेदन क्रमांक दर्ज करते ही उसका
सम्पूर्ण विवरण आवेदक के सामने होगा।
कलेक्टर ने बताया कि सुशासन की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के
लिये यह अति आवश्यक है कि विभिन्न आयामों में पदस्थ अधिकारी
आम जनता को बिना किसी बाधा के सहज उपलब्ध हो और उनकी
समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निराकरण करें। मुख्यमंत्री
श्री शिवराजसिंह सिंह चौहान की इस दिशा में संवेदनशील सोच ने
ही जन सुनवाई कार्यक्रम पूरे प्रदेश में लागू किया।जनसुनवाई
कार्यक्रम के प्रति आमजनता में विश्वास कायम हो और उनकी
समस्याओं का निराकरण अधिकारी समय पर करें। इस उद्धेश्य से
गुना जिले में जनसुनवाई कार्यक्रम में पारदर्शिता लाते हुये
इसे नेट प्रणाली से जोड़ा गया है।
जिले में अभी तक हुये जनसनवाई कार्यक्रमों में मुख्यरुप से
यह बात सामने आई कि कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में होने वाली
जनसुनवाई में ही अधिकांश आवेदन प्राप्त होते हैं,जो विभिन्न
विभागों से संबंधित है। इस पहलू को मद्धेनजर रख कलेक्टर श्री
मुकेश चन्द गुप्ता ने प्रथम चरण में कलेक्ट्रेट में प्राप्त
आवेदनों को कम्प्यूटराइज करते हुये उन्हें इंटरनेट पर डालने
की कार्रवाई की है।
यह है व्यवस्था
गुना जिले की बेवसाइड
http://www.guna.nic.in/ पर एक
बेवलिंक प्रदाय किया गया है।इस बेवलिंक खोलने पर निर्धारित
स्थान पर आवेदक को अपना आवेदन क्रमांक भरकर सम्मिट करना
होगा,जिससे आवेदक को उसके आवेदन पर हुई कार्रवाई का सम्पूर्ण
विवरण मिल सकेगा। जिले के विभिन्न प्रमुख 40 विभागों के
कार्यालय प्रमुखों को लोगिंग एवं पासवर्ड उपलब्ध कराते हुये
उन्हें यूजर बनाया गया है। अधिकारी अपना पासवर्ड डाल कर न
केवल अपने विभाग से संबंधित आवेदन देखसकेंगे, बल्कि उन
आवेदनों पर की गई कार्रवाई का विवरण भी भर सकेंगे। इसके
अतिरिक्त जिला अधिकारी आवेदनों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर
सकेंगे।
हज यात्रियों को आवश्यक रूप
से अपना पासपोर्ट 31 अगस्त तक जमा कराना होगा
पासपोर्ट जमा न कराने पर यात्रा में आयेगी बाधा
मध्यप्रदेश स्टेट हज कमेटी के माध्यम से हज 2009
में जाने वाले सभी हज यात्रियों को अपना अंतर्राष्ट्रीय
पासपोर्ट हज कमेटी के कार्यालय में ही आगामी 31 अगस्त तक
आवश्यक रूप से जमा कराना होगा। ऐसा न करने पर उनके हज यात्रा
में जाने में बाधा आयेगी। कार्यपालन अधिकारी हज कमेटी ने हज
यात्रियों से सभी प्रकार के दस्तावेज एवं पासपोर्ट हज कमेटी
के कार्यालय में ही जमा कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने
कहा है कि स्टेट हज कमेटी के अलावा किसी भी संस्था को
पासपोर्ट इकट्ठा करने या जमाशुदा राशि की रसीदें इकट्ठा करने
के लिये अधिकृत नहीं किया गया है।
कार्यपालन अधिकारी ने बताया है कि इंदौर के कुछ समाचार
पत्रों में इस आशय के समाचार प्रकाशित हुये थे कि हज
यात्रियों को अपने पासपोर्ट इंदौर में स्थित जवाहर मार्ग,
सैफी होटल के सामने हज सोशन वर्कर ग्रुप के कार्यालय में जमा
कराना है। यह समाचार वहां के श्री दाउद हनफी के हवाले से
दिया गया था। इस संबंध में सेन्ट्रल हज कमेटी के जानकारी
प्राप्त की गयी। कमेटी द्वारा बताया गया कि स्टेट हज कमेटी
के अतिरिक्त किसी भी संस्था को पासपोर्ट इकट्ठा करने या जमा
राशि की रसीदें एकत्र करने के लिये अधिकृत नहीं किया गया है।
मध्यप्रदेश स्टेट हज कमेटी ने हज यात्रियों को ऐसे भ्रमित
समाचारों से सावधान रहने को कहा है तथा सभी प्रकार के
दस्तावेज एवं पासपोर्ट भोपाल के ताजुल मसाजिद स्थित स्टेट हज
कमेटी के पीछे कार्यालय में ही जमा कराने का अनुरोध किया है।
अब उज्जैन से जावरा का सफर दो घंटे में !
