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बी.ओ.टी. योजनांतर्गत सतना-चित्रकूट मार्ग
दो-लेन बनेगा
74.13 कि.मी. लम्बे इस मार्ग का निर्माण 124.24 करोड़ रूपये की
लागत से होगा
राज्य सरकार ने देश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल चित्रकूट जाने वाले
श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिये सतना-चित्रकूट मार्ग को बी.ओ.टी.
योजनांतर्गत दो-लेन तक चौड़ा करने का निर्णय लिया है। इस 74.132 किलोमीटर लम्बे
मार्ग का निर्माण 124.24 करोड़ रूपये की लागत से डी.वी.एफ.ओ. (डिजाइन बिल्ट
फाइनेंस आपरेट) पद्धति पर विकसित किया जायेगा। सतना-चित्रकूट मार्ग के दो लेन तक
चौड़ा बन जाने से चित्रकूट, इलाहाबाद, मैहर, बांधवगढ़ आदि तीर्थ एवं पर्यटन
स्थलों का भ्रमण करने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को काफी सुविधा होगी और वे
उक्त स्थलों की यात्रा सुगमतापूर्वक कर सकेंगे।
राज्य मंत्रिपरिषद ने हाल ही में बी.ओ.टी. योजनांतर्गत सतना-चित्रकूट मार्ग को
दो-लेन मार्ग में परिवर्तित करने की अपनी स्वीकृति प्रदान की है। मध्यप्रदेश रोड
डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा इस मार्ग की तैयार फीजिविलिटी रिपोर्ट के आधार पर
मार्ग का निर्माण निजी क्षेत्र के सहयोग से किया जावेगा। मार्ग हेतु कन्सेशन की
अवधि 25 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें निर्माण अवधि सम्मिलित है। इस मार्ग पर
प्रस्तावानुसार टोल दरें तथा इनमें प्रतिवर्ष थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर
वृद्धि लागू होगी। इस मार्ग के लिये पूर्व में डी.बी.एफ.ओ. पद्धति पर विकसित की
जाने वाली परियोजनाओं हेतु राज्य शासन द्वारा अनुमोदित कन्सेशन अनुबंध को
प्रयुक्त करने की अनुमति प्रदान की गई है। बायलिटी गेप फण्डिंग (व्ही.जी.एफ.) की
स्वीकृति के लिये भारत सरकार द्वारा सुझाये संशोधन, अनुबंध में समाहित करने की
अनुमति मंत्रिपरिषद ने प्रदान की है।
सतना चित्रकूट मार्ग को दो लेन तक चौड़ीकरण करते हुये 1.50 मीटर के हार्ड शोल्डर
का निर्माण, शहरी क्षेत्र में आवश्यकतानुसार 16.76 कि.मी. लम्बे मार्ग में पेव्हड
शोल्डर तथा 3.30 कि.मी. मार्ग को चार लेन तक चौड़ा किया जायेगा। इस मार्ग में 101
पुलियाओं तथा एक पुल का निर्माण/पुनर्निर्माण किया जायेगा और एक पुल का निर्माण
नये सिरे से होगा। इस मार्ग में 4.65 कि.मी. लम्बा मझगवां बायपास निर्मित किये
जाने के साथ ही दो टोल प्लाजा बनाये जायेंगे।
इस बार
16
की जगह 15 दिन का श्राद्ध पक्ष
उज्जैन,
01 जून, डॉ अरूण जैन। मान्यता और
परंपरा के अनुसार श्राद्ध पक्ष को सोलह दिन का माना जाता है,
लेकिन पंचांग तिथियों की घट-बढ़ के कारण इसके दिन कम - ज्यादा
होते रहते है,। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष पंद्रह दिन का
रहेगा। अनंत चतुर्दशी के बाद पूर्णिमा से शुरू होने वाला श्राद्ध पक्ष सर्वपितृ
अमावस्या को पूर्ण होता है। इसमें पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक के बीच सोलह
तिथियों के अनुसार श्राद्ध किया जाता है। इस बार दो तिथियों के एक साथ आने के
कारण श्राद्ध पख पंद्रह दिन (4 से 18
सितंबर तक) का होगा। यह स्थिति द्वादशी और त्रयोदशी को एक साथ
होने से निर्मित हुई है। ज्योतिशाचार्य
और पंडितों के अनुसार तिथियों के क्षय होने या बढ़ने से श्राद्ध पक्ष के दिन कम
