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जिलों में केन्द्र की मदद से सुधरेंगे तालाब - उज्जैन,
शाजापुर
शामिल
उज्जैन,
08 जून, डॉ अरूण जैन। उज्जैन,
देवास और शाजापुर की धरती को पानी से रिचार्ज करने की
उम्मीदों को पंख लग गए हैं। इनके सहित प्रदेश के 11
जिले केन्द्र की उस योजना मे शामिल किए गए हैं। जहां के तालाबों का उद्धार होगा।
इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। गर्मी में भाीषण जलसंकट का सामना कर चुके
प्रदेश में तालाबों को संवारने की जरूरत महसूस की जा रही थी। भारत सरकार के जल
संसाधन मंत्रालय की योजना से यह कमी दूर होने की आस बंधी है। योजना के तहत ऐसे
पुराने तालाबों को जो 5 हेक्टेयर कमांड एरिया से बड़े व
2 हजार हेक्टेयर कमांड एरिया से छोटे है। उनका
जीर्णोद्वार होगा। इनकी पाल, ड्रेनेज सिस्टम और बंद
रास्तों को खोलने का काम किया जाएगा, ताकि वे ठीक से
रिचार्ज हो सके और पानी से भरपूर रहे। प्रोजेक्ट को प्रिपेयर रिनोवेशन एंड
स्टोरेशन ऑफ वाटर बॉडीज नाम दिया गया है।
कालिदास समारोह पर संकट के बादल
उज्जैन,
08 जून, डॉ अरूण जैन। अभा कालिदास
समारोह पर संकट के बादल छा गए है। इसकी वजह यह है कि मौजूदा निदेशक मह6ार्ि
पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष भी बन गए है और करीब एक महीने के लिए निजी
विदेश यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में समारोह की तैयारियों पर असर
पड़ सकता है। कालिदास समारोह इस साल देवप्रबोधनी एकादशी से शुरू होगा। इस वर्ष
समारोह के लिए बजट कितना मिलेगा, इसको लेकर स्थिति
स्पष्ट नहीं है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली
केन्द्रीय समिति की बैठक में ही बजट तय होगा। बजट के आधार पर ही समारोह की
तैयारियां की जा सकेंगी। पिछले साल करीब 22 लाख का बजट
दिया गया था। लेकिन अब महंगाई बढ़ने से सांस्कृतिक व सारस्वत कार्यक्रमों पर अधिक
खर्च होने की संभावना है। अकादमी के निदे6ाक प्रो
मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी 31 अगस्त को भोपाल में मह6ार्ि
पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पद संभाल चुके है। वे 20
सितंबर को अमेरिका की निजी यात्रा पर रवाना होंगे और
20 अक्टूबर को पुन: स्वदेश लौटने की संभावना है। उनकी
अनुपस्थिति में समारोह की तैयारियों का सारा भार उपनिदेशक डॉ ज़गदीश शर्मा पर
रहेगा। केन्द्रीय समिति की बैठक में निदेशक की उपस्थिति बेहद जरूरी है। यह बैठक
अगर 20 सितंबर से पहले नहीं हुई तो विकट स्थिति
उत्पन्न हो जाएगी।
बेनाम शहीदों के निशाँ तथा रिद्म ऑफ लाइन्स एंड कलर्स:
सेलिब्रेटिंग जैमिनी रॉय नामक प्रदर्शनियों का शुभारंभ
भोपाल 08 सितंबर, 09। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में
कल बुधवार दिनांक 9 सितम्बर, 09 को बेनाम शहीदों के निशाँ तथा रिद्म ऑफ लाइन्स एंड
कलर्स: सेलिब्रेटिंग जैमिनी रॉय नामक दो प्रदर्शनियों का शुभारंभ किया जा रहा है।
इन प्रदर्शनियों का उद्घाटन 9 सितम्बर को पूर्वान्ह 11:00 बजे संस्कृति मंत्री,
मध्य प्रदेश शासन माननीय श्री लक्ष्मीकांत शर्मा द्वारा संग्रहालय के अंतरंग
प्रदर्शनी भवन वीथि संकुल में किया जायेगा।
इन प्रदर्शनियों में बेनाम शहीदों के निशाँ नामक प्रदर्शनी जीपीएस वैज्ञानिक, लेखक,
छायाकार और सामाजिक कार्यकर्ता श्री संगीत कुँवर बहादुर वर्मा के द्वारा खीचे गये
छायाचित्रों पर आधारित है। जबलपुर में जन्मे श्री वर्मा के छायाचित्र हमारे समृद्ध
इतिहास का एक झरोखा हैं और यह साबित करते हैं कि सशास्त्र आक्रमण द्वारा किसी