उज्जैन,
25 जून, डॉ
अरूण जैन। उज्जैन से वाया उन्हेल,
नागदा और खाचरौद हो जावरा पहुंचने का सफर अब मात्र दो घंटे
में पूरा हो जाएगा। बीओटी योजना में 200
करोड़ रूपए की लागत से रोड का निर्माण
होने से संभाग को एक सौगात मिलेगी। जिला सहकारी केन्द्रीय
बैंक अध्यक्ष लालसिंह राणावत ने बताया कि मप्र सड़क विकास
निगम को इस 100 किमी लंबे रोड को
बीओटी में बनाने की स्वीकृति मिल गई है। इस मार्ग से
4 घंटे में तय होने वाला सफर अब मात्र
2 घंटे में पूरा हो जाएगा। इसके
लिए कई सालों से क्षेत्रीय प्रतिनिधि प्रयासरत थे। लगभग डेढ़
साल में टू लेन रोड तैयार हो जाएगा। नागदा जैसा औद्योगिक
क्षेत्र इस योजना से लाभान्वित होगा। वहीं उज्जैन भी नया
गांव हाईवे से जुड़ जाएगा।
कृत्रिम वर्षा (एरियल क्लाउड सीडिंग) का अवसर हाथ से न जाने
दें-केप्टन जयपाल सिंह
भोपाल,
25 अगस्त। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री
केप्टन जयपाल सिंह ने केन्द्रीय मंत्री श्री कांतिलाल भूरिया
एवं राज्य विधान सभा में विपक्ष की नेता श्रीमती जमुना देवी
से आग्रह किया है कि प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों विशेषकर
बुंदेलखण्ड, जहां जमीन जल और जंगल
सूखे से बुरी तरह प्रभावित हैं,
में अंतिम विकल्प के रूप में तत्काल कृत्रिम वर्षा (एरियल
क्लाउड सीडिंग) की प्रक्रिया प्रारंभ की जाये। उन्होंने
श्रीमती जमुना देवी से सर्वदलीबैठक में इस आशय का प्रस्ताव
रखने का अनुरोध किया। अब जबकि वर्षा ऋतु विदा ले रही है
कृत्रिम वर्षा (एरियल क्लाउड सीडिंग) का अंतिम विकल्प अभी भी
हमारे पास है। यदि बिन बरसे शेष बादल भी विदा हो गये तो
हमारे पास हाथ मलने के सिवाय कुछ भी शेष नहीं रह जाएगा। श्री
भूरिया ने आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे पर शीघ्र ही प्रधान
मंत्री डॉ मनमोहन सिंह से भेंट करेंगे।
केप्टन ने नेता द्वय को दिये ज्ञापन में कहा है कि
कृत्रिम वर्षा तभी सम्भव है जब वर्षाकाल के दौरान आकाश में
बादल छाये हों,
अत: इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना
चाहिये। उन्होंने उदाहरण देते हुये कहा कि आन्ध्र प्रदेश
सरकार 28 करोड़ रूपये खर्च कर अनेक
जिलों में सफलतापूर्वक कृत्रिम वर्षा (एरियल क्लाउड सीडिंग)
करवाती रही है।
क्या केएससुदर्शन,
नेहरू जी के खानसामा थे ?