जयादा होते है। इसका परंपराओं पर कोई खास असर नही होता है।
स्थापना और उत्पादन सम्मति प्रकरणों का
तकनीकी प्रस्तुतीकरण अब उद्योगों के साथ-साथ खदानों में भी होगा
राज्य में वृहद एवं मध्यम श्रेणी के उद्योग और संस्थानों के जल एवं वायु अधिनियम
के अन्तर्गत स्थापना और उत्पादन सम्मति के प्रकरणों में निर्णय लेने की प्रक्रिया
को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
ने प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय गुरूवार को मुख्यालय के समस्त संबंधित
अधिकारियों के समक्ष उद्योग अथवा संस्थान के प्रतिनिधि से पॉवर प्वाईन्ट पर
तकनीकी प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया लागू की है।
सामान्यत:उद्योगों की स्थिति खदानों से भिन्न होती है। अत: माह सितंबर 2009 से
प्रकरणों की प्रकृति के अनुसार उद्योगों तथा खदानों हेतु पृथक-पृथक दिन तकनीकी
प्रस्तुतीकरण किये जायेंगे। उद्योगों के तकनीकी प्रस्तुतीकरण पूर्ववत प्रत्येक
माह के प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को होंगे। खदानों के तकनीकी प्रस्तुतीकरण
प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शुक्रवार को किये जाने की व्यवस्था की गई है।
मध्यप्रदेश में महिलाओं को समान पारिश्रमिक
मध्यप्रदेश में महिला श्रमिकों को सभी श्रम कानूनों में पुरूष श्रमिकों की भांति
ही संरक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976
लागू है।
समान पारिश्रमिक अधिनियम के तहत समान कार्य के लिए लिंग भेद के आधार पर
महिलाकर्मियों को पुरूषों से कम मजदूरी भुगतान पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी तरह
रोजगार में भर्ती के दौरान महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता है। भर्ती
में नियोजक को पुरूषों के समान ही महिलाओं को अवसर देना आवश्यक है। महिलाओं को
नियोजन में बराबरी के अवसर दिए जाने के साथ ही उनके लिए प्रशिक्षण एवं स्थानांतरण
में भेदभाव नहीं किया जा सकता है।
महिलाओं के रोजगार में वृद्धि करने के उपाय खोजने के लिए भी इस अधिनियम के तहत एक
राज्य स्तरीय समिति का गठन राज्य शासन द्वारा किया गया है। यह समिति विभिन्न
क्षेत्रों में जांच कर शासन को सलाह देती है कि किन-किन क्षेत्रों में महिलाओं के
लिए रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते हैं।
53 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा
प्रतियोगिता खण्डवा में शुरू
शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर आयोजित की
जाने वाले 53 वीं शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का खंडवा में शुभारंभ हुआ। इस मौके
पर पुलिस अधीक्षक योगेश देशमुख ने प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों को शपथ दिलाई। सभी
संभागों से आए खिलाड़ी, कोच एवं मेनेजर ने राष्ट्रीय भावना के साथ खेल को बढ़ावा
देने की शपथ ली।
मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री देशमुख ने प्रतिभागियों को खेल के नियमों में
रहकर राष्ट्र की उन्नति और सम्मान के लिए खेलों की शपथ दिलाई। इस मौके पर राज्य
स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेनेे के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा,
ग्वालियर, जबलपुर, सागर संभाग के 753 खिलाड़ियों का टेबलटेनिस, बेडमिटन और बाल
