कश्मीर का ख्वाब देखना बंद करे पाकिस्तान: सुषमा स्वराज

Location: संयुक्त राष्ट्र                                                 👤Posted By: वेब डेस्क                                                                         Views: 794

संयुक्त राष्ट्र: 26 सितम्बर 2016। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. यूएन में पाकिस्तान को चेताते हुए सुषमा स्वराज ने कहा, "कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा. पाकिस्तान इसको लेकर ख्वाब पालना छोड़ दे."

सुषमा स्वराज ने कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साथ मानवाधिकार का हनन हो रहा है. अगर किसी को मानवाधिकार हनन देखना है तो बलूचिस्तान को देखे."

नवाज शरीफ के बयान पर सुषमा ने कहा, "जिनके घर खुद शीशे के होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते. हमने शर्तों के साथ नहीं मित्रता के साथ पाकिस्तान की तरफ हाथ बढ़ाया है. हमने दो साल में मित्रता का जो पैमाना तय किया जो पहले कभी नहीं था. लेकिन हमें इसके बदले क्या मिला. पठानकोट, उरी बहादुर अली."

कश्मीर पर सुषमा स्वराज ने कहा, "कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा. पाकिस्तान इसको लेकर ख्वाब पालना छोड़ दे. हमारे पास बहादुर अली के रूप में पाकिस्तान के आतंकवाद का जिंदा सबूत है."

आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए सुषमा स्वराज ने कहा, "उरी में हम पर आतंकी ताकतों ने हमला किया. हम आतंक से पैदा होने वाले दर्द को समझते हैं. आज सबको यह स्वीकार करना होगा कि आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है. ये निर्दोषों को निशाना बनाता है."

आतंकवाद के पनाहगारों पर निशाना साधते हुए सुषमा स्वराज ने कहा, "आज हमें देखना होगा कि इन आतंकवादियों को कौन पनाह दे रहा है. इतिहास गवाह है कि जिसने हिंसक विचारधारा को पनाह दी है उसे इसका कड़वा फल ही मिला है. मेरा और तेरा आंतकवाद की मानसिकता से निकलना होगा. एक दृड़ निश्चय के साथ आज हमें आतंकवाद का सामना करना पड़ेगा."

अगर कोई देश इस तरह की रणनीति को समर्थन देने वाले देश को अलग-थलग करने का वक्त आ गया है. पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए ने कहा, "दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जो बोते भी हैं तो आतंकवाद, काटते भी हैं तो आतंकवाद निर्यात भी करते हैं तो आतंकवाद. आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को विश्व समुदाय में कोई जगह नहीं देनी चाहिए."

सुषमा स्वराज ने कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साथ मानवाधिकार का हनन हो रहा है. अगर किसी को मानवाधिकार हनन देखना है तो बलूचिस्तान को देखे."

सुषमा स्वराज ने कहा, "शांति के बिना विकास संभव नहीं है. हमारे लिए गरीबी, लैंगिक समानता हम सब के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं. आज समीक्षा उन कामों की भी हो जो हमने किए और समीक्षा उन कामों की भी हो जो हमने नहीं किए हैं."

आज आर्थिक मंदी के दौर में भी भारत विश्व में सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थ व्यवस्था बन गया है. हम यूएन के एजेंडा 2030 को सफल बनाने के लिए हम पूरे मनोयोग से काम कर रहे हैं."

जलवायु परिवर्तन आज एक गंभीर समस्या है. प्रकृति के पास अपार संपदा है लेकिन अगर हम उसका दोहन करेंगे तो उसका रौद्र रूप देखने को मिलेगा. यह समय का तकाजा है अपनी जीवन शैली में सुधार करते हुए प्राकृतिक संसाधनों का सीमित उपयोग करें. मैं विश्वास दिलाती हूं कि जलवायु परिवर्तन के लिए भारत हर संभव कदम उठाएगा."

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