जिन्हे नहीं मिली खसरा की नि:शुल्क नकल- सी.एम. हेल्पलाइन में करें शिकायत

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: PDD                                                                         Views: 198

Bhopal: प्रति वर्ष 15 अगस्त से 2 अक्टूबर के बीच मिलेंगी नि:शुल्क खसरा खतौनी

7 नवम्बर 2017। प्रति वर्ष 15 अगस्त से 2 अक्टूबर के बीच खसरा-खतौनी की नकल नि:शुल्क बांटी जाएंगी। इस वर्ष जिन्हें नि:शुल्क नकल नहीं मिली, वे सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान की। श्री गुप्ता ने कहा कि तहसील और पंचायतों में बोर्ड लगाएँ कि जिनको नकल नहीं मिली वे यहाँ से प्राप्त करें।

ज्वाइन नहीं करने वाले तहसीलदार होंगे निलंबित

श्री गुप्ता ने कहा कि मोबाइल एप के माध्यम से भी खसरा-खतौनी की नकल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करें। राजस्व से संबंधित नियमों-प्रक्रियाओं को औचित्यपूर्ण और सरल बनाएँ। राजस्व मंत्री ने कहा कि जिन स्थानांतरित तहसीलदारों ने अभी तक नवीन पद-स्थापना स्थल में ज्वाइनिंग नहीं दी है, उन्हें तत्काल निलंबित करें। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव द्वारा प्रति सप्ताह की जाने वाली समीक्षा में विभागीय जांच और कोर्ट केसों की भी शामिल करें।

प्रमुख सचिव राजस्व अरूण पाण्डेय ने बताया कि राजस्व विभाग के कार्यों में सुधार के लिए मुख्य सचिव द्वारा भोपाल, ग्वालियर, चंबल और शहडोल संभाग की समीक्षा की जा चुकी है।

कोर्ट में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए केस मॉनीटरिंग एण्ड ट्रेकिंग सिस्टम (सीएमटीएस) बनाया गया है। इसमें 5164 प्रकरणों की मेपिंग हो चुकी है। विभाग ने विधानसभा प्रश्नों का जवाब देने के लिये ई-उत्तर एप्लीकेशन बनाया है। राजस्व विभाग ई-ऑफिस के कांसेप्ट पर कार्य कर रहा है। राजस्व विभाग में केडर पुनर्गठन किया जा रहा है। भू-राजस्व संहिता में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के लिए एक समिति गठित की गयी है।

पटवारियों को मिलेंगे स्मार्ट फोन
पटवारियों को स्मार्ट फोन के लिए 7300 रूपये दिये जायेंगे। पटवारी स्वयं फोन खरीदकर बिल प्रस्तुत करेंगे। निर्धारित राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जायेगी।

ई.टी.एस. मशीनों से होगा सीमांकन
प्रदेश में 100 प्रतिशत सीमांकन ई.टी.एस. मशीनों से होगा। फसल गिरदावरी के लिए किसानों द्वारा बोई गयी फसलों की जानकारी देने के लिए एप बनाया जायेगा। पटवारियों द्वारा किसानों द्वारा दी गयी जानकारी का सत्यापन निर्धारित समय में किया जायेगा। जानकारी में कोई परिवर्तन होने पर किसानों को एस.एम.एस. से सूचना दी जायेगी।

बैठक में राजस्व सचिव हरिरंजन राव और पी. नरहरि, प्रमुख राजस्व आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव तथा एडिशनल कमिश्नर भू-अभिलेख एम. सेलवेंद्रम उपस्थित थे।

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