बेडमिंटन प्रतियागिताओं के लिए पंजीयन किया गया। इनमें 336 लड़के एवं 317
लड़कियां शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के साथ उनके कोच और अधिकारी भी पहुंचे हैं
इनकी संख्या 85 है।
समारोह के बाद पहला मैच 14 वर्ष आयु समूह में इन्दौर और भोपाल संभाग की टीमों के
बीच खेला गया। यह प्रतियोगिताएं निमाड़ क्लब नर्सरी, रेल्वे इंस्टीट्यट और
महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला में खेली जा रही है। प्रतियोगिता का समापन पांच
सितम्बर को होगा।
स्टाक सीमा की घोषणा कभी भी
भोपाल। प्रदेश सरकार ने दालों और तिलहनों पर स्टाक लिमिट लागू
करने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली है, जिसकी घोषणा प्रदेश सरकार जल्द से जल्द
करने पर विचार कर रही है, ताकि आगामी त्योहारी सीजन पर आम जनता को दाल-तिलहन
सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जा सकें।
प्रदेश में दालों और तिलहनों पर स्टाक लिमिट लगने की संभावनाओं के चलते बाजार में
दाल और खाद्य तेलों में भारी मात्रा में बिकवाली और निकासी शुरू हो गई है।
व्यापारी नया माल नहीं मंगा रहे हैं और मिलें लगातार बेचवाल बनी हुई हैं।
व्यापारी, स्टॉकिस्ट अपना स्टॉक हलका करने में लगा है, बाजार में लेवाल नहीं होने
से भावों में भारी गिरावट बनी है। व्यापारिक अनुमान के मुताबिक मध्यप्रदेश की 700
से ज्यादा दाल मिलों में लेवाली कमजोर होने से 70 फीसदी से ज्यादा का कारोबार कम
हो गया है। मांग कमजोर होने के बाद जो चना 2400 से 2600 रुपए बिक रहा था, उसका
भाव आज 2000 से 2050 रुपए क्विंटल बोला जा रहा है। वहीं आज स्टॉक पर लिमिट लगने
की अफवाह चलने से आज घवराहट पूर्ण बिकवाली से दालों के भावों में भारी गिरावट
दर्ज कि गई। हनुमान गंज बाजार में तुवर दाल में 200 रुपए, मूंग में 100 रुपए तथा
चना और मसूर में 50 रुपए कि गिरावट दर्ज की गई। वहीं महाराष्ट्र में तुवर दाल के
बेचवाल 60 रुपए में तथा पिपरीया में तुवर का कारोबार 58 रुपए में होना बताया गया।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्रदेश की प्रमुख फसल होने के कारण चने को स्टाक
लिमिट से छूट मिल सकती है, लेकिन बाकी सभी दालों की स्टाक लिमिट 1000 क्विंटल के
दायरे में सिमट सकती है। आगे त्योहारों का मौसम देखते हुए सरकार फुटकर
व्यापारियों पर ज्यादा दबाव बनाना नहीं चाहती, परंतु फिर भी उनकी हद 20 से 50
क्विंटल के बीच तय की जा सकती है।
आज भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर तथा ग्वालियर के व्यापारी भी इस स्टाक सीमा के
दबाव में भारी मात्रा में बेचवाल बने रहे। यहां तक कि अनाज मंडियों में भी किसानी
मालों की जहां आवक कम रही, वहीं खरीददार व्यापारी भी गायब रहे।
गौरतलब है कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक आदि राज्यों में दाल व तिलहन
पर स्टॉक लिमिट लागू होने की खबरों के बाद अब मध्यप्रदेश के व्यापारियों को यहां
भी स्टाक लिमिट लागू होने की आशंका है। शकर के मामले में हुई उलझन को देखकर
व्यापारी दाल व तेलों में स्टाक का रिस्क नहीं ले रहा है और वे स्टॉक का माल
निकालने में लग गए हैं। सोयाबीन की अच्छी फसल के लिए अभी भी बारिश की आवश्यकता
है, नहीं तो उत्पादन में 10 फीसदी की कमी आने की आशंका है। हालांकि बाजार में पाम