संघ परिवार के लोग ही चंदा वसूलते हैं वधशालाओं
से-केक़ेमिश्रा
भोपाल,
25 अगस्त। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता
केक़ेमिश्रा ने कल इंदौर में संघ के पूर्व सरसंघचालक
केएससुदर्शन द्वारा गांधी-नेहरू के खिलाफ की गई अपमानजनक
टिप्पणियों की घोर निंदा करते हुए उसे कुंठित मानसिकता का
प्रतीक बताया है। आज यहां जारी अपने बयान में श्री मिश्रा ने
कहा कि कल गौ सेवा भारती द्वारा आयोजित एक समारोह में बतौर
मुख्य अतिथि अपने संबोधन में सुदर्शन ने गौ हत्या के खिलाफ
बोलते हुए यहां तक कह डाला कि पंनेहरू गौ मांस खाते थे इसलिए,
उन्होंने अंग्रेजी शासनकाल में होने वाली
गौ हत्या के खिलाफ कहीं मोर्चा नहीं खोला। उन्होंने पूछा है
कि क्या सुदर्शन उस वक्त पं नेहरू के खानसामा थे ?
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर सुदर्शन ने
गांधी-नेहरू के खिलाफ अनर्गल टिप्पणियां कर अपनी मानसिक
कूपमंडूकता का परिचय दिया है,
शायद वे इस बात को भूल गए हैं कि जो संघ परिवार भाजपा और
प्रदेश सरकार को संचालित कर रहा हो,
उसने हाल ही में एक मंत्री मंडलीय फैसला
लेकर गौ वध मामले में सजा के प्रावधान की अवधि को कम कर दिया
है, सुदर्शन इस पर खामोश क्यों
हैं? यही नहीं प्रदेश में गत्
दिनों वधशालाओं में कटने जा रही गायों को रोकने बाबत बजरंग
दल और संघ परिवार के लोगों को जब पकड़ा गया तब यह बात प्रकाश
में आई कि वे ही लोग वधशालाओं से चंदा और अवैध वसूली कर रहे
थे, सुदर्शन इस पर खामोश क्यों
हैं ?
श्री मिश्रा ने जिन्ना विवाद पर सुदर्शन की खामोशी और
संघ को सिर्फ शाखा चलाए जाने वाला संगठन बताये जाने को
हास्यास्पद बताते हुए कहा कि क्या यह वहीं संघ है जिसके
प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में भाजपा नेता लालकृष्ण
आडवानी को बिना मांगे कई सलाहें दे डाली,
क्या यह वहीं संघ है जिसके स्वयं सेवक
भाजपा संगठन में भेजे जाते हैं?
क्या यह वही संघ है जिसके भाजपा में भेजे गए संगठन महामंत्री
केबिनेट की बैठकों में हिस्सा लेते हैं ?