सभ्यता और संस्कृति को नष्ट नहीं किया जा सकता। वे अपनी कला के जरिए इतिहास में दबे
या दबाये गयतथ्यों को छायाचित्रों, लोक गाथाओं और वि6लेषणों से जोड़कर प्राचीन भारत
का वास्तविक स्वरूप उभारते दिखाई पड़ते हैं।
रिद्म ऑफ लाइन्स एंड कलर्स: सेलिब्रेटिंग जैमिनी रॉय नामक प्रदर्शनी में बंगाल के
प्रख्यात कलाकार जैमिनी रॉय द्वारा निर्मित चित्र प्रदर्शित किये जा रहे है। श्री
रॉय संथाल जनजाति और उनकी सरल कला तथा कुम्हारो और पटूआ चित्रकारो से बहुत प्रभावित
रहे है और यह प्रभाव उनके चित्रांकन में भी स्पष्ट रूप से दिखायी देता है।
मौसम
भोपाल 08 सितंबर ,09। मौसम केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार
पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून प्रदेश के रीवा संभाग में प्रबल रहा, जबलपुर, सागर,
सभांगों के जिलों अनेक स्थानों पर, होशांगाबाद, ग्वालियर और चंबल संभागों के जिलों
कुछ स्थानों पर शेष संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हुई।
इस दौरान उमरिया में -15 सेमी, रीवा, सीधी में 07-07, सतना, पचमढ़ी में 06-06,
जबलपुर-05, छतरपुर में -05 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम केन्द्र के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, इन्दौर,
होशांगाबाद, ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, तथा
शेष संभागों के जिलों में कहीं-कहीं5वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारे पड़ने की
संभावना है।
शिक्षकों की ई-सेवा पुस्तिका अब
माउस क्लिक पर उपलब्ध
मध्यप्रदेश ने शुरु की अनूठी एवं नवाचारी पहल
Bhopal:Tuesday, September 8, 2009:
राज्य सरकार ने इंटरनेट के
इस युग में अपने समस्त शिक्षकों की जानकारी तथा शिक्षा विभाग की समस्त गतिविधियों
को ऑनलाईन करने का कार्य NIC के सहयोग से प्रारंभ किया है। ई-गवर्नेन्स की दिशा में
स्कूल शिक्षा विभाग की यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस कार्य के द्वितीय चरण में स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के 3
लाख 50 हजार शिक्षकों तथा कर्मचारियों के हित में उनकी सेवा पुस्तिकाओं के संधारण
की व्यवस्था को कम्प्यूटरीकृत कर ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। इतने वृहद
स्तर पर इस तरह की ऑनलाइन ई-सेवा पुस्तिका प्रणाली व्यव्स्था को लागू कर,
मध्यप्रदेश ने देश में अपनी तरह की एक अनूठी एवं नवाचारी पहल की है। शिक्षकों की
सेवा पुस्तिकाएं ऑनलाईन होने से स्थापना संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण संभव हो
सकेगा। इस प्रकार स्कूल शिक्षा विभाग में अब एक मानव संसाधन प्रबंधन सूचना प्रणाली
(Human Resource Management Information System) (HRMIS) विकसित होगी, जिसके माध्यम
से विभिन्न प्रशासकीय एवं अकादमिक गतिविधियां प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा
सकेगी।
ऑनलाईन ई-सेवा पुस्तिका प्रणाली के क्रियान्वयन होने से शिक्षकों को अनेक लाभ
होंगे। जिसमें स्थापना, क्रमोन्नति एवं वित्तीय स्वत्वों के निराकरण में पारदर्शिता
एवं गति आयेगी तथा अपडेट वरिष्ठता सूची हर समय ऑनलाईन उपलब्ध रहेगी। साथ ही अध्यापक
संवर्ग में त्वरित एवं सहज संविलियन, शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी
निराकरण, शिक्षकों की नियतसमय पर पदोन्नति, क्रमोन्नति, न्यायपूर्ण स्थानांतरण की
व्यवस्था, वार्षिक सेवा का स्वमेव सत्यापन तथा सभी शिक्षकों/कर्मचारियों को
उत्कृष्ट प्रशिक्षण देना संभव होगा। इसके अलावा सहज एवं त्वरित वेतन निर्धारण की
कार्यवाही और शिक्षकों की कार्यकुशलता में सुधार आयेगा।
