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सफाई के लिए
15
लाख देगी समिति
महाकाल मंदिर समिति में चर्चा
उज्जैन,
15 जून, डॉ अरूण जैन। बैठक में
भस्मारती में शामिल होने वाले हर श्रद्धालुओं की प्रवेश के समय पहचान करने का
प्रस्ताव आया। इस पर पुलिस अधीक्षक सतीश सक्सेना ने कहा यह संभव नहीं है क्योंकि
आरती में शहरी व ग्रामीण सभी तहर के भक्त शामिल होते हैं। ऐसे में उनकी पहचान
कैसे होगी। मामला अगली बैठक में चर्चा के लिए आगे बढ़ा दिया गया। बैठक में कलेक्टर
बोले समिति के कर्मचारियों की किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासक को ध्यान देने की हिदायत दी।
निगम खरीदेगा
उपकरण : महाकाल मंदिर समिति नगर निगम को सफाई व्यवस्था के लिए
15 लाख
रूपए उपलब्ध कराएगी। इससे निगम सफाई व्यवस्था में लगने वाले उपकरण खरीदेगी।
महाकाल, हरसिद्धि,
रूद्रसागर, रामघाट क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में विशेष
सुधार करेगी। कुछ कंटेनर भी खरीदे जाएंगे।
21
विद्यार्थी रोज
भोजन करेंगे : संस्कृत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ ग़िरिजा निगम ने समिति को
प्रस्ताव दिया था कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों को महाकाल अन्नेक्षेत्र में
भोजन की व्यवस्था दी जाए। इस पर कलेक्टर ने बाहर से आए
21
विद्यार्थियों को
अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन भोजन कराने की स्वीकृति दी।
बैठक में
महापौर सोनी मेहर,
निगम आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला,
प्रशासक शुभकरण शर्मा, एसडीएम नरेन्द्र सूर्यवंशी,
राजेश पुजारी, महेश उस्ताद,
महेनद्र भटनागर आदि मौजूद थे।
म.प्र. से कृषि उत्पादों एवं प्रसंस्करित
खाद्य पदार्थों के निर्यात की अपार संभावनायें
संगोष्ठी में वक्ताओं के विचार
Bhopal:Tuesday, September 15,
2009:
म.प्र. राज्य से कृषि उत्पादनों एवं प्रसंस्करित खाद्य पदार्थों की अपार
संभावनायें हैं। जिसके लिये किसानों को अच्छे बीज, उर्वरक, दवायें उपलब्ध कराने
के साथ आवश्यक तकनीकी ज्ञान एवं मार्गदर्शन प्रदान करना आवश्यक है। इस आशय के
उद्गर आज यहाँ संसाधन केन्द्र विश्व व्यापार संगठन प्रशासन अकादमी भोपाल द्वारा
फेडरेशन आफ एम.पी.चेम्बर्स आफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के सहयोग से
'कृषिगत/प्रसंस्करित खाद्य पदार्थों के म.प्र. से निर्यात पर विश्व व्यापार संगठन
का प्रभाव विषय' पर आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं ने व्यक्त किये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री संजय बागची, पूर्व सलाहकार डी.जी. गेट ने की।
प्रारंभ में आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना
ने संगोष्ठी में उपस्थित अतिथियों एवं अन्य लोगों का स्वागत किया। उन्होंने आशा
व्यक्त की कि संगोष्ठी के माध्यम से प्राप्त जानकारी से म.प्र. के किसानों को लाभ
मिलने के साथ ही केन्द्रीय सेवाओं के प्रशिक्षणरत अधिकारी भी लाभांवित होंगे।
अध्यक्ष श्री बागची ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जानकारी दी कि विश्व
व्यापार संगठन के कतिपय अनुबंध भारत को लाभ पहुँचाने वाले है। जिसके कृषि से
संबंधित अनुबंधों में कृषि आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित कर स्वस्थ स्पर्धा को
बढ़ावा प्रदान करते हैं। जिससे राष्ट्रीय सदस्यों की विश्व बाजार में पहुँच सुधार
हो सके। उन्होंने बताया कि भारत में मानसून के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित होता
है जिससे देश का व्यापार भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि म.प्र. सहित देश
के अन्य भागों में उत्पादित शीघ्र नष्ट होनें वाले पदार्थों के निर्यात हेतु
प्रशीतन व्यवस्था के साथ तीव्रगामी परिवहन की व्यवस्था आवश्यक है। श्री ओ.पी गोयल
पूर्व अध्यक्ष सोपा (सोयाबीन-आयल प्रोडक्शन एसोशियेसन) ने बताया कि म.प्र. से