उसके बावजूद भी सुदर्शन का यह कहना कि
संघ सिर्फ शाला ही चलाता है, सफेद
झूठ ही है। बेहतर तो यही होगा कि संघ परिवार और उसके मुखिया
कहलाए जाने वाले लोग अपनी कूपमंडूक मानसिकता छोड़ देश को
21वीं सदी की चुनौती से जूझने में
सहयोगी बनें।
मध्यप्रदेश देश में
अग्रणी
राज्य बना
परंपरागत रूप से दिसम्बर
2005
तक के सभी वनभूमि कब्जाधारियों को अधिकार
पत्र मिलेगा-नरेन्द्र सिंह तोमर
भोपाल,
25 अगस्त, 09
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नरेन्द्र
सिंह तोमर ने अनुसूचित जनजाति,
परंपरागत वनवासी अधिकार मान्यता कानून के क्रियान्वयन में
मध्यप्रदेश राय के अग्रणी बनने पर राज्य सरकार को बधायी दी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकार
मान्यता कानून के अमल के लिए क्रांतिकारी पग उठाए जिससे बड़ी
संख्या में परंपरागत वन भूमि कब्जाधारियों को अधिकार-पत्र
देकर उन्हें भूमि स्वामित्व का गौरव प्रदान किया जा सका है।
देश के अन्य सभी रायों में जहां वन भूमि अधिकार मान्यता
कानून के अमल में गति भी नहीं आ पायी है,
वहीं मध्यप्रदेश में यह कार्य दिसम्बर,
2009 मासांत तक पूरा करने के लिए
मध्यप्रदेश सरकार कृतसंकल्प है।
नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सभी
रायों में अधिकार-पत्र वितरण की समीक्षा आरंभ की है।
केन्द्रीय आदिवासी मंत्रालय रायवार समीक्षा कर रहा है।
केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मध्यप्रदेश में हुई
प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इसके पूर्व भी मध्यप्रदेश
को इस कार्य में अव्वल निरुपित करते हुए मध्यप्रदेश को मॉडल
राय माना जा चुका है। राय सरकार की पहल प्रशंसनीय हैं।
नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि वन भूमि अधिकार मान्यता
कानून के तहत त्रिस्तरीय प्रक्रिया की जाती है,
जिससे किसी को जायज हक से वंचित न होना
पड़े। तथापि जिन प्रकरणों में स्वीकृति नहीं दी गयी है और
प्रकरण अमान्य कर दिये गये। उन प्रकरणों का पुनरावलोकन करने
का मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है। यह पहल लोकतांत्रिक
प्रक्रिया और संविधान सम्मत अधिकारों की व्यवहारिक व्याख्या
बनेगी। परंपरागत अधिकारों का सम्मान होगा।
नरेन्द्र सिंह तोमर ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में कोई
वनवासी जो परंपरागत रूप से वन भूमि पर खेती करता आ रहा है,
उसे मान्यता अधिकार प्राप्ति से वंचित
नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने
पुख्ता बंदोबख्त किया है, जिससे
वन भूमि अधिकार पत्र के साथ ही आदिवासियों को सिंचाई कूप
बनाने के लिए कपिलधारा योजना में मदद दी जावेगी।
चिकित्सा को बाजारी वस्तु बनाकर केन्द्र सरकार
आम आदमी के साथ खिलवाड़ कर रही है- रामेश्वर शर्मा
भोपाल,
25 अगस्त, 09
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री रामेश्वर शर्मा ने कहा
कि केन्द्र सरकार ने दवा कंपनियों को आम आदमी की जिंदगियों
की कीमत पर अपनी जेबें भरने की छूट दे दी है। सर्वोच्च
न्यायालय ने केन्द्र सरकार को 374
दवाओं को जीवन रक्षक सूची में रखने का आदेश दिया है। इन
दवाइयों के मूल्यों पर नियंत्रण रखने के लिए केन्द्र को कहा
गया था। प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने प्रथम कार्यकाल में
इस कार्य के लिए मंत्रि समूह गठित कर इसे अपनी उपलब्धि बताया
था। लेकिन हकीकत में यह निगरानी तंत्र पांच सालों में दम तोड़
चुका है। इन सभी जीवन रक्षा दवाईयों के मूल्यों में बेतहाशा
