संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त 2016 के बीच होगा

Location: 1                                                 👤Posted By: Admin                                                                         Views: 16447

1: एम वेंकैया नायडू ने 30 मंत्रियों के साथ विधायी एजेंडे पर चर्चा की सरकार मानसून सत्र के दौरान जीएसटी विधेयक के पारित होने के बारे में आशावान- श्री एम वेंकैया नायडू ने समर्थन का किया अनुरोध
संसदीय कार्यों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सरकारी कामकाज की अत्यावश्यकता को ध्यान में रखते हुए आज इस साल का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक आयोजित करने की सिफारिश की। कैबिनेट बैठक के बाद संपन्न हुए सीसीपीए की बैठक में लिए गए इस फैसले की जीनकारी संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने पत्रकारों को दी।
श्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि आगामी मानसून सत्र की 26 दिन की अवधि में कुल 20 सीटिंग होंगे।
30 मंत्रियों के साथ आगामी सत्र के लिए विधायी एजेंडा पर इस बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा देते श्री नायडू ने कहा कि लोकसभा में कुल 11 और राज्यसभा में कुल 45 विधेयक लंबित हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रियों से लंबित और नये विधेयकों पर, जो अगले माह के तीसरे पखवारे में पेश किए जाएंगे,आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है ताकि कम से कम 20 से 25 विधेयकों पर काम किया जा सके।
पत्रकारों से बात करते हुए वेंकैया नायडू ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जीएसटी विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान पारित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी विधेयक पर लगभग सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति बन गई है। यदि किसी राजनीतिक दल को अभी भी कोई समस्या है तो सरकार इस पर चर्चा को तैयार है। विधेयक के महत्व को देखते हुए यह उचित होगा कि अगर जीएसटी विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया जाए। संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते "मैं अन्य विकल्पों पर काम करने से पहले इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयक पर आम सहमति पसंद करता हूं। जीएसटी बिल का पास होना राष्ट्रीय हित में है और मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि वे इसके लिए समर्थन करें"।

तीन बिलों को बदलने के लिए आने वाले मानसून सत्र तीन अध्यादेशों को लिया जा रहा है- जैसे----
1. भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) अध्यादेश, 2016
2. दंत चिकित्सक (संशोधन) अध्यादेश, 2016 (इस वर्ष दोनों राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से छूट से संबंधित)
3. शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) तीसरा अध्यादेश, 2016

लोकसभा में कुल 11 लंबित विधेयक निम्नलिखित हैं--
1. कारखाने (संशोधन) विधेयक, 2014
2. विद्युत (संशोधन) विधेयक 2014
3. लोकपाल और लोकायुक्त तथा अन्य संबद्ध विधि (संशोधन) विधेयक 2014
4. मर्चेंट शिपिंग (संशोधन) विधेयक 2015
5. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2015
6. उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2015
7. बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन विधेयक , 2015
इन सात बिलों से संबंधित विभागों के स्थायी समितियों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
8. भारतीय ट्रस्ट संशोधन विधेयक , 2015 (राज्यसभा द्वारा संशोधन पर सहमति)
9. कंपनियां (संशोधन) विधेयक 2016 (स्थायी समिति को भेजा गया है)
10. प्रतिभूति हित एवं ऋण कानून की वसूली एवं प्रकीर्ण उपबंध (संशोधन) विधेयक 2016 (संयुक्त समिति को भेजा गया है), और
11. भूमि अधिग्रहण में मेले क्षतिपूर्ति करने का अधिकार और पारदर्शिता, पुनर्वास और पुनर्स्थापन (संशोधन) विधेयक, 2015

राज्यसभा में लंबित 45 विधेयकों में से कुछ निम्नलिख्त हैं----
1. भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 1987 (संयुक्त समिति के अनुसार)
(लोकसभा द्वारा पारित विधेयकों)
2. विसल्ब्लोअर सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2015
3. प्रतिपूरक वनीकरण कोष विधेयक, 2016
4. क्षेत्रीय केन्द्र जैव प्रौद्योगिकी विधेयक, 2016

(लोकसभा द्वारा पारित विधेयकों और राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट)

5. 122 वां संविधान संशोधन विधेयक, 2014--जीसीटी विधेयक
6. शत्रु सम्पत्ति (संशोधन एवं विनिमान्यकारण) विधेयक 2016
(प्रवर समिति को भेजे गये विधेयक हैं)
7. भ्रष्टाचार निरोधक (संशोधन) विधेयक 2013

(वैसे विधेयक जिसपर स्थायी समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की-34 विधेयक)
8. बाल श्रम (प्रतिबंध और नियमन) संशोधन विधेयक-2012
9. दिव्यांग अधिकार विधेयक, 2014 और
10. कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2008

Tags
Share

Related News

Latest Tweets