सिविल सर्विस एक्जाम की तैयारी फिक्शन और नान फिक्शन बुक्स पढ़ते हुए करें: निधि अग्रवाल

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 236

Bhopal: ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम से करें तौबा

24 जून 2018। यदि आप किसी काम्पीटिटिव एक्जाम की तैयारी कर रहे हैं और आपकी डेली रीडिंग ट्वीट्स फेसबुक और इंस्टाग्राम अपडेट के आसपास घूम रही हो तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।

चाहे प्रतियोगी परीक्षाएं पास करनी हो या फिर जीवन के अन्य क्षेत्रों में सफलता अच्छी पुस्तकों को नियमित पढ़ने की हैबिट आपको हर जगह सफलता दिलाती है। किताबें पढ़ने के एक नहीं अनेक फायदे है। रीडिंग एक जिम है जहां दिमाग की कसरत होती है और वह और ज्यादा शक्तिशाली व क्रिएटिव बनता है। रीडिंग की आदत नाॅलिज बढ़ाती है और तनाव घटाती है।

उक्त बात आज मौलाना आजाद लायब्रेरी में सिविल सर्विसेस परीक्षा की तैयारी कर रहे 100 विद्यार्थियों के बैच को संबोध््िात करते हुए जानी मानी रीडिंग एक्सपर्ट निधि अग्रवाल ने कही। स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी तथा सेन्ट्रल लायब्रेरी के इस संयुक्त आयोजन के लिए सुश्री निधि को रीडिंग स्किल्स कैसे डेवलप करें इस विषय पर विद्यार्थियों को टिप्स व ट्रिक्स देने हेतु आमंत्रित किया गया था।

सुश्री निधि ने लगभग दो घण्टे के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फिक्शन व नान फिक्शन पुस्तकों को पढ़ने की सलाह दी और कहा कि ऐसी पुस्तकें दिमाग को उन हिस्सों को सक्रिय करती हैं जिनसे हमारी मेमोरी, क्रिएटिविटी और एनालिटिकल थिंकिंग जुड़ी होती हैं।
उन्होंने कहा कि नियमित रीडिंग से हम नये शब्द सीखते हैं और अपने आपको अच्छी तरह एक्सप्रेस कर पाते हैं। जो लोग नियमित पुस्तकें पढ़ते हैं उनका दिमाग तनावमुक्त रहता है जिससे उनकी मेमोरी में इजाफा होता है। काम्पीटिटिव एक्जाम को क्रेक करने के लिए सबसे जरूरी चीज एनालिटिकल थिंकिंग भी बुक्स पढ़ने से ज्यादा तेजी से विकसित होती है।

किताबे पढ़ने से व्यक्ति में एकाग्रता और ध्यान केन्द्रित करने की क्षमता भी विकसित होती है। यह क्षमता किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए सबसे जरूरी मानी जाती है। रीडिंग का एक फायदा और है- इससे व्यक्ति के राइटिंग स्किल बेहतर हो जाते हैं।

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