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एक हजार कार्यभारित और दैवेभो कर्मियों का वेतन भुगतान न होने से मचा हडक़म्प

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📍 Bhopal
एक हजार कार्यभारित और दैवेभो कर्मियों का वेतन भुगतान न होने से मचा हडक़म्प
15 मई 2019। प्रदेश के जल संसाधन विभाग के संभाग एवं जिला कार्यालयों में पदस्थ करीब एक हजार कार्यभारित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के मासिक वेतन का भुगतान न होने से हडक़म्प मच गया है। दरअसल इस वेतन का भुगतान न होने की जानकारी राज्य के आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय ने जल संसाधन विभाग को दी है। इससे मचे हडक़म्प पर आनन-फानन में जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालन यंत्रियों से कहा गया है कि वे तत्काल बतायें कि किन-किन को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।



जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता राजीव सुकलीकर ने नौ माह पहले गत 12 सितम्बर 2018 को सभी मुख्य अभियंताओं को पत्र जारी कहा था कि यह ध्यान में आया है कि कार्यभारित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन का आहरण कई बार काफी विलम्ब से किया जाता है। ऐसे पीडि़त अनेक कार्यभारित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों द्वारा विभिन्न माध्यमों से सूचित किया जाता है। जबकि वेतन आहरण हेतु पृथक से बजट आवंटन की आवश्यक्ता नहीं होती है। इसलिये स्पष्ट परिलक्षित है कि आपके अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है। अत: हर माह की 5 तारीख तक वेतन भुगतान कर दिया जाये अन्यथा विलम्ब करने पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्यवाही की जायेगी।



नहीं हुआ प्रमुख अभियंता के निर्देश का असर :

नौ माह बीतने के बाद भी प्रमुख अभियंता के उक्त निर्देशों का असर नहीं हुआ। इस पर प्रमुख अभियंता कार्यालय में पदस्थ कार्यपालन यंत्री बजट संतोष मलिक को अब पुन: सभी कार्यपालन यंत्रियों को पत्र जारी कर कहना पड़ा है कि वेतन आहरण का बजट प्रावधान की राशि समाप्त हो जाने पर वेतन आहरण में कठिनाई होती है अथवा किन्हीं अन्य कारणों से वेतन भुगतान नहीं होता है तो इस कार्यालय को अवगत करायें जिससे बजट प्रावधान उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा अवगत कराया गया है कि जल संसाधन विभाग के अंतर्गत लगभग एक हजार कार्यभारित एवं दैनिे वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इसलिये आपके संभाग अंतर्गत जिन कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हुआ है, उनकी पूर्ण जानकारी कारणों सहित भेजें।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि हम वैरिफाई करा रहे हैं कि किन-किन कार्यालयों द्वारा कार्यभारित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हुआ है। आयुक्त कोष एवं लेखा ने हमें पत्र न लिखकर दूरभाष पर बताया है कि करीब एक हजार कर्मियों का वेतन भुगतान नहीं हुआ है। दरअसल वेतन मद के दो हेड हैं। डीडीओ किसी में से भी वेतन आहरण कर लेते हैं। संभवतया आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा दूसरा हेड नहीं देखा गया है। फिर भी हम वैरिफाई करा रहे हैं।







(डॉ. नवीन जोशी)
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