जातियों को साधने में सफल रहे शिवराज.....

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                                         Views: 473

Bhopal: लोधी, पाटीदार और काछी समाज को मैनेज करने के जतन
3 फरवरी 2018। लंबे समय के बाद मुख्यमंन्त्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।राजभवन में सुबह साढ़े 9 बजे हुई शपथ ग्रहण में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बालकृष्ण पाटीदार नारायण सिंह कुशवाहा ओर जालम सिंह पटेल को मंत्री पद की शपथ दिलाई।चुनावी साल में इस विस्तार के जरिये भाजपा सरकार ने पिछड़ी जातियों को साधने की कवायद की है।

चुनावी साल में शिवराज सिंह चौहान ने अपना दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया। राजभवन में हुए इस विस्तार में राज्यपाल आनंद बेन पटेल ने बालकृष्ण पाटीदार नारायण सिंह कुशवाह ओर जालम सिंह पटेल को मंत्री पद की शपथ दिलाई। पूरी तरह जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर किये गए इस विस्तार के बहाने शिवराज ने मुंगावली ओर कोलारस उपचुनावों पर निशाना लगाया है। दरअसल कोलारस ओर मुंगावली में कुशवाहा ओर लोधी समाज के 20 फीसदी से ज्यादा मतदाता हैं।नारायण सिंह कुशवाह जहां कुशवाहा समाज के बड़े नेता है वहीं जालम सिंह पटेल का लोधी समाज में काफी दबदबा है। इस विस्तार की एक बड़ी वजह जातीय संतुलन बनाना था, गुजरात चुनावो में पार्टी को पाटीदारों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था इसी के चलते बालकृष्ण पाटीदार को मंत्री बनाकर शिवराज ने पाटीदारों को साधने की कोशिश की है।

मंत्रियों को बनाने के पीछे के समीकरण
नारायण सिंह कुशवाहा
- काछी समुदाय से आते हैं,प्रदेश की 30 से ज्यादा विधानसभा पर कुशवाहा समाज के वोटर।
- ग्वालियर चंबल में कुशवाह समाज का दबदबा।
-कैविनेट में कुशवाहा समाज का मंत्री ने होने से कुशवाहा समाज था नाराज,2016 में कुशवाहा समाज ने भाजपा को वोट न देने की की थी अपील।
-तीन बार मंत्री रह चुके है,बाबूलाल गौर की 2004 की सरकार मे सामाजिक न्याय,पशुपालन ओर गौ संवर्धन राज्य मंत्री,2005 में शिवराज सरकार मे वन राजस्व राज्य मंत्री,तीसरी बार 2008 में फिर से शिवराज सरकार में ग्रह राज्य मंत्री।
बालकृष्ण पाटीदार
-किसान आंदोलन के बाद उपजी पाटीदारों की नाराजगी साधने के लिए।
- गुजरात में पाटीदार आंदोलन की भरपाई ।
- हार्दिक पटेल की मध्य प्रदेश में ध्याम देने के बाद उनकी काट के तौर पर।
- केबिनेट में पाटीदार समुदाय का मंत्री न होना।
- गुजरात की सीमा से सटे विधानसभा ओर मालवा निमाड़ की पाटीदार बाहुल्य सीट पर नजर।
-तीन बार के विधायक और मालवा निमाड़ में मौजूद पाटीदार समुदाय में खासा प्रभाव।
जालम सिंह पटेल
- बड़े भाई प्रहलाद पटेल कल्याण सिंह उमा भारती के बाद देश में लोधियों के बड़े नेता।
- मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड समेत महाकौशल में लोधियों का प्रभाव 30 से ज्यादा सीटों पर।
- प्रह्लाद पटेल को केन्द्रिय मंत्रिमंडल के हालिया हुए विस्तार में न लिए जाने की नाराजगी दूर करने के लिए।
- जालम सिंह पटेल को मंत्री बनाने के बाद प्रह्लाद पटेल की प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी होगी कमजोर।
दरअसल शिवराज सरकार ने अपने चार साल दो महीने के कार्यकाल में दूसरी बार मंत्रिमंडल विस्तार किया है।इससे पहले जून 2016 में पहली बार विस्तार कर 9 मंत्रियों को शामिल किया था।इसी विस्तार में बाबूलाल गौर ओर सरताज सिंह को मंत्री पद से भी हटाया गया था।आज हुए दुसरे विस्तार के बाद शिवराज समेत 32 मंत्री हो चुके हैं।शिवराज अपनी केबिनेट में अधिकतम 35 मंत्री रख सकते है। इस लिहाज से अभी शिवराज 3 ओर नए मंत्री ककेबिनेट में शामिल कर सकते है।

- डॉ. नवीन जोशी

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