तेल की उपलब्धता बढ़ने से सोया तेल में लंबी तेजी की उम्मीद कम नजर आ रही है।
विश्व बाजार में भी तेल की उपलब्धता सुगम बताई जा रही है। सोयाबीन तेल में लंबी
तेजी के आसार कम हैं। इसका प्रमुख कारण विदेशों से तेलों का आयात भारी मात्रा में
होना है। प्रदेश में जिस मात्रा में तेल का उत्पादन हो रहा है, उसके मुकाबले में
प्रदेश में तेल की निकासी नहीं हो रही है। बाजार सूत्र चालू तेल वर्ष में भी 75
लाख टन से अधिक तेल का आयात होने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।
तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में भाजपा के प्रति भारी उत्साह
कांग्रेस की पांच दशक की विफलता की भरपायी भैयाराम पटेल के विधायक चुने जाने पर
चार वर्षों में पूरी की जायेगी- शिवराजसिंह चौहान
भोपाल
1
सितम्बर, 09 मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि
कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में किसानी को लाभदायी बनाने के लिये मध्यप्रदेश में जो
ठोस पहल हुई है उसके नतीजे जल्दी ही गांवों की समृध्दि और किसानों की खुशहाली के
रूप में सामने आ रहे है। शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि पिछले पांच दशकों में
कांग्रेस की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र पिछडा है। भाजपा प्रत्याशी भैयाराम पटेल
के विजयी होने पर यह कमी आगामी चार वर्षो में पूरी कर दी जायेगी। शिवराजसिंह
चौहान ने तेन्दूखेडा विधानसभा क्षेत्र लिंगा से चुनावी प्रचार और जनसंपर्क दौरा
आरंभ किया। उन्होंने बरमान खुर्द, चावरपाठा,
सुकवारा, कासीखेडा और महंगवा में
खुशनमा मौसम के बीच भीड भरी जनसभाओं को संबोधित किया। क्षेत्र में लंबे अंतराल के
बाद आयी बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए थे। मुख्यमंत्री की सभाओं में उमडे
जनसैलाब के उत्साह पर प्रहलाद पटेल ने कहा कि क्षेत्र की जनता आंचलिक विकास के
मंच पर एक सुर में बोल रही है। क्षेत्र की उपेक्षा अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी
और भाजपा के प्रत्याशी की विजय सुनिश्चित होगी। संजय शर्मा,
उत्तमचन्द्र लूणावत, शंकर पटेल ने
भी सभाओं को संबोधित किया।
शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की उत्पादन की लागत कम करके खेती
को आर्थिक दृष्टि से लाभकारी बनाने के लिये समर्पित है। इसके लिये सामान्य पुस्तक
परिपत्र में संशोधन किया गया है। प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों और पशुपालकों
को मिलने वाली लागत में चार गुनी वृध्दि की गयी है। नरसिंहपुर जिले में खेतों में
बहकर आने वाली रेत ने कहर बरपाया है। जिन किसानों के खेतों में रेत के आ जाने से
उर्वरा शक्ति पर संकट आया है वे राहत के पात्र होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगीकरण की रफ्तार बढेगी
शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि भाजपा का मिशन हर हाथ को काम देने का है। इसलिए
खेती को लाभदायक बनाने के अलावा गांव गांव में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाये
जायेंगे। कृषि और वन आधारित उद्योगों की संभावनाओं को धरातल पर लाकर पांच वर्षो
में मध्यप्रदेश को स्वर्णिम् प्रदेश बनाकर ही दम लेंगे। शिवराजसिंह चौहान के
चुनावी प्रवास के दौरान कार से चुनावी प्रवास में गांव गांव में शिवराजसिंह चौहान
