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मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अनिवार्य शिक्षा
के लिये पर्याप्त धनराशि की मांग
बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को
राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिले, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लिखा प्रधानमंत्री
को पत्र
Bhopal:Wednesday, September 9, 2009:
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रधानमत्री डॉ. मनमोहन सिंह से बच्चों को
मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार विधेयक 2009 के अंतर्गत निर्धारित विशाल
लक्ष्य की प्राप्ति के लिये राज्य को पर्याप्त धनराशि मुहैया करवाने का आग्रह
किया है। श्री चौहान ने बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देने के कार्य को
राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी देने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में कहा
कि संबंधित विधेयक को संसद द्वारा पारित कर दिया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी भी
विधेयक को शीघ्र ही मिल जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि इस विधेयक के जरिये संविधान
में वर्णित प्रावधानों की पूर्ति के साथ ही हमारे लोकतंत्र के सामाजिक ताने-बाने
को भी मजबूती मिलेगी।
श्री चौहान ने पत्र में आगे कहा कि इस कानून के अंतर्गत अपने दायित्वों का
निर्वहन करने के लिये राज्य सरकार और स्थानीय संस्थाएं तैयार हैं। उन्होंने कहा
कि बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार पर असरकारी अमल के लिये पूंजी
और आवर्ती व्यय का भार आयेगा। इसी तरह अधिक संख्या में स्कूल भवन, शिक्षक और
शिक्षण शुल्क के रूप में अधिक राशि की भी जरूरत होगी। श्री चौहान ने पत्र में आगे
कहा कि उनकी समझ में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय वर्तमान में इस संबंध में
धनराशि की आवश्यकता का आकलन करने के कार्य में लगा होगा। श्री चौहान ने कहा कि
मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग द्वारा किये गये एक फौरी आकलन के अनुसार राज्य में इस
अधिकार को प्रदान करने पर अगले दो वर्ष में लगभग 9000 करोड़ रूपये का व्यय
अनुमानित है। उन्होंने कहा कि हालॉकि इस कानून में उद्देश्यों की पूर्ति के लिये
राज्य को केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान देने का प्रावधान है फिर भी केंद्र द्वारा
दिये जाने वाले अनुदान का प्रतिशत राज्य सरकार से सलाह-मश्विरा कर निर्धारित किया
जाना चाहिये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को लिखे इस पत्र में उनका ध्यान इस ओर
आकर्षित किया है कि केन्द्र प्रवर्तित अधिकांश योजनाओं की शुरूआत उनमें राज्य के
कम हिस्से के साथ होती है और कुछ समय बाद राज्य का हिस्सा बढ़कर पचास प्रतिशत तक
पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के साथ ऐसा ही हुआ और अब
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में भी ऐसा होने की शुरूआत हो चुकी है। इस
परिप्रेक्ष्य में श्री चौहान ने अपने पत्र में बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य
शिक्षा देने के विशाल कार्य को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि कम से कम दो योजना काल में इस कानून के अमल पर होने वाले व्यय का
10 प्रतिशत से ज्यादा भार राज्य पर नहीं पड़ना चाहिये। राज्य पर इस सीमा से अधिक
भार आने पर राज्य की वित्तीय स्थिति पर तो विपरीत प्रभाव पड़ेगा ही बच्चों को
मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने की इस सदेच्छा को सहयोग देने की
हमारी क्षमता भी प्रभावित होगी।
श्री चौहान ने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आश्वस्त किया कि
राज्य सरकार इस विधेयक के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये सभी आवश्यक कार्रवाइयां
करने के लिये तैयार हैं।
नीला पेन टच करते ही रोग छूमंतर
-
जैन साध्वी ने
इजाद की दुनिया की सबसे आसान चिकित्सा पद्धति
उज्जैन,
09 जून, डॉ अरूण जैन। स्कूलों में
बच्चे जिस पेन से कापियों में लिखते है, जैन साध्वी
गुरू छाया उसी पेन से असाध्य रोगों का इलाज कर देती हैं। शरीर पर नीला पेन टच
करते ही मरीज को आराम मिलता है। अभी तक वे डेढ़ हजार रोगियों का सफल इलाज कर चुकी
हैं।
पेन से इलाज