विभिन्न कृषि उत्पादों के निर्यात की काफी संभावनायें हैं। जिसके बारे में आवश्यक
तकनीकी ज्ञान एवं मार्गदर्शन किसानों को देनी की आवश्यकता है। इसके साथ ही
किसानों को अच्छा बीज, उर्वरक दवायें भी कम कीमत पर उपलब्ध करानें की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि म.प्र. में 22 प्रजाति के गेहूँ की पैदावार किसानों द्वारा ली
जाती है। यदि गेहूँ की विभिन्न प्रजाति की पैदावार का सही प्रकार संग्रहण किसान
करनें लगे तो उसका निर्यात आसानी से संभव हो सकेगा। इसी प्रकार प्रदेश में
उत्पादित कपास की निर्धारित गुणवत्ता बनाये रखकर उसके निर्यात से ज्यादा आमदनी
किसानों को हो सकती है। म.प्र. सोया उत्पादों का एक बड़ा निर्यातक है। प्रदेश में
उत्पादित सब्जी एवं फलों का निर्यात भी विदेशों को किया जा सकता है। श्री गोयल ने
बताया कि पंजाब के किसानों को नयी तकनीक एवं अच्छा बीज उपलब्ध कराने से टमाटर की
पैदावार किसानों द्वारा प्रति हेक्टर 5 टन से बढ़ाकर 20 टन तक ली जानें लगी है।
उन्होंने म.प्र. के किसानों को प्रोसेंसिंग आफ फुड प्रोडक्शन की जानकारी देने की
बात कही।
जे.एन.एल.आई.यू भोपाल के श्री सी. राजशेखर ने अंर्तराष्ट्रीय व्यापार संगठन के
बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री विजय भटनागर, ईडीईएफटी भोपाल ने निर्यात की
विभिन्न नियम प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। श्री शिवेन्द्र श्रीवस्तव
मुख्य वन संरक्षक ने म.प्र. में पैदा होने वाली विभिन्न लघु वनोपजों के निर्यात
पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत की जैव-विविधता काफी समृद्ध है। उन्होंने
इण्डियन बायोडायवर्सिटीज एक्ट तथा म.प्र. बायोडायवर्सिटीज बोर्ड के बारे में
जानकारी देने के साथ पेटेंट के बारे में भी बतलाया। श्री के.के. तिवारी, पूर्व
मुख्य महानिदेशक म.प्र. कृषि उद्योग निगम ने कृषि व्यापार की नई संभावनायें एवं
कृषि प्रक्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
संसाधन केन्द्र विश्व व्यापार संगठन श्री व्ही.एस. शर्मा ने कार्यक्रम में
उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सिविल सेवा में चयनित
अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।
डेंगू, चिकुनगुनिया की रोकथाम के लिए 15
विभाग सहयोग करेंगे
Bhopal:Tuesday, September 15, 2009:
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में डेंगू व चिकुनगुनिया
बीमारी की रोकथाम के लिए पन्द्रह विभागों से सहयोग मांगा गया है। विभागों से
दोनों बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय विभागीय स्तर पर
करने की अपेक्षा की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय प्रशासन, विकास आयुक्त, पंचायत व ग्रामीण विकास, महिला
एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, उद्योग, अनुसूचित जाति विकास, वन, पंचायत व सामाजिक
न्याय, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास, मत्स्योद्योग, पीएचई, लोक
निर्माण और जल संसाधन विभाग को वैक्टर जनित बीमारियों के नियंत्रण हेतु कार्रवाई
करने को कहा है। शासन का मानना है कि इन सभी विभागों के समन्वित प्रयास से
चिकुनगुनिया, डेंगू बीमारी का फैलाव व रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की अपेक्षा के अनुरूप नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा चिकुनगुनिया,
डेंगू की रोकथाम के लिए 'सिविल बॉयलाज' लागू किया जायेगा, इसमें घरों में मच्छरों
की उत्पत्ति पाये जाने पर 500 रुपये के अर्थदण्ड का प्रावधान है। घरों के बाहर
सार्वजनिक स्थलों पर रुके हुए पानी की सप्ताह में एक बार निकासी आवश्यक रूप से
करनी होगी। शहरी विकास विभाग द्वारा निर्माण स्थलों को मच्छरों से मुक्त रखा
जायेगा, इसके लिए 'बिल्डिंग बॉयलाज' बनाए जायेंगे।
डेंगू व चिकुनगुनिया के रोकथाम के लिए पंचायत विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा व