का स्वागत किया गया। छात्र छात्राओं ने मामाजी कहकर जब संबोधित किया तो आत्मीयता
टपक रही थी। आदिवासी बहुल ग्रामीण अंचल के परिवार अपनी परंपरागत वेशभूषा में बडी
संख्या में सभाओं में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति और उत्साह को देखते हुए भैयाराम
पटेल के समर्थन में बह रही बयार का संकेत मिलता है।
गुटबाजी की चोंट से घायल हुए दिग्विजय सिंह - भूपेन्द्र सिंह विजेन्द्रसिंह
भोपाल
1
सितम्बर, 09 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व
सांसद भूपेन्द्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष विजेन्द्रसिंह
सिसोदिया ने कहा कि राजगढ में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव और पूर्व
मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पत्थर से पहुंची। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने
उनसे सौजन्यता पूर्वक कुशल क्षेम पूछा तथा वास्तविकता जानने की विनम्र कोशिश की
है। भूपेन्द्र सिंह, सिसोदिया ने कांग्रेस के इस आरोप
को हास्यास्पद बताया कि पुलिस आरक्षक की लाठी से उन्हें चोट पहुंची है। उन्होंने
कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन, धरना प्रदर्शन का
हर नागरिक को अधिकार है, लेकिन ऐसे अवसरों पर आंदोलन
काबू से बाहर न हो जाये, यह ऐहतियात बरतना भी आयोजकों
का धर्म है, इसमें आयोजन के विफल रहे है। कार्यकर्ताओं
द्वारा की गयी पत्थरबाजी कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम रही है। राजगढ तो
पहले ही सूखाग्रस्त घोषित हो चुका है। ऐसे में धरना आंदोलन पर तो पहले ही सवाल उठ
चुका था।
वास्तविकता यह है कि दिग्विजय सिंह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की पत्थरबाजी
का शिकार बने। भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
मध्यप्रदेश के दस वर्षो तक मुख्यमंत्री रहे है। बिजली की कमी और अभावग्रस्तता तो
उन्हीं की देन है। इस मामले में कांग्रेस अथवा दिविजय सिंह को तो बोलने का भी
नैतिक अधिकार नहीं है। प्रदेश में सूखाराहत के प्रति कांग्रेस कतई गंभीर नहीं
रही। दिविजय सिंह ने भी कोई संवेदनशीलता का परिचय नहीं दिया। मध्यप्रदेश में
पिछले पांच वर्षो में जो राहत दी गयी उसकी तुलना में दिग्विजय सिंह की सरकार
द्वारा दी गयी राहत कही मेल नहीं खाती है।
भाजपा नेताओं
ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में शांति,
कानून व्यवस्था प्रभावित करना चाहती है,
लेकिन प्रदेश कानून व्यवस्था से खिलवाड करने का किसी को
इजाजत नहीं दी जायेगी।
उन्होंने कहा
कि मध्यप्रदेश में माननीय दिविजय सिंह लगातार
10
वर्षो तक मुख्यमंत्री और इसके पहले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे है। कदाचित ही
कोई सरकारी कर्मचारी होगा जो उनसे परिचित नहीं होगा। ऐसे में यह कहना कि उन पर
लाठी भांजी गयी, कल्पना के परे और हास्यास्पद ही है।
ऐसे में कांग्रेस द्वारा की जा रही बयानबाजी और न्यायिक जांच की मांग का औचित्य
नहीं है। स्वयं दिग्विजय सिंह भी ऐसी कोई मांग नहीं कर रहे है इससे कांग्रेस की
गुटबाजी उजागर होती है और घटना की असलियत भी बेनकाब होती है।
कांग्रेस और महंगाई एक सिक्के के दो पहलू - नरेन्द्रसिंह तोमर
भोपाल
1
सितम्बर, 09 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और
सांसद नरेन्द्रसिंह तोमर ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में 6