करने की यह पद्धति आस्क छायापैथी है जिसकी खोज साध्वी ने
24 वर्ष
रिसर्च के बाद की है। रिसर्च के बाद उनका दावा है इससे कैंसर,
घुटने का दर्द, किडनी संबंधी रोग,
डिप्रेशन सहित करीब 100 बीमारियों
का इलाज संभव है। खास बात यह है कि इससे साइड इफैक्ट का खतरा नहीं होता और खर्च
भी कुछ नहीं। पेन के साथ शब्द-शक्ति का भी प्रभाव रहता है। आम आदमी भी इस पद्धति
को अपना सकता है। दिल्ली निवासी साध्वी इन दिनों उज्जैन में है। वे यहां
क्षीरसागर स्थित श्रीमाल परिवार के निवास पर ठहरी हुई है। उन्होंने अंबोदिया
स्थित सेवाधाम आश्रम में 50 से अधिक मरीजों का इलाज
किया।
क्या है आस्क पद्धति
आस्क शब्द का संबंध आचार्य सुशीलकुमार से है। चूंकि इसकी शुरूआत साध्वी छाया
द्वारा की गई इसलिए इसका नाम आस्क छायापैथी पड़ा। साध्वी का कहना है यह दुनिया की
सबसे आसान व त्वरित फायदा देने वाली पद्धति है।
चिकित्सक सहमत नहीं
चिकित्सक विमल गर्ग का कहना है कि इस तरह के इलाज में शुरूआती दौर में आराम मिलता
है लेकिन बाद में पता चलता है कि मरीज पूर्ण रूप से ठीक नहीं हुआ। जिन मरीजों का
इलाज हुआ है उनसे एक माह बाद पूछा जाए।
महाकाल मंदिर में निर्माण कार्यों पर रोक
उज्जैन,
09 जून, डॉ अरूण जैन। महाकाल मंदिर
में चल रहे निर्माण कार्यों पर जिलाधीश ने रोक लगा दी है। वहीं अनावश्यक खर्चे
नहीं करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों से जानकारी मिली है कि मंदिर में चल रहे
कार्यों पर निगरानी के लिए अतिरिक्त तहसीलदार सुनील पाटिल को नियुक्त किया है।
उन्होंने मंदिर में निर्माण कार्यों संबंधी जानकारी भी लेना शुरू कर दी है। श्री
पाटिल पूर्व में इंदौर के खजराना गणेश मंदिर व्यवस्था प्रभारी रह चुके है। भास्कर
ने श्री पाटिल से चर्चा करना चाही, लेकिन उनसे संपर्क
नहीं हो पाया।
महाकाल मंदिर
में बैठकों का दौर चल रहा है। मंगलवार रात भी समिति कार्यालय में दो अलग-अलग
बैठकें रखी गई थी। पहली बैठक कलेक्टर अजातशत्रु श्रीवास्तव ने ली,
जो रात 8 बजे शुरू हुई। बैठक में
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चल ही रही थी कि निर्माण कार्यों की फाइल उनके हाथ आई
और कार्य पेडिंग देखकर वे नाराज हो गए। पूछने पर प्रशासक शुभकरण शर्मा भी संतो6ाजनक
जवाब नहीं दे पाए; इस पर उन्होंने आपत्ति ली और कक्ष
से बाहर आ गए।
बैठक औपचारिक
थी,
मैं चर्चा के लिए गया था। अधूरे कार्यों को पूरा करने को कहा
है।
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अजातशत्रु
श्रीवास्तव,
कलेक्टर
महिला
सम्मेलनों में शामिल होंगी सुषमा
भोपाल। लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज 14 सितम्बर से
अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित महिला
सम्मेलनों में शामिल होंगी। भाजपा महिला मोर्चा के इन सम्मेलनों में सुषमा के साथ
मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष सीमा सिंह भी संबोधित करेंगी। यह जानकारी भाजपा की
प्रदेश मंत्री और विदिशा संसदीय क्षेत्र की प्रभारी सरिता देशपांडे ने दी है।
सुश्री देशपांडे ने बताया कि यह महिला सम्मेलन खातेगांव, कन्नोद में 14 को,
बासौदा, विदिशा में 15 को, सांची और सिलवानी में 16 को और भोजपुर, बुदनी विधानसभा
क्षेत्रों में 17 सितम्बर को यह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
मौसम
भोपाल
09 सितंबर ,09।
मौसम केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 24
घंटों के दौरान मानसून प्रदेश के जबलपुर, सागर,
होशंगाबाद
एवं भोपाल संभाग में प्रबल रहा एवं ग्वालियर और चंबल संभाग में सक्रिय रहा। शेष
संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हुई।
इस
दौरान तेंदूखेड़ा में-37
सेमी, नरसिंहपुर में 29,
करेली में 26, उदयपुरा एवं पंचमढ़ी
में 23-23, अमरवाड़ा में -20,
सिलवानी में 14, शाहपुर,
सागर एवं गडाकोटा में 11-11, देवरी
में- 10 सेमी
वर्षा दर्ज की गई।
मौसम केन्द्र के अनुसार अगले
24 घंटों के दौरान प्रदेश के
ग्वालियर, चंबल, इन्दौर,
उज्जैन, होशंगाबाद
संभागों के जिलों में सभी स्थानों में,
जबलपुर संभाग के जिलो में अनेक स्थानों रीवा एवं
सागर संभाग के कुछ स्थानों पर वर्षा की संभावना है।
मौसम केन्द्र ने आगामी
24 घंटों के दौरान ग्वालियर,
चंबल, इन्दौर,
उज्जैन तथा होशंगाबाद
संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।
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