प्रचार-प्रसार, जवाहर रोजगार योजना का उपयोग, नालियों का सुधार व स्वच्छता,
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत प्राप्त धनराशि से स्वच्छता, मच्छर की
उत्पत्ति रोकने के उपाय, स्थाई जलस्रोतों में लार्वाभक्षी मछली का संचय इत्यादि
उपाय करने की अपेक्षा की गई है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल प्रदाय योजना का
मेंटेनेंस, पानी एकत्र न होने देना जिससे मच्छरों की उत्पत्ति पर रोक लगे,
अनुपयोगी कुओं व गढ्ढों का भराव कर इस बीमारी के रोकथाम में सहयोग मांगा गया है।
इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बुखार के मरीज की
रक्तपट्टी बनाकर उपचार करेंगी। वे डेंगू, चिकुनगुनिया के लक्षण के मरीज की
जानकारी निकटस्थ उप स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को तत्काल
सूचित करेंगी व मच्छरों के लार्वा नष्ट कराने में सहयोग करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने वैक्टरजनित बीमारियों के नियंत्रण के उपाय पाठ्यक्रम में
जोड़ने, स्कूलों में मासिक स्वच्छता अभियान चलाने, सीमेंट की टंकियों, कूलर का
साप्ताहिक निरीक्षण व पानी की निकासी, निबंध प्रतियोगिताएं, सेमीनार का आयोजन,
हॉस्टल में विद्यार्थियों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने व उपयोग को बढ़ावा देने के
लिए शिक्षा विभाग, अनुसूचित जाति विकास व आदिम जाति क्षेत्रीय विकास विभाग से
सहयोग की अपेक्षा की है।
अन्य विभागों द्वारा भी डेंगू व चिकुनगुनिया की रोकथाम के प्रतिबंधात्मक उपयोग
में सहयोग किया जायेगा। उद्योग विभाग विभिन्न उद्योगों में एक सप्ताह से अधिक
रुके हुए पानी की निकासी का अभियान चलायेगा। वन विभाग वन ग्रामों में बुखार के
उपचार में सहयोग, मच्छरजनित परिस्थितियों को समाप्त करेगा। मत्स्योद्योग
लार्वाभक्षी मछली जम्बूशिया जिलों में उपलब्ध करायेगा। जल संसाधन स्टॉप डेम बनने
के साथ-साथ एकत्रित जल में लार्वाभक्षी मछली का संचय, सिंचाई के समय नहर में जमा
पानी एक सप्ताह में फ्लश किया जायेगा, निर्माण स्थलों पर लेबर की नियमित
स्वास्थ्य जांच, बुखार आने पर तत्काल उपचार की व्यवस्था तथा श्रमिकों को
मच्छरदानी के उपयोग का बढ़ावा दिया जायेगा।
इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा हैण्डपम्प के आसपास सोखते
गढ्ढे बनवाना, यदि सीमेंट की टंकियां हों तो सप्ताह में एक बार पानी की निकासी
करवाने के अलावा नल-जल योजना तथा पानी का सीवेज रोका जायेगा। लोक निर्माण विभाग
सड़कों के निर्माण के समय सड़क के आसपास बने गढ्ढों में बारिश का पानी एकत्र न
हो, इस प्रकार से डिजाईन करेगा। यह विभाग शासकीय भवनों में सीमेंट की टंकियों को
मच्छरप्रूफ भी करवायेगा।
पदस्थापनाएं
राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों के नवीन पदस्थापना के
आदेश जारी कर दिए हैं।
श्री मनोज गोविल को आयुक्त-सह-संचालक पुरातत्व एवं संग्रहालय पदस्थ किया गया है।
श्री विश्वमोहन उपाध्याय आयुक्त-सह-पंजीयक सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक,
राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ को सचिव, गृह, श्री अरुण कुमार भट्ट कलेक्टर
बैतूल को आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक राज्य सहकारी
तिलहन उत्पादक संघ का अतिरिक्त प्रभार तथा श्री विजय आनंद कुरील अपर आयुक्त
(राजस्व) जबलपुर संभाग को कलेक्टर बैतूल पदस्थ किया गया है।
श्री मनोज गोविल के कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जे.एन. मालपानी आयुक्त सह संचालक
पुरातत्व एवं संग्रहालय के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे।
आकाशवाणी भोपाल में हिन्दी पखवाड़ा का आयोजन
भोपाल
15
सितंबर, 09। आकाशवाणी भोपाल में दिनांक 14
से 29 सितंबर, 09
तक हिन्दी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। हिन्दी पखवाड़ा का
उद्घाटन समारोह दिनांक 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के
