भोपाल में दो पक्ष आमने-सामने पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी हुई

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 539

Bhopal: 31 मई 2017, भोपाल के हमीदिया अस्पताल कैंपस में चार दिन से चल रहा धर्मस्थल से जुड़ा विवाद मंगलवार रात उग्र हो गया। पीरगेट चौराहे पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए एक पक्ष के लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी लाठी-डंडे लेकर सड़क पर आ गए। दोनों तरफ से पथराव हुआ। डायल 100 सहित अन्य गाड़ियों में भी तोड़फोड़ हुई। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने हवाई फायर किए। आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। देर रात तक कलेक्टर, डीआईजी पीरगेट पर डटे रहे। रात 12 बजे रैपिड एक्शन फोर्स के पहुंचने के बाद हालात काबू में आए।

मंगलवार रात तकरीबन 8:30 बजे हालात तब बिगड़े, जब पीरगेट चौराहे पर कुछ लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में वहां दोनों पक्षों के हजारों लोगों की भीड़ जा डटी। आनन-फानन अफसर भी मौके पर पहुंचे। रात 12 बजे कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बताया कि 12 वाहनों में आग लगाई गई है। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।

पुलिस देखती रही... दोनों पक्ष एक-दूसरे को देते रहे चुनौती
पीरगेट पर दो पक्ष आमने-सामने आए तो नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी कम पड़ गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष एक-दूसरे को चुनौती देते रहे। अफसर जब एक पक्ष से बात करने आगे बढ़े तो हालात देखकर वे भी बीच में ही रुक गए। रैपिड एक्शन फोर्स के पहुंचने के बाद हालात काबू में आए।

रात 10 बजे : केबल स्टे ब्रिज से शाहजहांनाबाद तक सड़कों पर भीड़
रात 10 बजे तो हालात इस कदर बिगड़ गए कि केबल स्टे ब्रिज से लेकर बुधवारा, इतवारा, पीरगेट, लखेरापुरा, इमामीगेट, कबाड़खाना तक हर गली में लोगों की भीड़ दिख रही थी। रेतघाट चौराहे से पीरगेट की तरफ वाहनों को आने की अनुमति नहीं थी। भोपाल टॉकीज की ओर से भी ट्रैफिक नहीं आने दिया जा रहा था। इसके बावजूद हजारों लोगों की भीड़ सड़क पर जुटी थी।

दोनों पक्षों की समझदारी से टली बड़ी घटना
हमीदिया कैंपस में मंगलवार रात दो गुटों के बीच हुआ विवाद बड़ा रूप ले सकता था। लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी और दोनों गुटों की समझदारी से बड़ी घटना टल गई। रात 8:30 बजे के बाद अचानक माहौल गरमाया और दोनों गुट आमने-सामने आए तो आला अफसर भी मौके पर पहुंचे। तब तक पथराव शुरू हो चुका था। अफसरों ने भीड़ को नियंत्रित किया और दोनों गुटों से बात की। समझाइश की पहल रंग लाई और बड़ी घटना होने से बच गई। रात 12 बजे कलेक्टर ने कहा- स्थिति काबू में है।

इमरजेंसी यूनिट बंद, ओपीडी में 30 फीसदी मरीज घटे
पीरगेट पर हुए उपद्रव के बाद हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी बंद कर दी गई। पुलिस और जिला प्रशासन ने एहतियातन अस्पताल का मुख्य दरवाजा रात 8 बजे अस्थाई रूप से बंद करा दिया। इससे अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में मरीजों काे इलाज मिलना बंद हो गया। सड़क हादसे और दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे पहले पूरे दिन हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीज एक समुदाय विशेष के लोगों की भीड़ जमा होने के कारण परेशान होते रहे।तीन दिन से चल रहे विवाद के बाद हमीदिया की ओपीडी में मंगलवार को 30 फीसदी मरीज घट गए। दहशत में 50 से ज्यादा भर्ती मरीज भी बिना डिस्चार्ज हुए अस्पताल से चले गए।

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