मौन प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को आतंकवादी और पाकिस्तानी बताया

Location: भोपाल                                                 👤Posted By: वेब डेस्क                                                                         Views: 16457

भोपाल: बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में बुधवार को अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे प्रोफेसर्स को यहां आए करीब पांच दर्जन छात्रों के समूह ने देशद्रोही, गद्दार, आतंकवादी और पाकिस्तानी तक कह दिया। करीब एक घंटे तक नारेबाजी के बाद पुलिस के दखल से वे चले गए। हालांकि इस दौरान प्रोफेसर्स ने छात्रों का किसी प्रकार का विरोध नहीं किया, वे शांत बैठे रहे।

राजधानी के विभिन्न कॉलेज के प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लायब्रेरियन, क्रीड़ा अधिकारी सहित बरकतउल्ला विवि के प्रोफेसर सातवें वेतनमान की मांग को लेकर सत्यभवन के समक्ष धरना दे रहे थे। यह मौन प्रदर्शन था। सभी ने विरोधस्वरूप सामूहिक अवकाश लिया था।

अखिल भारतीय विवि एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (आईफुक्टो) और प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के आह्वान पर यह धरना दिया गया था। प्रोफेसर्स ने मांग की कि यूजीसी की सातवें वेतन आयोग की सिफरिशों को शिक्षकों के अनुकूल कर लागू किया जाए।

इसके अलावा अन्य चार सूत्रीय मांगें भी सामने रखी गईं। इनमें मुख्य रूप से सातवां वेतनमान दिया जाना, छठवें वेतनमान का एरियर शीघ्र प्रदान करने, पाठ्यक्रम तैयार करने का अधिकार राज्य सरकार के पास ही रखने की मांग शामिल है।

छात्रों ने जमकर की नारेबाजी

जब शिक्षक धरने पर बैठे थे तभी 50-60 छात्र धरना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने धरने पर बैठे शिक्षकों का विरोध किया और उन्हें पाकिस्तानी, देशद्रोही, आतंकवादी और गद्दार कहते हुए नारे लगाए। जिन छात्रों ने विरोध किया, उसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित बीयू और अन्य कॉलेजों के छात्र संगठन शामिल थे।

इस संबंध में विद्यार्थी परिषद के विजय अटवाल ने कहा कि आईफुक्टो वही संगठन है, जिसने जेएनयू में भारत विरोधी गतिविधि में शामिल लोगों का समर्थन किया था। इस संगठन ने कन्हैया कुमार का भी समर्थन किया। इस तरह से यह मप्र के विवि और कॉलजों का भी माहौल बिगाड़ेगा।

हम ऐसे संगठन के शिक्षण स्थल पर होने वाले आयोजन का विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद सहित अन्य छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। इसमें सीधे-सीधे विद्यार्थी परिषद नहीं जुड़ा है, लेकिन छात्र स्वप्रेरणा से इसका विरोध कर रहे हैं। प्रोफसर्स के खिलाफ नारेबाजी करने वालों में सुमित राणा, भाषित दीक्षित आदि शामिल थे।

सीआईडी जांच की मांग

प्रदर्शन में करीब 200 शिक्षक शामिल थे। हम मौन प्रदर्शन कर रहे थे और छात्रों के समूह ने हम पर अनर्गल आरोप लगाए। हम इसकी सीआईडी जांच की मांग करते हैं। साथ ही अगर वे यह साबित करें कि हम पर लगाए आरोप सही हैं तो हमारी जांच की जानी चाहिए। आज बड़ी घटना घट सकती थी। आईफुक्टो राष्ट्रीय स्तर का संगठन है और सब जगह आज ऐसा धरना दिया गया। - डॉ. कैलाश त्यागी, अध्यक्ष, प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ

असुरक्षा का माहौल

यह निंदा का विषय है कि शिक्षकों को आतंकवादी, पाकिस्तानी और देशद्रोही कहा गया। शिक्षण संस्थानों में ऐसा नहीं होना चाहिए। ऐसे में विवि और कॉलेजों में असुरक्षा का माहौल बढ़ेगा।
- प्रो. आशा शुक्ला, सचिव, बरकतउल्ला विवि शिक्षक संघ

Related News

Latest Tweets

Latest News