स्थाई किये गये दैवेभो भी 62 वर्ष में रिटायर होंगे

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 18806

Bhopal: 14 मई 2017, राज्य सरकार ने कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई कर्मी का दर्जा देने के बाद अब उन्हें मिलने वाली सुविधाओं का भी निर्धारण कर दिया है। अब जो स्थाई दैवेभो कर्मी तृतीय श्रेणी पदों पर कार्यरत हैं वे 60 वर्ष की उम्र में तथा जो चतुर्थ श्रेणी पदों पर कार्यरत हैं, वे 62 वर्ष की उम्र में रिटायर होंगे।

इसी प्रकार, स्थाई दैवेभो कर्मी पेंशन फण्ड नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा विनियमित राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम के सदस्य बनने के लिये निर्धारित प्रारुप को भरकर विकल्प देना होगा कि वह सदस्य बनना चाहता है या नहीं।

स्थाई दैवेभो कर्मी को अवकाश पर जाने की भी सुविधा दी गई है। वह एक कैलेण्डर वर्ष में तीन राष्ट्रीय अवकाश जैसे 26 जनवरी, 15 अगस्त एवं 2 अक्टूबर के लिये पात्र होगा। इसके अलावा वह एच्छिक या स्थानीय अवकाशों की सूची में से पांच अवकाश चुन सकेगा। इसके अलावा वह एक कैलेण्डर वर्ष में सात दिन के आकस्मिक अवकाश ले सकेगा परन्तु वह लगातार दो दिन से अधिक के आकस्मिक अवकाश को लेने का पात्र नहीं होगा। शासन की महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने संबंधी नीति का लाभ लेने के लिये यह स्थाई दैवेभो कर्मी पात्र नहीं होगा। उपरोक्त अवकाशों के अलावा स्थाई दैवेभो रविवार का साप्ताहिक अवकाश लेने का पात्र होगा तथा यदि आपाती स्थिति में यदि वह साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करता है तो उसके बदले में अगले सप्ताह में अवकाश स्वीकृत किया जायेगा।

नये प्रावधान के अनुसार, अब स्थाई दैवेभो कर्मी कार्यस्थल पर चोरी, गबन, घूस लेने, सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने, अधिकारियों के आदेश की अवहेलना, जुआ खेलने, शराब पीने, बिना पूर्व सूचना के लगातार दस दिन अनुपस्थित रहने, हड़ताल में भाग लेने या अन्य कर्मियों को हड़ताल पर जाने हेतु उकसाने का कार्य करता है तो यह गंभीर कदाचारण माना जायेगा तथा उसे सेवा से हटाये जाने का दण्ड दिया जा सकेगा।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में स्थाई किये गये दैनिक वेतनभोगी कर्मी करीब 48 हजार हैं। इन्हें स्थाई करने के बाद इन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को भी स्पष्ट कर दिया गया है तथा सभी विभागों से कहा गया है कि वे अपने यहां इन दैवेभो कर्मियों के लिये नये प्रावधानानुसार नियम बनायें।



- डॉ नवीन जोशी

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