प्रदेश के दस विभागों में अप्रेन्टिसशिप होगी

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 252

Bhopal: कौशल विकास को लेकर फ्रिकमंद है सरकार
17 अप्रैल 2019। मध्यप्रदेश के दस चयनित विभागों यथा लोनिवि, उच्च शिक्षा, पीएचई, राजस्व, परिवहन, विधि, नगरीय प्रशासन, जल संसाधन, पंचायत एवं तकनीकी शिक्षा में अब अप्रेन्टिसशिप होगी। इसके लिये ये विभाग आगामी आम बजट में अपने विभाग में पद स्वीकृत करेंगे और अप्रेन्टिसशिप की राशि के भुगतान हेतु बजट मद सृजित करेंगे।

ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने वर्ष 2016 से पोर्टल पर अप्रेन्टिसशिप हेतु आईटीआई और नान आईटीआई व्यक्तियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की है। यह कार्यवाही राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना यानि एनएपी के माध्यम से हो रही है। इसके तहत विभिन्न शासकीय, अध्र्दशासकीय निकायों, उपक्रमों, सहकारी निगम-प्रतिष्ठानों एवं निजी प्रतिष्ठानों के माध्यम से आधुनिक कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके लिये भारत सरकार प्रति व्यक्ति 25 प्रतिशत राशि का भुगतान करती है तथा शेष 75 प्रतिशत राशि संबंधित निकाय करता है। भारत सरकार के अप्रेन्टिसशिप पोर्टल पर इच्छुक व्यक्ति अपना पंजीयन करते हैं और इसमें उनका पूरा डाटा एकत्रित रहता है। इसके बाद यह जानकारी राज्यों को भेजी जाती है जो इस पोर्टल में दर्ज व्यक्तियों को अपने यहां के निकायों में अप्रेन्टिसशिप कराते हैं। अप्रेथ्न्टसशिप की यह अवधि एक से डेढ़ साल तक होती है। अप्रेन्टिसशिप के बाद व्यक्ति को भारत सरकार द्वारा साल में दो बार अप्रैल एवं अक्टूबर में आयोजित आनलाईन परीक्षा देना होती है और उसमें उत्तीर्ण होने पर उन्हें प्रमाण-पत्र मिल जाता है। इस प्रमाण-पत्र के आधार पर उन्हें विदेश सहित देश के उपक्रमों में नौकरी मिल जाती है। भारत सरकार के आर्डिनेंस फैक्ट्री ने 5 प्रतिशत तथा रेल्वे ने बीस प्रतिशत आरक्षण अपने पदों में इन प्रमाणपत्र धारियों के लिये किया हुआ है।

मप्र के विभागों में नहीं था प्रावधान, अब करेंगे :
मप्र के शासकीय विभागों में उक्त अप्रेन्टिसशिप हेतु प्रावधान नहीं था क्योंकि उनकी बजट मद में इस हेतु प्रावधान ही नहीं था। परन्तु अब राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर दस विभागों में इसका प्रावधान किया जा रहा है। इन विभागों में कुल 2 लाख 6 हजार 493 पद हैं जिसमें से ढाई प्रतिशत पद अर्थात 5 हजार 164 पद अप्रेन्टिसशिप हेतु रखने के लिये कहा गया है।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य के सरकारी विभागों में अप्रेन्टिसशिप हेतु बजट मद नहीं थी जिससे इसमें अप्रेन्टिसशिप नहीं हो पा रही थी। अब दस विभागों का चयन कर इनमें अप्रेन्टिसशिप कराने की शुरुआत की गई है। आगामी आम बजट में इन विभागों में बजट मद बन जायेगी।



- डॉ. नवीन जोशी

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