देशी-विदेशी शराब की बोतलों पर अब नई एमएसपी दर्ज होगी

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 126

Bhopal: 28 नवंबर 2019। प्रदेश की लायसेंसधारी देशी एवं विदेशी मदिरा की दुकानों से बिकने वाली मदिरा बोतलों पर अब नई दरों से मिनिमम रिटेल प्राईज यानि एमएसपी दर्ज होगी। दरअसल इस साल के जब ठेके हुये और बोतलों की एमएसपी तय हुई तो उसके बाद गत 21 अक्टूबर 2019 से राज्य सरकार ने शराब पर 5 प्रतिशत वैट की बढ़ोत्तरी कर दी। चूंकि बोतलों पर पुरानी एमएसपी दर्ज थी इसलिये उपभोक्ता इस पर आपत्ति कर रहे थे कि उन्हें अधिक मूल्य पर शराब दी जा रही है जबकि एमएसपी में कम दर्ज है। इसलिये अब राज्य सरकार ने आबकारी व्यवस्था वर्ष 2019-20 में नया संशोधन कर दिया है। इसके तहत देशी शराब की बोतल पर एमएसपी 20 प्रतिशत के बजाये 25 प्रतिशत तथा विदेशी मदिरा जिसमें स्पिरिट, वाईन एवं बियर भी शामिल है, में 15 प्रतिशत के बजाये 20 प्रतिशत की वृध्दि की जाकर मैक्सीमम रिटेल प्राईज लिखी जाये।

आफ लाईन दुकानों में हुई अहातों की व्यवस्था :
राज्य सरकार ने आफ लाईन देशी एवं विदेशी शराब की दुकानों से सटकर अहाते बनाने की व्यवस्था कर दी है। इसके लिये प्रावधान जारी कर दिये गये हैं। जिस शराब की दुकान का वार्षिक मूल्य 2 करोड़ रुपये तक होगा उसे अहाते हुये वार्षिक मूल्य का 5 प्रतिशत, जिस दुकान का वार्शिक मूल्य 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक होगा उसे 2 करोड़ रुपये वार्षिक मूल्य का 5 प्रतिशत प्लस शेष मूल्य का 3 प्रतिशत देना होगा। इसी प्रकार, 5 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक मूल्य वाली दुकानों को 2 करोड़ रु. वार्षिक मूल्य तक 5 प्रतिशत प्लस 2 करोड़ से अधिक एवं 5 करोड़ रुपये तक वार्षिक मूल्य पर 3 प्रतिशत प्लस शेष मूल्य पर 2 प्रतिशत शुल्क देना होगा। विदेशी मदिरा के अहातों का एयरकन्डीशन्ड होना अनिवारर्य होगा जबकि देशी शराब के अहाते हुये यह बंधन नहीं रखा गया है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि अभी शराब की दुकानों में पुराना स्टाक है इसलिये बढ़ाये गये 5 प्रतिशत वैट का मूल्य में उल्लेख नहीं है। अब यह मूल्य बढ़ा दिया गया है तथा शराब निर्माता कंपनियां नये मूल्य को बोतलों में अंकित करेंगी। इसके अलावा आफ लाईन शराब दुकानों में अहाते का भी प्रावधान जारी कर दिया है। आवेदन आना प्रारंभ हो गये हैं जिनका स्थल निरीक्षण कर सात दिनों के अंदर निराकरण किया जायेगा।



- डॉ. नवीन जोशी

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