शिक्षकों के प्रशिक्षण के दौरान चिन्हित इंटरनेट एजेंसी के द्वारा शिक्षकों की
जानकारी ऑनलाइन रूप से एजूकेशन पोर्टल में प्रविष्ट करायी जावेगी। इस कार्य के
सुचारू संपादन के लिए जिला शिक्षा केन्द्र के प्रोग्रामर का भी तकनीकी सहयोग लिया
जायेगा। कार्य पर होने वाला व्यय विभाग द्वारा वहन किया जायेगा, शिक्षकों से इस
कार्य के लिए कोई राशि नहीं ली जाएगी।
शिक्षक क्या करें
एजूकेशन पोर्टल
http:demo.mp.nic.in/educationportal
पर शिक्षक कॉनर के अन्तर्गत
'अपनी जानकारी देखें' को क्लिक करने के उपरान्त ' सेवा पुस्तिका ' को क्लिक करे तथा
अपनी जानकारी को निम्नलिखित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाईन रूप से प्रविष्ट कराये-
1. सर्वप्रथम अपना यूनिक आई.डी. देते हुए स्वयं को पंजीकृत करें।
2. पंजीकरण की प्रक्रिया में कम्प्यूटर द्वारा मूलभत जानकारी निम्नानुसार मांगी
जावेगी-
वेतन आहण अधिकारी (डी.डी.ओ. कोड 10 अंकों का)
विद्यालय/कार्यालय का OIS /डाइस कोड ( 11 अंकों में)
जन्म तिथि (DD/MM/YYYY)
वर्तमान पद पर पदस्थापना का आदेश क्रमांक एवं दिनांक
प्रथम नियुक्ति दिनांक, पद एवं नियुक्तिकर्ता अधिकारी
जी.पी.एफ., पेन नंबर, इम्प्लाई ट्रेजरी कोड, ( यदि हो तो )
बैंक का नाम, शाखा एवं खाता क्रमांक
शिक्षकों से कहा गया है कि समय की बचत एवं सुविधा की दृष्टि से प्रविष्ट की जाने
वाली उपरोक्त जानकारी को वे पहले से तैयार कर अपने पास रखें। उन्हें रजिस्ट्रेशन के
दौरान न्यूनतम तीन अक्षरों का पासवर्ड देना होगा। रजिस्ट्रेशन के उपरांत यनिक
आई.डी. एवं पासवर्ड का उपयोग करते हुए विभिन्न जानकारियां उनके द्वारा भरी अथवा
अपलोड की जावेगी। जिसमें शैक्षिणक एवं व्यवसायिक योग्यता, राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय
प्रशिक्षण/स्त्रोत समूह के सदस्य, राष्ट्रीय/राज्य स्तर के पुरस्कार/सम्मान का
विवरण, सेवा अवधि में प्राप्त पदोन्नति, क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान संबंधी विवरण,
समय-समय पर प्राप्त प्रशिक्षण का विवरण, जन्मतिथि (प्रमाण रूप में हाई स्कूल की अंक
सूची की स्कैन्ड प्रति) और प्रथम नियुक्ति आदेश की स्कैन्ड प्रति (पीडीएफ फार्मेट
में) तथा अपना फोटोग्राफ (जेपीजी फामेट में) शामिल होंगी।
स्कूल शिक्षा एवं आदिमजाति कल्याण विभाग के सभी शिक्षकों से अपील की गई है कि वे इस
प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करते हुए स्वयं की जानकारी को प्रविष्ट करें ताकि
उन्हें देय प्रशासकीय सुविधाओं में गति व पारदर्शिता आ सके।
मिलने वाले लाभ
स्थापना, क्रमोन्नति एवं वित्तीय स्वत्वों के निराकरण में पारदर्शिता एवं गति
अपडेट वरिष्ठतासूची ऑनलाईन उपलब्ध
अध्यापक संवर्ग में त्वरित एवं सहज संविलियन
समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण,
नियत समय पर पदोन्नति, क्रमोन्नति
न्यायपूर्ण स्थानांतरण की व्यवस्था
वार्षिक सेवा का स्वमेव सत्यापन
उत्कृष्ट प्रशिक्षण
सहज एवं त्वरित वेतन निर्धारण की कार्यवाही
कार्यकुशलता में सुधार
छह माह
में एक हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण
Singrauli:Tuesday, September 8, 2009:सिंगरौली में प्रत्येक सोमवार
को आयोजित होने वाली समय-सीमा के लिये निर्धारित प्रपत्रों पर कार्यवाही के संबंध
में टी.एल. बैठक का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। इस बैठक में गत छह माह में
एक हजार से अधिक आवेदन-पत्रों पर कार्यवाही की गई है। इन आवेदन-पत्रों पर गत दो
मार्च से अभी तक समय-सीमा में कार्यवाही की गई है।
नौ
