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उज्जैन में दो कंस्टक्शान फर्मों पर आयकर का छापा
- 50
लाख की आय सरेंडर
उज्जैन,
11 जून, डॉ अरूण जैन। करीब एक
महीने तक चुप बैठे आयकर विभाग ने गुरूवार को अचानक दोकंस्टक्शन फर्मों के आफिसों
में सर्वे की कार्रवाई की। इसमें करीब 50 लाख की
अघोशाित आय सरेंडर हुई है। अभी दस्तावेजों की जांच शेष है और आंकड़ा बढ़ने की
उम्मीद है। आयकर आयुक्त सतीशचंद्र अग्रवाल के निर्र्देशन पर अपर आयुक्त अरूण
दीवान ने यह कार्रवाई दोपहर करीब 12 बजे शुरू की।
नानाखेड़ा में तिरूपति एवं बालाजी कंस्ट्रक्शन के ऑफिस हैं। दोनों फर्म के संचालक
महेशा परियानी एवं अमित कावड़िया है। इन्होंने इंदौर रोड पर तिरूपति विहार और
तिरूपति हाइटस विकसित की है। यहां महंगी दर पर भूखंड एवं फ्लैट बुक किए जा रहे
हैं आयुक्त के निर्देश पर आयकर अधिकारी आईबी खंडेल,
एके गोयल एवं राकेश सक्सेना फर्मों के ऑफिस पहुंचे और जांच शुरू की। रात करीब
10 बजे यह पूरी हुई तो करीब 50
लाख की आय सरेंडर हो चुकी थी। आयुक्त सतीशचंद्र अग्रवाल ने
बताया दस्तावेजों की जांच अभी बाकी है। यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है।
अनाथ बच्ची को एक लाख की सहायता
-
उप महाधिक्ता के
बयान पर हाईकोर्ट ने लिखित में सरकार से मांगा जवाब
उज्जैन,
11 जून, डॉ अरूण जैन। राज्य सरकार
अनाथ हो चुकी साढ़े 12 साल की ऋचा को एक लाख रूपए की
मदद देगी। यह रकम बैंक में जमा की जाएगी और उससे मिलने वाली ब्याज की रकम उसके
पालन पोषण में खर्च की जाएगी। उप महाधिवक्ता द्वारा इस बारे में दिए गए बयान पर
चीफ जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस अजीतसिंह की युगलपीठ ने सरकार को इस बारे में
लिखित में जानकारी पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
गौरतलब है कि
साढ़े 12
साल की ऋचा की ओर से चीफ जसिटस को भेजे गए पत्र में कहा गया
था कि उसकी मां द्वारा आत्महत्या करने के मामले में उज्जैन के माधवनगर थाना पुलिस
ने 28 फरवरी 2000 को उसके
पिता श्रीचंद जेठानी को गिरफ्तार किया था। 2 मार्च को
माधवनगर थाने में उसके पिता पर मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया गया,
जसिसे उनकी मौत हो गई थी। ऋचा का कहना है कि पिता की मौत के
मामले में हाईकोर्ट ने उसे एक लाख रूपए मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए थे।
गुरूवार को सुनवाई के दौरान उप महाधिवक्ता कुमारेश पाठक ने युगलपीठ को बताया कि
राज्य सरकार द्वारा ऋचा को एक लाख रूपए दिए जाएंगे। यह राशि एक फिक्स डिपाजिट में
जमा करके उससे मिलने वाले ब्याज की होगी।
आपदा प्रभावितों की मदद के लिये 71 लाख रुपये
आवंटित
Bhopal:Friday, September 11, 2009:
राज्य शासन ने रायसेन, विदिशा, शाजापुर, खण्डवा और उज्जैन जिलों के अग्नि
पीड़ितों, ओला पीड़ितों सहित आपदा प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के
लिये इन जिलों के कलेक्टरों को 71 लाख तीन हजार रुपये की राशि आवंटित की है।
आपदा प्रभावितों की मदद के लिये रायसेन जिले को 10 लाख रुपये, विदिशा जिले को 19
लाख रुपये, शाजापुर जिले को 11 लाख 53 हजार रुपये, खण्डवा जिले को 13 लाख रुपये,
उज्जैन जिले को 17 लाख 50 हजार रुपये की राशि आवंटित की गई है। कुल आवंटित राशि
में से 21 लाख 50 हजार रुपये की राशि अग्नि पीड़ितों को राहत देने के लिये, एक लाख