वर्षो तक पूर्ववर्ती एनडीए सरकार ने विपरीत परिस्थितियों के
महंगाई को काबू में रखा। कारगिल युध्द में विजय प्राप्त की। आम धारणा है कि
युध्दकाल में महंगाई बढ़ती है, लेकिन एनडीए ने अपने
कार्यकाल में महंगाई को काबू में रखा। कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने एनडीए सरकार को
रोबस्ट इकॉनामी (गुलाबी अर्थव्यवस्था) विरासत में सौंपी थी। जिस पर संसद में
प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की थी,
लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने पांच वर्षो
में देश की अर्थव्यवस्था को डिफिसिट में बदल दिया और महंगाई ने आम आदमी की कमर
तोड़ दी है। इससे साबित होता है कि महंगाई और कांग्रेस का चोली दामन का रिश्ता है,
दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है। नरेन्द्रसिंह तोमर आज
तेन्दूखेडा क्षेत्र के फुलरी, चितोरा,
करपगांव, बंदेसुर,
कनवास आदि ग्रामों में चुनाव सभाओं को संबोधित कर रहे थे।
नरेन्द्रसिंह
तोमर ने कहा कि गत विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में नरसिंहपुर जिले की जनता ने
कांग्रेस को समर्थन दिया है,
लेकिन प्रगति की दौड में जिला पिछड़ गया है। विकास की मुख्य
धारा में लाने के लिये मतदाता विधानसभा उपचुनाव में भैयाराम पटेल को विजयी बनाएं
और क्षेत्रीय विकास का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री
शिवराजसिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को स्वर्णिम राय बनाने का सपना संजोया है।
तेन्दूखेडा क्षेत्र के मतदाता भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाएं। इससे वे विकास
की मुख्य धारा से जुडेंगे।
तोमर ने कहा
कि कांग्रेस की नीतियों के कारण पांच दशकों से किसान छला जा रहा है। किसान से
गन्ना सस्ते में खरीदा जाता है लेकिन आज शक्कर के भाव तीस रूपये किलो से ऊपर
पहुंच रहे है। नरसिंहपुर क्षेत्र में तुअर की फसल होती है किसानों को इसका उचित
मूल्य नहीं मिलता,
लेकिन उसी तुअर से बनने वाली दाल आज सत्तर से अस्सी रूपये
किलो बिक रही है। कांग्रेस की नीतियों के कारण किसान वंचित हो रहा है। इस अंधेर
गर्जी के पीछे कांग्रेस की गलत आर्थिक नीतियां है। प्रधानमंत्री सूखा और महंगाई
पर कोरी चिंता व्यक्त करते है लेकिन महंगाई बढने का संदेश देते है इसी तरह
केन्द्र में बैठे खाद्य मंत्री हर रोज शक्कर, चावल,
गेहूं और खाद्यान्न के मूल्य बढने की आशंका व्यक्त करके
जमाखोरों मुनाफाखोरों का हौसला बुलंद करते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर
मोर्चे पर विफल है। आज देश की जनता अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी
पूर्ववर्ती एनडीए की सरकार के स्वर्णकाल को याद करते है और कहते है की यूपीए
सरकार सब मोर्चो पर विफल हो चुकी है। मौजूदा सरकार ने एनडीए की सरकार की
उपलब्धियों पर पानी फेर दिया है। नरेन्द्रसिंह तोमर ने क्षेत्र की जनता और
किसानों की खुशहाली के लिये भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाने का आग्रह किया।
माया सिंह
3
सितंबर को गोहद में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगी
भोपाल
1
सितम्बर, 09 भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष
और सांसद माया सिंह 3 सितंबर को गोहद में महिला
