'रिश्तों का चक्रव्यूह', एक मां-बेटी के बीच असाधारण 'द्वेषपूर्ण' कहानी

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 1644

Bhopal: "जिंदगी से हमें जितने भी उपहार मिले हैं, उनमें से मां सबसे अच्छा तोहफा है। "यह एक सशक्त कहावत है। 'मां' का महत्व सारी दुनिया में एक सा है, नहीं? जब वे कहते हैं कि 'प्यार' की शुरूआत और अंत मातृत्व के साथ होता है, तो क्या आपने कभी मां-बेटी की ऐसी जोड़ी की कल्पना की है, जिनके बीच 'प्यार' की कोई भावना ही नहीं है।

स्टार प्लस अपने दर्शकों के लिए एकदम नया ड्रामा 'रिश्तों का चक्रव्यूह' लेकर आ रहा है, जिसमें मां सतरूपा और उसकी बेटी अनामी के बीच के टकराव को दिखाया गया है। शाही पृष्ठभूमि पर आधारित यह शो एक अमीर औद्योगिक परिवार पर केंद्रित है, जोकि एक भव्य लाल महल में रहता है। यह लाल महल कई षड़यंत्रों का घर है। इस शो में सत्तावादी महिला सतरूपा और उसकी बेटी अनामी की कहानी दिखाई गई है।

इस दिलचस्प जोड़ी के बीच हमेशा विवाद रहता है। आखिर उन्हें किसने अलग किया है? क्या यह परिवार में होने वाला आम झगड़ा है, जो समय के साथ ठीक हो जाता है? अथवा यह एक स्थायी दरार है जिसका उत्पत्ति द्वेष से भरे अतीत के कारण हुई? एक मां और बेटी का रिश्ता बेहद पवित्र माना जाता है, यह इतना द्वेषपूर्ण कैसे हो सकता है?

सतरूपा की भूमिका बहुमुखी अदाकारा नारायणी शास्त्री निभा रही है। सतरूपा एक दृढ़ इच्छाशक्ति वाली कामयाब बिजनेस वुमेन है। वह अपने माता-पिता की अकेली लड़की होती है और बहुत कम उम्र से ही बिजनेस की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा लेती है। वह आज जिस मुकाम पर है, वहां तक पहुंचने के लिए उसने जिंदगी में काफी बलिदान किये हैं। लाल महल की डोर पूरी तरह से सतरूपा के हाथों में हैं।

इस कटु संबंध के दूसरी ओर एक आत्मविश्वासी, निडर और जिंदादिल अनामी है, जिसका किरदार महिमा मकवाना निभा रही है। 17 वर्षीय अनामी बनारस की रहने वाली है और दंबग रवैये के साथ एक विद्रोही है। वह अपनी खुद की बाॅस है और अपने फैसले खुद से लेती है। अत्यधिक क्रोध करने वाली अनामी हमेशा सही के पक्ष में खड़ी रहती है और अपनी किस्मत खुद से लिखने में यकीन करती है। उसका लुक उसे सबसे अलग करता है। निर्भीक अनामी अपने भारी-भरकम तकियाकलाम के लिए जानी जाती है - 'हमारे बारे में ज्यादा मत सोचिये दिमाग ब्लास्ट मार देगा "और 'दिल गंगा और दिमाग में पंगा"। अपने उग्र स्वभाव के बावजूद, वह एक शिष्ट लड़की है जो अपने सिद्धांतों में विश्वास करती है। वह पक्के इरादों वाली लड़की है।

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 'के बाद स्टार प्लस पर अपनी वापसी को लेकर उत्साहित नारायणी कहती हैं, "इस शो के साथ मेरे लिये यह घर आने जैसा है। "इस शो के साथ पर्दे पर निभाये जाने वाले अनूठे 'संबंध' के बारे में उनका कहना है, "हम बच्चे अपनी मां के हमेशा करीब होते हैं। खासतौर से बेटियां, जो अपनी बढ़ती उम्र में अपनी मां पर सबसे अधिक विश्वास करती हैं। इस धारणा के विपरीत, ऐसे शो में काम करना काफी रोचक है जिसमें एक मां-बेटी की जोड़ी के बीच लड़ाई को दिखाया गया है।"

महिमा, जो इस शो में एक दबंग किरदार निभा रही हैं, काफी खुश हैं और उन्होंने कहा, "जंग लोहे में लगता है मिट्टी में नहीं, और हमारा इरादा मिट्टी का है! यह कुछ ऐसे दमदार डायलाॅग्स हैं जिन्हें मैं शो में बोलूंगी। मैं शो में इस शक्तिशाली भूमिका को अदा करने के लिए वाकई में उत्साहित हूं। "उन्होंने आगे बताया, "असली जिंदगी में मैं अपनी मां के बहुत करीब हूं और उनका खूब सम्मान करती हूं। लेकिन इस शो में मैं एकदम विरीत किरदार अदा करूंगी। खैर यह घृणा के 'लेनदेन' का समीकरण है जिसे हम आपस में साझा करते हैं। इस शो में एक और दिलचस्प चीज है 'लाल महल', यह एक घर नहीं है बल्कि षड़यंत्रों का जाल है, आप तब आश्चर्य करेंगे जब यहां से छुपे गहरे राज बाहर निकलकर आयेंगे।

मां और बेटी की इस शानदार अनोखी जोड़ी के अलावा, इस शो में कई और दमदार कलाकारों को भी देखने का मौका मिलेगा। इसमें संगीता घोष और प्रणीत भट्ट एक नकारात्मक भमिका में नज़र आयेंगे। अंजू महेन्दु्र और टाॅम आल्टर भी मुख्य भूमिकाओं में होंगे।

सतरूपा और अनामी के बीच आखिर इतनी दूरियां क्यों बन गईं, क्या वे कभी शांति से रह पायेंगी? जानने के लिए देखिये 'रिश्तों का चक्रव्यूह' सिर्फ स्टार प्लस पर।

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