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फैक्टरी में धमाका,
10 की मौत
सिंगरौली, मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला में
स्थित एक विस्फोटक फैक्टरी में रविवार देर शाम भीषण धमाके से
10 की मौत हो गई है। इसमें सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार सिंगरौली जिले की बैढ़न कोतवाली क्षेत्र
के बलियरी गांव में स्थित राजस्थान एक्सप्लोसिव एंड केमिकल
कंपनी में धमाके से आसपास के कई कच्चे व पक्के मकान धराशायी
हो गए। इस क्षेत्र में बारूद बनाने वाली कई कंपनियां हैं।
धमाके के चलते बगल में ही स्थित तीन गैस कारखानों के संयंत्र
भी लीक होना शुरू हो गए। इसके चलते हवा में जहरीली गैस घुलने
लगी।
जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। काफी
मशक्कत के बाद पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने शवों और
घायलों को बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया
गया है। हादसे में करीब दो दर्जन लोगों के मरने की बात कही
जा रही है। लेकिन प्रशासन ने नौ लोगों के मरने की ही पुष्टि
की है। इस भीषण हादसे में अभी और लोगों के हताहत होने की
संभावना जताई जा रही है।
शासकीय कालेजों में अब
25
जुलाई तक प्रवेश होंगे
भोपाल,
5 जुलाई।
मध्यप्रदेश में पिछले वर्ष हुये चुनावों के कारण परीक्षा
परिणामों में हुए विलंब को देखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री
श्रीमती अर्चना चिटनीस की पहल पर शासकीय कालेजों में प्रवेश
की तिथि को बढ़ाकर अब
25
जुलाई कर दिया गया है। पूर्व में यह तिथि
1 जुलाई थी।
श्रीमती अर्चना चिटनीस ने हाल में इस संबंध में राज्यपाल
श्री रामेश्वर ठाकुर से मुलाकात कर प्रदेश के छात्रों के हित
में प्रवेश की तिथि में वृध्दि किये जाने पर उनसे सहमति
प्राप्त की थी। कालेजों में प्रवेश की तिथि में वृध्दि किये
जाने के बाद श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा है कि
विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय स्तर पर अकादमिक कैलेण्डर का
पालन सुनिश्चित रूप से होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट
किया कि छात्र-छात्राएं इस अवधि में प्रवेश हेतु अपना आवेदन
महाविद्यालय में अवश्य जमा कर दें। इसके बाद प्रवेश की तिथि
में कोई वृध्दि नहीं की जायेगी।
श्रीमती अर्चना चिटनीस ने यह भी कहा है कि जिन विद्यार्थियों
के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुये हैं,
उन्हें प्रोविजनल एडमिशन (अस्थाई प्रवेश)
दिया जायेगा। अत: उन्हें भी शीघ्र औपचारिकताएं पूरी कर कॉलेज
में प्रवेश प्राप्त कर लेना चाहिए।
मध्यप्रदेश की सबसे लंबी सिंचाई सुरंग के निर्माण की तैयारी
अमेरिका निर्मित विशेष मशीन से बनेगी
12
कि.मी. लंबी सुरंग
बरगी डायवर्जन परियोजना की मुख्य नहर पर प्रदेश की अब तक की
सबसे लंबी सिंचाई सुरंग का निर्माण निकट भविष्य में आरंभ
होगा।
12
कि.मी. लंबी और 10
मीटर व्यास की इस नहर से 153
घन मीटर पानी प्रति सैकण्ड प्रवाहित होकर
गंगा कछार में पहुंचेगा। नर्मदा और गंगा कछार को जोड़ने वाली
इस टनल से नर्मदा का पानी कटनी,
रीवा और सतना जिलों में 1 लाख
90 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की
सिंचाई के लिये उपलब्ध कराया जायेगा। ज्ञात हो कि बरगी
डायवर्जन परियोजना की मुख्य नहर की प्रस्तावित लंबाई
194 कि.मी है। अब तक 104
कि.मी. तक मुख्य नहर का निर्माण हो चुका
है। मुख्य नहर पर 104 से
116 कि.मी. के मध्य जटिल पहाड़ी क्षेत्र
को पार करने के लिये 12 कि.मी.