सम्मेलन को संबोधित करेंगी। आप बाद में ऐचाया और कठुआ हाजी पहुंचेगी और सोबरनसिंह
जाटव के समर्थन में सभाओं को संबोधित करेंगी।
गोहद विधानसभा
क्षेत्र में 3
सिंतबर को एक साथ 208 मत केन्द्रों
पर पर्ची बटेंगी
भोपाल
1
सितम्बर, 09 भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गोहद
विधानसभा खेत्र उपचुनाव के लिए 3 सितंबर को सभी दो सौ
आठ मतदान केन्द्रों पर पर्ची वितरण का कार्य आरंभ करेंगे। भाजपा के प्रदेश सह
संगठन महामंत्री भगवतशरण माथुर ने बताया कि पार्टी के पदाधिकारी,
कार्यकर्ता, मतदान केन्द्र के
पालक और संयोजक 3 सितंबर से घर घर पहुंचकर मतदाताओं
को मतदान पर्चियां भेंट करेंगे और पार्टी प्रत्याशी सोबरनसिंह जाटव को विजयी
बनाने की अपील करेंगे।
कोयले की दस खदानों को मिली अनुमति
भोपाल। प्रदेश में कोयले के गहराते संकट को देखते हुए दस खदानों
को लीज की अनुमति दी जाएगी। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के प्रदेश में चार
कोयला प्रक्षेत्र स्थापित है। वनभूमि के आवेदनों पर शासकीय प्रक्रिया धीमी होने
के कारण कोयला उत्पादन तथा भावी परियोजनाओं पर गतिरोध की छाया पड़ रही थीं। इस
संबध में एसईसीएल के निदेशक तकनीकी गोपाल सिंह ने करीब एक माह पूर्व अति. मुख्य
सचिव वन प्रशांत मेहता से मुलाकात कर समस्या पर विचार विमर्श किया था।
श्री मेहता ने गहराते कोयला संकट की आहट पहचानते हुए लंबित प्रकरणों के लिए कोयला
क्षेत्र अमलाई में समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें लंबित करीब दस प्रकरणों में लीज
देने की अनुमति दी गई है। इस मौके पर सचिव वन रतन पुरवार, अपर प्रधान मुख्य वन
संरक्षक डा. अनिमेष शुक्ला, गोपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लूट केइरादे से दो सेल्समैनों की हत्या
बैतूल। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-69 पर बैतूल-मुलताई के बीच
पंखा ग्राम के निकट स्थित इंडियन आयल के विमल पेट्रोल पंप पर कल रात लूट के इरादे
से पहुंचे मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने दो सेल्समैन की हत्या कर दी और फरार हो
गए, लेकिन घटना से कुछ देर पहले ही पंप संचालक दिन भर की कमाई लेकर बैतूल रवाना
हो चुके थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया ने आज यहां संवाददाताओं को बताया
कि बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं और जिले से गुजरने वाले
राष्ट्रीय राजमार्गो पर सघन निगरानी रखी जा रही है।
घटना के बारे में उन्होंने बताया कि पंप संचालक चंद्रकांत कनाठे कल शाम जैसे ही
दिन भर की कमाई लेकर बैतूल के लिए रवाना हुए, कुछ देर बाद लूट के इरादे से
मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे दो बदमाशों ने सेल्समैन विजय सुरजेकर को गोली मार दी
तथा सुनील देशमुख को धारदार हथियार से घायल कर दिया गया। विजय को तो जिला अस्पताल
में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुनील ने पाढर अस्पताल में इलाज के दौरान दम
तोड़ा।
उन्होंने कहा कि उस समय चूंकि पंप पर कोई धनराशि नहीं थी, इसलिए बदमाशों के हाथ
कुछ नहीं लगा। उन्होंने कहा कि अपराध दर्ज कर जिले की नाकेबंदी कर दी गई है तथा
आसपास के पुलिस थानों को भी सतर्क किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस
टीमों का गठन किया गया है।
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