अवसर पर किया गया। इस अवसर पर साहित्य अकादमी मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन,
बाणगंगा , भोपाल के निदेशक
, प्रख्यात लेखक ,
साहित्यकार एवं कवि श्री देवेन्द्र दीपक मुख्य अतिथि थे। इस अवसर श्री दीपक ने
अपने उद्बोधन में कहा कि आकाशवाणी ने हिन्दी भाषा और
साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया है। उन्होंने कहा कि विदेशें
में भारतीय संस्कृति के प्रति ललक बढ़ रही है जिससे हिन्दी का
प्रचार-प्रसार बढ़ रहा है।
उद्घाटन
समारोह की अध्यक्षता करते हुए श्री रवीन्द्र गोयल केन्द्र अभियन्ता
, आकाशवाणी
भोपाल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हिन्दी का भविष्य बहुत उज्जवल है।
उमहानिदेशक कार्यालय मध्यक्षेत्र आकाशवाणी
भोपाल के सहायक केन्द्र निदेशक श्री अनिल कुमार
श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर
आकाशवाणी
भोपाल के समस्त अधिकारीकर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। हिन्दी पखवाड़े के
दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा हिन्दी कार्यशला का
आयोजन किया जायेगा।
मौसम केन्द्र,
भोपाल में राजभाषा पखवाड़ा
भोपाल
15
सितंबर, 09। मौसम केन्द्र भोपाल में दिनांक 1
सितंबर से 15 सितंबर, 09
तक राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न
प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। दिनांक 15 सितंबर,09
को पखवाड़े का समापन समारोह डॉ रणजीत सिंह,
सीएमअाे क़ेन्द्रीय स्वास्थ्य योजना
भोपाल के मुख्य आतिथ्य एवं डॉ ड़ीपीदुबे, निदेशक
मौसम केन्द्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ सिंह ने
कहा कि हिन्दी बहुत सरल और आसानी से समझ में आने वाली भाषा है,
इसलिए हिन्दी ने तमाम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए दुनिया
भर में नाम कमाया है और अपना विशेष स्थान बनाया है।
इस अवसर पर
आयोजित प्रतियोगिताओं में क्रमश:
तात्कालिक भाषण में मो रफीक , निबंध लेखन में श्री
डीक़ेदास, शुद्व लेखन में श्री आरक़ेअग्रवाल,
कविता पाठ में श्री यूक़ेपाण्डे,
हिन्दी टायपिंग में श्रीमती स्वाती दुबे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
नये पासपोर्ट
लगभग 74
दिन में
पुन: जारी
करने में करीब 28
दिन का समय
भोपाल
15
सितंबर, 09। दिनांक 040909
को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान नए पासपोर्ट के लिए दिनांक 22062009
तक जमा किये गये (फाईल संख्या ए01709709)
पासपोर्ट आवेदन पत्रों में पासपोर्ट जारी किये जा चुके हैं।
इसी तरह पुन: जारी होने वाले पासपोर्ट आवेदन पत्र, जो
07082009 (फाईल संख्या आर00435109)
तक पासपोर्ट कार्यालय में जमा किये गये थे उनके भी पासपोर्ट
जारी किये जा चुके हैं।
नये
पासपोर्ट आवेदन पत्रों में पासपोर्ट जारी करने में लगभग
74 दिन
का समय लग रहा है, जबकि पुन: जारी होने वाले पासपोर्ट
आवेदन पत्रों का निपटान 28 दिन में किया जा रहा है।
मौसम
भोपाल
15
सितंबर, 09। मौसम केन्द्र से प्राप्त जानकारी के
अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के रीवा,
जबलपुर एवं इन्दौर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हुई।
शेष संभागों का मौसम मुख्यत: शुष्क रहा।
मौसम केन्द्र
के अनुसार अगले 24
घंटों के दौरान प्रदेश के रीवा एवं सागर संभागों के जिलों में
कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है। शेष संभागों को
मौसम मुख्यत: शुष्क रहेगा।
युवक को चाकू से गोदा
उज्जैन,
15 जून, डॉ अरूण जैन। सोमवार रात
करीब 1130 बजे किशनपुरा चौराहे पर बंटी गेहलोत को
अखिलेश, लल्ला, भूरा,
पिंटू व तीन अन्य ने चाकुओं से गोद दिया। आरोपियों ने उसकी
बाइक को भी नुकसान पहुंचाया है। माधवनगर पुलिस के मुताबिक बंटी पर पुरानी रंजिश
के चलते हमला किया गया है। उसे इंदोर रैफर किया है।
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