लंबी टनल का निर्माण किया जायेगा। तकनीकी रूप से अत्यंत कठिन
और चुनौतिपूर्ण कार्य के लिये निर्माण कंपनी द्वारा अमेरिका
से विशेष टनल बोरिंग मशीन आयात की जा रही है। अमेरीकी कंपनी
टनल निर्माण के लिये चिन्हित क्षेत्र की भौगोलिक व भूगर्भीय
स्थिति का अध्ययन कर इस कार्य विशेष के लिये टनल बोरिंग मशीन
(टी.बी.एम.) का निर्माण कर रही है। लगभग 200
करोड़ रूपये की लागत वाली यह टी.बी.एम
मशीन 12 कि.मी. लंबी सुरंग की
खुदाई के साथ ही सतह की कांक्रीट लाईनिंग का कार्य भी करेगी।
सुरंग खुदाई के बाद इस मशीन को पुन: उपयोग के लिये सही सलामत
बाहर नही निकाला जा सकेगा। इस प्रकार टनल खुदाई के बाद यह
मशीन अनुपयोगी हो जाएगी। मध्यप्रदेश की इस सबसे लंबी सुरंग
के निर्माण पर 799 करोड़ रूपये का
व्यय अनुमानित है।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के सदस्य अभियांत्रिकी व्ही.के
भाटिया ने बताया कि इस टनल का निर्माण बरगी डायवर्जन
परियोजना के तृतीय चरण में सम्मिलित है। इस चरण पर लगभग
1294.52 करोड़ रूपये का व्यय होगा है।
श्री भाटिया ने बताया कि बरगी डायवर्जन परियोजना पूरा हो
जाने पर इससे जबलपुर, कटनी,
सतना, रीवा,
जिलों में 2
लाख 45 हजार हेक्टेयर सिंचाई
क्षमता बनेगी।
युवा वर्ग दुखीजनों की मदद करने में रूचि लें : राज्यपाल
श्री ठाकुर
भोपाल,
5 जुलाई।
राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर ने आज यहां इंदिरा गांधी
राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के सभागार में राष्ट्रीय युवा
शिविर का शुभारम्भ करते हुए युवा वर्ग का आव्हान किया कि
समाज के दुखीजनों की मदद करने में रूचि लें। हाल ही में
सम्पन्न लोकसभा चुनावों में बड़ी संख्या युवाओं के भाग लेने
तथा सांसद चुने जाने का हवाला देते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि
अब देशवासी युवा शक्ति पर अधिक भरोसा करने लगे हैं। इसलिए
युवा वर्ग की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि देश की एकता और
अखंडता को चिर-स्थाई बनाये रखने के लिए निरंतर सक्रिय रहकर
कार्य करें और नव निर्माण के लिए आगे आएं।
राज्यपाल श्री ठाकुर ने विभिन्न राज्यों से शिविर में आये
युवाओं का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विविध
पृष्ठभूमि और विविध स्थानों को एक दूसरे से सीखने और मेल जोल
बढ़ाने का अवसर देते हैं। इससे विभिन्न संस्कृतियों और
समुदायों के बारे में युवा वर्ग को बेहतर जानकारी मिलती है
और उनकी समझ बढ़ती है। युवा वर्ग को देश और समाज के भविष्य का
कर्णधार निरूपित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता
संग्राम सेनानियों के खुशहाल राष्ट्र के स्वप्न को साकार
करने का दायित्व युवा शक्ति का है। पंडित जवाहरलाल नेहरू का
स्मरण करते हुए श्री ठाकुर ने बताया कि एक बार बहुत बारिश के
कारण गंगा नदी में कहर आया उस समय हम सबने तत्कालीन
राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद और जगजीवनराम जैसे समर्पित
लोगों के साथ पीड़ितों की मदद के लिए तन्मय होकर कार्य किया।
उस समय पंडित नेहरू ने पीड़ितों की मदद और सेवा के लिए युवा
वर्ग का आव्हान किया और युवा वर्ग ने उनकी आशाओं के अनुरूप
सेवा कार्य को पूर्ण किया।
राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर ने कहा कि पंडित नेहरू और उसके
बाद श्रीमती इंदिरा गांधी और श्री राजीव गांधी ने देश के
विकास में युवा शक्ति की भागीदारी की जो कल्पना की थी,
वह आज पूरी होती नजर आ रही है। गांवों
में युवाओं को संगठित कर जागरूक बनाने की जरूरत बताते हुए
राज्यपाल ने युवाओं को आतंकवाद और नकस्लवाद जैसी स्थितियों
के बीच गुमराह होने से बचाने के लिए इन्हें सामाजिक और
रचनात्मक कार्यों में अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने पर बल
दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में आतंकवादी और नकस्ली
संगठनों द्वारा लोकसभा और विधान सभा की अपील को ठुकराते हुए
जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है,
लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छे संकेत
हैं। देश में अनेकता के बावजूद भारतीयता की पहचान को कायम
रखने की जरूरत बताते हुए राज्यपाल ने अलगाववादी विचारधारा और
संकीर्णता वादी मान्यताओं से बचने को महती आवश्यकता
प्रतिपादित की। राष्ट्रीय एकता शिविर के आयोजन को युवाओं के
लिए कुम्भ निरूपित करते हुए राज्यपाल श्री ठाकुर ने युवाओं