वृध्दि होने से इलाज महंगा हो गया है। नतीजन करोड़ों
जिंदगियों से खिलवाड़ हो रहा है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जेनेरिक दवाईयों की जगह
ब्रांडेड दवाईयों के प्रचलन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
इससे मरीजों को दस से बीस गुना अधिक दाम दवाईयों के चुकाना
पड़ रहे हैं। जेनेरिक दवाईयों का पेटेन्ट नहीं होता। ब्रांडेड
दवाईयों का पेटेंट होने से उनकी मुंहमांगी कीमत वसूली जाती
है। इस सारे खेल में केन्द्र सरकार की भूमिका संदेह के घेरे
में आ गयी है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार को जेनेरिक
दवाईयां गांव-गांव,
नगर-नगर तक पहुंचाने की व्यवस्था करना
चाहिए जिससे आम आदमी मल्टीनेशनल दवा निर्माताओं के शोषण से
मुक्त हो सके। दवाईयों के मामले में जिस तरह लूट मची हुई है
और मल्टीनेशनल कंपनियां मरीजों का आर्थिक शोषण कर रही हैं।
इससे लगता है कि संविधान ने आम आदमी को जीने और स्वस्थ्य
रहने का जो अधिकार दिया है,
केन्द्र सरकार ने उसे दवा माफिया के यहां बंधक बना दिया है।
अवर सचिवों की पदस्थापना
राज्य शासन ने मंत्रालय में पदस्थ पाँच अवर
सचिवों की नयी पदस्थापना की है। शासन के आदेशानुसार अवर सचिव
श्री आर.आर.मरावी को स्कूल शिक्षा विभाग से राजस्व विभाग,
श्री लतीफ खान को आदिम जाति, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से
परिवहन विभाग, श्री आर.आर. अहिरवार को सामाजिक न्याय विभाग
से आदिम जाति, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, श्री मन्नू डाबी
को राजस्व विभाग से सामाजिक न्याय विभाग एवं श्री
आर.पी.त्रिपाठी को परिवहन विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में
अवर सचिव पदस्थ किया गया है।
किसानों को सामाजिक सम्मान और आर्थिक कवच से
खाद्य सुरक्षा सशक्त बनेगी- नरेन्द्रसिंह तोमर
भोपाल,
25 अगस्त, 09
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नरेन्द्रसिंह
तोमर ने कहा कि कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण के
लिये देश के अन्नदाता किसान को सामाजिक सम्मान और आर्थिक कवच
सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसान के बलबूते पर ही खाद्य
सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। जिन देशों में खाद्य
सुरक्षा जर्जर हुई है उन्हें अपनी आर्थिक स्वतंत्रता के साथ
सौदा करना पडा है। नरेन्द्रसिंह तोमर बलराम जयंती पर आयोजित
किसान दिवस पर ग्वालियर में 21
किसानों का सम्मान कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता भाजपा के
राष्ट्रीय सचिव प्रभात झा ने की। विवेक नारायण शेजवलकर,
वीर सिंह,
महेन्द्र यादव उक्त अवसर पर उपस्थित थे। समारोह का आयोजन
नंदलालवाल कल्याण समिति द्वारा किया गया। ग्वालियर चंबल अंचल
के हजारों किसानों ने समारोह में भाग लिया। प्रभात झा ने
अध्यक्षीय भाषण में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानी को
लाभ का व्यवसाय बनाने का जो बीड़ा उठाया है वह अनुकरणीय है।
इससे किसानों का गांवों से पलायन रूका है। किसान जैविक खेती
की ओर आकृष्ट हुए है और पूरक धंधों से उनकी माली हालत में
बेहतरी आयी है।
नरेन्द्रसिंह तोमर ने किसानों को श्रीफल और शाल भेंट
करते हुए कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। किसान के जोखिम
को न्यूनतम करके ही उसे कृषि में निवेश के लिये आकर्षित किया
जा सकता है। मध्यप्रदेश सरकार ने फसल बीमा की इकाई को पटवारी