22 हजार रुपये की राशि ओला पीड़ितों को राहत देने के लिये, पांच लाख 10 हजार रुपये
की राशि जरूरतमंदों को नगद सहायता के लिये और 43 लाख 21 हजार रुपये की राशि पुनः
स्थापना के लिये आवंटित की गई है।
प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य वर्षा
निचले इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
Bhopal:Friday, September 11, 2009:
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले तीन दिनों के दौरान अच्छी वर्षा हुई है।
परिणाम स्वरूप प्रदेश के 21 जिले सामान्य वर्षा की श्रेणी में आ चुके हैं।
होशंगाबाद, सागर, दमोह, रायसेन, हरदा, नरसिंहपुर, विदिशा, जबलपुर सहित कुछ जिलों
में अधिक वर्षा होने के कारण निचली बस्तियों में पानी की आशंका के चलते लोगों को
सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। प्रदेश में ऐसे 35 स्थानों पर राहत शिविर
लगाकर तीन हजार 337 लोगों को ठहराया गया है। राज्य के करीब 15 हजार 800 लोग वर्षा
से प्रभावित हुए हैं। अब वर्षा थम चुकी है। लोगों ने अपने ठिकानों की ओर लौटना
शुरू कर दिया है। सागर जिले के ग्राम झांगरी में पानी में फंसे पांच व्यक्तियों
को सेना की मदद से बाहर निकाल लिया गया है।
होशंगाबाद
होशंगाबाद, पिपरिया एवं सोहागपुर में बैक वॉटर आने से निचली बस्तियों में पानी का
भराव बढ़ने से राहत शिविर प्रारंभ किये गये हैं। पिपरिया में चार शिविरों में डेढ़
हजार लोग, सोहागपुर में दो शिविरों में 250 तथा होशंगाबाद में तीन शिविरों में
325 व्यक्ति ठहराये गये हैं। नर्मदा का जल स्तर खतरे के निशान से अभी भी ऊपर होने
के कारण सतर्कता बरती जा रही है। जिले में कहीं भी जनहानि या पशुहानि की सूचना
नहीं है। अब बारिश रुक चुकी है।
सागर
सागर जिले में पिछले दो दिनों में तेज बारिश होने से देवरी एवं रहली में निचली
बस्तियों में पानी भर गया था। देवरी में एक शिविर में 60 व्यक्ति तथा रहली में दो
शिविरों में 350 व्यक्ति ठहराये गये हैं। अब पानी निकल चुका है, कोई कठिनाई नहीं
है। ग्राम झांगरी में पांच व्यक्ति मंदिर के पास फंसे होने से सेना की मदद ली गई
और इन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। ग्राम झांगरी में एक व्यक्ति तथा रहली में
एक व्यक्ति के बहने से पिछले दो दिनों में दो जनहानि हुई हैं।
दमोह
पिछले दो दिनों में तेज बारिश होने से कुछ ग्रामों में पानी के भराव की आशंका बनी
थी, जिसके कारण प्रशासन द्वारा ऐहतियाती उपाय किये गये थे। अब पानी रुक चुका है।
कहीं से कोई नुकसान की सूचना नहीं है।
रायसेन
तेज बारिश के कारण जिले में 10 गांवों के लोगों को हटाकर शिविरों में सुरक्षित
पहुंचाया गया है। शिविरों में रुकने वालों की कुल संख्या करीब 700 रही है। अब सभी
लोग अपने-अपने घर जा चुके हैं।
हरदा
हरदा के हंडिया क्षेत्र में एक गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
गया था। अब यहां भी पानी रुक चुका है और किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं
है।
नरसिंहपुर
तेज वर्षा के कारण यहां का जन-जीवन प्रभावित हुआ है। लोगों को चार राहत शिविरों
में ठहराया गया था। सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों को निर्देश दिये गये हैं कि
यदि उनके गांव में अतिवर्षा के कारण पानी प्रवेश करता है तो ऐसे लोगों को पंचायत
भवन में ठहराकर भोजन की व्यवस्था की जाये।
विदिशा
किसी भी तरह की जनहानि, पशुहानि की कोई सूचना नहीं है। यहां अब स्थिति पूरी तरह