से आग्रह किया कि इस अवसर का पूरा लाभ अवश्य उठायें,
अनुशासन का महत्व समझें,
अपनी बात अहिंसात्मक और लोकतांत्रिक
माध्यमों से कहें, महात्मा गांधी
के अहिंसा के मार्ग को अपनाएं,
ग्रामीण अधो-संरचना विकास में गरीब ग्रामीणों का हाथ बटाएं,
महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को
रोकें और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा सामाजिक
कुरीतियों के विरूध्द रचनात्मक वातावरण तैयार करें और बढ़ती
आबादी को रोकने के लिए सशक्त अभियान चलाएं।
प्रारम्भ में राज्यपाल श्री ठाकुर ने प्रथम प्रधानमंत्री
स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर मार्ल्यापण किया
और दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। इंदिरा गांधी
मानव संग्रहालय की ओर से अतिथियों को संग्रहालय का
''लोगो''
और स्मृति चिंह भेंट किये गये। संग्रहालय
के निदेशक श्री विकास भट्ट ने अतिथियों और युवा वर्ग का
स्वागत करते हुए गतिविधियों की जानकारी दी। राजीव गांधी
प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष त्रिवेदी
ने देश और समाज के नव-निर्माण में युवा वर्ग की उपयोगिता
प्रतिपादित की। विश्व भारती शांति निकेतन,
पश्चिम बंगाल के कुलपति प्रो. आर.के. रे
ने देश में ााचीन सभ्यता के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों
की सराहना की। अंत में नेहरू युवा केन्द्र के मंडल निदेशक
श्री अरूण सरावगी ने अतिथियों का आभार प्रदर्शित किया।
गांवों के डॉक्टरों को अब विशेष वेतन-भत्ता
मुख्यमंत्री का ऐलान,
कैंसर विशेषज्ञों का सम्मान
प्रदेश के ऐसे डॉक्टर जो ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी
सेवाएं देंगे,
उन्हें शासन की ओर से विशेष वेतन एवं
भत्ता दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने
यह ऐलान करते हुए कहा कि चिकित्सा सहित समस्त क्षेत्रों में
जनता, समाज एवं सामाजिक संस्थाओं
की सक्रिय भागीदारी से मध्य प्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा।
वे आज रविवार को आर.डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज में आयोजित पाँच
दिवसीय कैंसर निदान शिविर के समापन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने इस मौके पर कैंसर विशेषज्ञों का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आर.डी. गार्डी मेडिकल
कॉलेज में कैंसर उपचार केन्द्र खोले जाने के सम्बन्ध में
शासन द्वारा आवश्यक सहयोग एवं सहायता दी जायेगी। उन्होंने
सफल कैंसर शिविर आयोजन के लिये आयोजन समिति सांईधाम समिति के
संरक्षक अप्रवासी भारतीय श्री गंगाधर जसवानी के विशेष योगदान
की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि इस तरह के प्रयास
निरन्तर होंगे। उन्होंने अप्रवासी भारतीयों का आव्हान किया
कि वे विदेश में न रहकर भारत में ही रहें तथा भारत को अपनी
प्रतिभाओं का पूरा लाभ दें। उन्होंने हिन्दी गाने की यह
पंक्ति भी दोहराई-
'घर
आ जा परदेसी तेरा देश बुलाये रे।'
स्वागत का पाखंड नहीं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वयं का स्वागत न करवाते हुए
उज्जैन की जनता का स्वागत करते हुए प्रतीक रूप में गुलदस्ता
श्री गंगाधर जसवानी को भेंट किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से
कहा कि प्रदेश में स्वागत का पाखंड बन्द होना चाहिये। स्वागत
उसी का किया जाना चाहिये जो उत्कृष्ट कार्य करे। कार्यक्रम
के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा सांईबाबा के
चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा दीप प्रज्जवलन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा कैंसर निदान
शिविर में अपनी सेवाएं देने वाले कैंसर विशेषज्ञों डॉ.
एन.के. शुक्ला डायरेक्टर एम्स दिल्ली,
डॉ. दिनेश पेंढारकर दिल्ली एवं डॉ. रमेश
देशपांडे मुम्बई का पुष्पगुच्छ,
श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष
श्री बाबूलाल जैन ने बताया कि पाँच दिवसीय कैंसर निदान शिविर
में लगभग 200 मरीजों का परीक्षण
कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई। डॉ.एन.के. शुक्ला
ने अपने उद्बोधन में कैंसर रोग के बचाव एवं निदान के विषय
में जानकारी दी। स्वागत भाषण श्री गंगाधर जसवानी ने दिया।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन के अलावा
अन्य प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी मौजूद थे।
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