हल्का बनाया है। फसल बीमा योजना में इस तरह संशोधन किया जाना
चाहिए कि फसल लगने से ही उसे आर्थिक कवच प्राप्त है।
मध्यप्रदेश में फसल कर्ज पर
3
प्रतिशत ब्याज आरंभ करके किसानों के
प्रति सरकार ने संवेदनशीलता सुनिश्चित की है। मध्यप्रदेश में
किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जागरूकता के अच्छे
नतीजे आयेंगे। नंदलालवाल कल्याण समिति के संयोजक महेन्द्र
यादव ने अतिथियों का स्वागत किया।
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मंत्रिपरिषद की
बैठक में कृषि को लाभप्रद व्यवसाय बनाने संबंधी कार्यदल की अनुशंसाओं का
प्रस्तुतिकरण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हलधर जयंती पर किसान दिवस को
सार्थक करते हुये मंत्रिपरिषद की बैठक हुई जिसमें कृषि को लाभप्रद व्यवसाय बनाने
संबंधी कार्यदल की अनुशंसाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया। प्रस्तुतिकरण के समय इस
कार्यदल के सभी शासकीय सदस्य उपस्थित थे। प्रस्तुतिकरण में कार्यदल की अनुशंसाओं
को क्रियान्वयन योग्य बिन्दुओं के रूप में प्रस्तुत किया गया। इनमें प्रमुख
बिन्दु इस प्रकार हैं-
प्रत्येक गाँव में दो-चार अच्छे किसानों को जैविक खेती के लिये प्रोत्साहित किया
जाये और इस प्रकार प्रदेश में जैविक खेती का विस्तार किया जाये।
सभी किसानों को soil helth card
दिये जाये जिसमें सभी प्रमुख और सूक्ष्म तत्वों की जानकारी हो।
प्रत्येक फसल मौसम के पहले कृषि विज्ञान मेले का आयोजन सुनिश्चित किया जाये।
फल, सब्जी, मसाले और पुष्प उत्पादक किसानों के एसोसियेशन और प्रोड्यूसर कंपनियों
का गठन करवाया जाये।
दूध, सहकारी समितियों की तरह सब्जियों के रूट निर्धारित किये जाये।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा चिन्हित सात प्राथमिकताओं पर प्रभावी कार्यवाही
करने की दृष्टि से स्थायी कार्यदल गठित किये गये हैं। कृषि को लाभप्रद व्यवसाय
बनाने संबंधी कार्यदल उनमें से एक है। मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री श्री
चौहान के निर्देश पर इस कार्यदल की कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मछली पालन और
उद्यानिकी विभाग संबंधी अनुशंसाओं के आधार पर कार्ययोजना का निर्धारण किया जाकर
प्रस्तुतिकरण किया गया।
प्रो पेठिया का कार्पोरेट मैनेजमेंट इंस्टीटयूट हेतु प्रस्थान
भोपाल
25
अगस्त, 09। प्रो ब्रम्ह प्रका
श
पेठिया,
निदेशक,
भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल
ने दिल्ली में एक कार्पोरेट मैनेजमेंट इन्स्टीटयूट के निदेशक
का पद ग्रहण करने हेतु अपना त्याग पत्र दे दिया है उनका त्याग पत्र भारत सरकार
द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। श्री आरबीलाल जो मणिपुर कैडर के 1975
बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं,
अगले सप्ताह प्रो, ब्रम्ह प्रकाश
पेठिया से पदभार ग्रहण करेंगे।
मौसम
भोपाल
25
अगस्त, 09। मौसम विभाग से प्राप्त
जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के
रीवा, जबलपुर,
ग्वालियर संभाग के जिलों में कुछ
स्थानों पर तथा शेष संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हुई।
मौसम केन्द्र के
अनुसार अगले
24 घंटों के दौरान प्रदेश
के जबलपुर, रीवा, सागर,
इन्दौर, भोपाल,
होशंगाबाद
संभागों के जिलों में कुछ
स्थानों
पर शेष संभागों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज चमक के साथ बाैछारे पडने की
संभावना है।
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