सामान्य हो चुकी है।
जबलपुर
भारी वर्षा के उपरांत यहां पर अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। गत सात और
आठ सितम्बर को जबलपुर में दो तथा पनागर में चार शिविरों का आयोजन कर इनमें 650
व्यक्तियों को ठहराया गया था। स्थिति सामान्य होने से ये लोग अपने ठिकानों की ओर
वापस लौट गये हैं।
एक जून, 2009 से 9 सितम्बर, 2009 तक हुई वर्षा के आधार पर जिलों का वर्गीकरण
सामान्य वर्षा वाले जिले
जिलेजबलपुर, सिवनी, छिन्दवाड़ा, नरसिंहपुर, भोपाल, रायसेन, विदिशा, बैतूल,
होशंगाबाद, हरदा, शिवपुरी, दतिया, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, इंदौर, खरगौन,
बड़वानी, धार, झाबुआ
कम वर्षा वाले जिले
रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिण्डोरी, कटनी, बालाघाट,
मण्डला, सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, राजगढ़, सीहोर, ग्वालियर, गुना,
अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना, श्योपुरकला, शाजापुर, देवास, खण्डवा, बुरहानपुर,
अलीराजपुर
इसके पूर्व अगस्त में प्रदेश के 10 जिलों में सामान्य वर्षा, 34 जिलों में
सामान्य से कम वर्षा और छह जिलों कटनी, पन्ना, दमोह, भिण्ड, मुरैना और श्योपुरकला
में अल्प वर्षा दर्ज की गई थी। इस समय प्रदेश में कोई भी अल्प वर्षा वाला जिला
नहीं बचा है।
जरूरी जानकारी से ही मिल सकेगा योजनाओं का लाभ
गॉव-गॉव में डीएफपी का भारत निर्माण प्रचार कार्य जोरो पर
भोपाल
11
सितंबर, 09। केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न
कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण जनों को मिले, इसके
लिए जरूरी है कि इनकी जानकारी उन लोगों तक पहुँचे। इस हेतु क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय
की इकाईयों द्वारा आजकल गाँव-गाँव में जाकर भारत निर्माण कार्यक्रम पर प्रचार
अभियान चलाया जा रहा हैं।
डीएफपी
भोपाल के आठ क्षेत्रीय प्रचार इकाईयों इन्दौर,
उज्जैन, छिन्दवाड़ा,
झाबुआ, मंदसौर,
ग्वालियर, छतरपुर और सागर द्वारा
भारत निर्माण पर केन्द्रित दो माह का विशेष प्रचार
कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण आबादी को
बड़ी संख्या में इन कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। ये इकाईयां अब तक मध्यप्रदेश
के विभिन्न अंचलों के करीब सौ से अधिक गाँवों में प्रचार
अभियान चला चुकी है। यह प्रचार अभियान पूरे सितंबर माह में चलाया जायेगा।
शैक्षणिक वर्ष
2009-10
के लिए ''शिक्षा हेतु वित्तीय
सहायता योजना''
भोपाल
11
सितंबर, 09। शैक्षणिक वर्ष 2009-10
के लिए ''शिक्षा हेतु वित्तीय
सहायता योजना'' के तहत मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ राज्य
में स्थित विद्यालयीनमहाविद्यालयीन छात्रछात्राओं से निर्धारित प्रारूप में आवेदन
पत्र मंगवाये जा रहे हैं। इस हेतु बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के मान्यता प्राप्त
शिक्षण-संस्थाओं में अध्ययनरत पुत्रपुत्रियों को ''(छात्रवृत्तिगणवेश)
के अंतर्गत कक्षा 1 से स्नातकोत्तर तक रूपये
250 से रूपये 8000-तक राशि
प्रतिवर्ष स्वीकृत एवं भुगतान की जाती है। उपरोक्त योजना के अंतर्गत वर्तमान
शैक्षण्कि वर्ष 2009-10 में मात्र उन्हीं बीडीखदान
श्रमिकों से संबंधित छात्र-छात्राओ को इस योजना हेतु आवेदन करने की पात्रता होगी,
जिन्हें राज्य अथवा अन्य स्त्रोत से इस शैक्षणिक सत्र