भूतपूर्व सैनिकों सहित 47 नायब तहसीलदार प्रशिक्षणरत
सेना में अपने जौहर दिखा चुके सैनिक अब राजस्व सेवा में भी अपने जौहर दिखायेंगे
Bhopal:Tuesday,
September 8, 2009:
उच्च
शिक्षा प्राप्त ऐसे नौ भूतपूर्व सैनिक अब नायब तहसीलदार के रूप में राजस्व मामलों
का निराकरण करेंगे। आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में मध्यप्रदेश
लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2007-08 में चयनित 47 नायब तहसीलदारों का साढ़े चार माह
का प्रशिक्षण जारी है। चयनित नायब तहसीलदारों में सत्रह महिलायें एवं नौ भूतपूर्व
सैनिक भी शामिल हैं। जो अपनी मेहनत, लगन एवं मध्यप्रदेश शासन की सुविधा का लाभ
उठाकर लोक सेवा आयोग के माध्यम से पुन: शासकीय सेवा में आये हैं। गत 20 जुलाई 2009
से प्रारंभ यह प्रशिक्षण 5 दिसंबर 2009 तक चलेगा।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा भूतपूर्व सैनिकों के लिये तृतीय श्रेणी के
पदों पर दस प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। जिसका लाभ उठाकर भारतीय थल, वायु
एवं नौ सेना में विभिन्न पदों पर 15 से लेकर 29 वर्ष तक सेवा करने के उपरांत नौ
भूतपूर्व सैनिकों ने अपनी योग्यता के आधार पर नायब तहसीलदार के पद पर पुन: शासकीय
सेवा में आये हैं। नायब तहसीलदार के पद हेतु चयनित भूतपूर्व सैनिकों ने पूर्व सेवा
के दौरान अपनी लगन एवं मेहनत से उच्च शैक्षणिक योग्यता भी हासिल की है। सीहोर जिले
में पदस्थ नायब तहसीलदार (भूतपूर्व सैनिक) 39 वर्षीय डॉ. नरेन्द्र यादव ने एयरफोर्स
में अपनी 20 वर्ष तक सेवायें दी है और एल.एल.एम. करने के साथ लॉ में पी.एच.डी. की
है। जबलपुर जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार 51 वर्षीय श्री आर.के. वर्मा ने थल सेना
में 29 वर्ष तक सेवा करने के साथ तीन विषयों- अँग्रेजी, राजनीति शास्त्र एवं इतिहास
में एम.ए., बी.एङ के साथ चायनीज में एडवांस डिप्लोमा भी किया है। जबकि सिंगरौली
जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार 50 वर्षीय श्री अशोक मिश्रा ने वायुसेना में बीस वर्ष
तक सेवा करने के साथ एम.ए. (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) एवं एल.एल.बी. तक शिक्षा पायी
है। जिला सीधी में पदस्थ नायब तहसीलदार 42 वर्षीय श्री रमेश परमार नौ सेना में 15
वर्ष तक सेवा करने के पश्चात पुन: शासकीय सेवा में आये हैं जिन्होंने एम.ए.
(इतिहास) तक शिक्षा प्राप्त की है। दमोह जिले में पदस्थ 43 वर्षीय श्री ब्रजेश
कुमार सिंह ने थल सेना में 18 वर्ष तक सेवा करने के साथ एम.ए. (अँग्रेजी) में किया
है। इसी प्रकार सतना जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार 43 वर्षीय श्री जितेन्द्र कुमार
वर्मा नौ सेना में 15 वर्ष तक सेवा करने के बाद फिर से शासकीय सेवा में आये हैं,
जिन्होने एम.ए., एल.एल.बी. तक शिक्षा प्राप्त की है। रीवा जिले में पदस्थ नायब
तहसीलदार 43 वर्षीय श्री लक्ष्मण प्रसाद पटेल भारतीय थल सेना में सत्रह साल तक सेवा
करने के बाद पुन: शासकीय सेवा में आये हैं। जिला सागर में पदस्थ नायब तहसीलदार श्री
के.एन. ओझा ने एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग के साथ लॉ की शिक्षा प्राप्त की है। चर्चा के
दौरान चयनित भूतपूर्व सैनिकों ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा भूतपूर्व सैनिकों
को प्रदान की गई सुविधा का लाभ उठाकर जनसामान्य की राजस्व संबंधी समस्याओं के
निराकरण तथा अपने परिवार की सही प्रकार परवरिश करने के लिये पुन: शासकीय सेवा में
आये हैं।
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