2009-10 हेतु अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजातिपिछड़ा वर्गविकलांग
आदि हेतु छात्रवृत्ति स्वीकृतभुगतान नहीं की जा रही है।
आवेदन जमा
करने की अंतिम तारीख
15092009
है। अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार
मंत्रालय , कार्यालय कल्याण एवं उपकर आयुक्त,
797, शांतिकुंज साउथ सिविल लाइन्स जबलपुर से फोन नंबर
2626021 और 2678595 पर संपर्क कर
सकते हैं।
केद्रीय वन
एवं पर्यावरण मंत्री का मध्यप्रदेश
दौरा
भोपाल
11
सितंबर, 09। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री
जयराम रमेश कल शनिवार दिनांक 12
सितंबर, 2009 को भोपाल आ रहे हैं।
वे आज नई दिल्ली से रेल द्वारा यात्रा कर सुबह 0440
बजे भोपाल पहुँचेंगे। वे 930 बजे यूनियन कार्बाइड
संयंत्र को अवलोकन करेंगे और 1130 बजे मध्यप्रदेश
के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह
से मिलेंगे तथा 100 बजे वन विभाग के अधिकारियों से
चर्चा करेंगे।
केन्द्रीय
मंत्री दोपहर 200
बजे प्रशासन अकादमी,
भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करेंगे। बाद में वे 500
बजे वन विहार नेशनल पार्क और
चिड़िया घर देखने जायेंगे और 630 बजे भारतीय वन प्रबंध
संस्थान में अधिकारियों से चर्चा करेंगे तथा रात्रि 915
बजे भोपाल एक्सप्रेस से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मौसम
भोपाल
11
सितंबर, 09। मौसम केन्द्र से प्राप्त जानकारी के
अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून प्रदेश के
ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में सक्रिय रहा। रीवा एवं जबलपुर संभागाें
में अनेक स्थानों में, होशंगाबाद
एवं भोपाल संभागों में कुछ स्थानों में वर्षा हुई। शेष संभागों का मौसम मुख्यत:
शुष्क रहा।
इस दौरान
उदमोह में-11
सेमी, सागर में-09,
चाचोला में-08, गंजबासोदा में-07,
लटेरी, अंबा में-05-05,
ब्यावरा में-04, आरोन,
राधोगढ़, सिलवानी,सिरोंज,
जबलपुर एवं सतना में 03-03 सेमी
वर्षा दर्ज की गई।
मौसम केन्द्र
के अनुसार अगले 24
घंटों के दौरान प्रदेश के ग्गवालियर एवं चंबल संभागों के
जिलों में कुछ स्थानों पर तथा शेष संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या
गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
रेल्वे परीक्षा उर्दू में लेने के लिए ममता बनर्जी
के निर्णय का स्वागत
भोपाल,
11 सितम्बर। रेलमंत्री सुश्री ममता बनर्जी द्वारा अब रेल्वे
में नियुक्ति के लिए होने वाली परीक्षा बंगला व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के साथ
उर्दू में लेने के निर्णय का मध्यप्रदेश कांग्रेस के महामंत्री सै0
साजिद अली एवं कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के महामंत्री
मोहम्मद इदरीस खान ने स्वागत किया है। नेताद्वय ने कहा है कि उर्दू देश के अधिकतर
नागरिकों की भाषा रही है और अब भी काफी बड़ी संख्या में लोग उर्दू लिखते पढ़ते हैं।
इसका सबसे बड़ा लाभ मदरसे से उर्दू में शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं को
मिलेगा।
साजिद
अली और मो0
इदरीस खान ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से माग की है कि भारत के
हर रेल्वे स्टेशन, प्लेटफार्म स्टेशन का नाम दर्शाने
पर पट्टिका पर हिन्दी के साथ-साथ उर्दू में भी स्टेशन का नाम लिखने के निर्देश
दिये जाएं।
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