🔴 TRENDING NOW!
BRICS समिट से पहले बम धमकियों में 5 लाख Gmail अकाउंट्स का इस्तेमाल, Google से जवाब मांगेगा भारत एआई के दौर में मौलिक अभिव्यक्ति और भाषाई संवेदना को बचाए रखना जरूरी : प्रो. संजय द्विवेदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर, 42 हजार 490 करोड़ रुपये से होगा राज्य का विकास अमेरिका ने माना, अंतरिक्ष में तैनात हैं उसके स्पेस हथियार गौरवशाली-प्राचीन स्थापत्य आज भी नये प्रयोग की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश देशभर में फैल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमेरिकी खुफिया एजेंसी NSA का बड़ा प्लान, AI और चीन पर रहेगा खास फोकस मेटा और टिकटॉक को बड़ा झटका, सोशल मीडिया की लत से जुड़े 3,000 से ज्यादा मुकदमे आगे बढ़ेंगे BRICS में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी, पुतिन बोले: स्वतंत्र रास्ता बना रहा आकर्षण AI से स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तक: शी जिनपिंग ने BRICS सहयोग बढ़ाने के लिए पेश कीं 5 बड़ी पहल

कमलनाथ सरकार ने बदली जमीनों के लिए शिवराज की तय गाईड लाइन ....

👤
DD
👁 2479 व्यूज
📍 Bhopal
कमलनाथ सरकार ने बदली जमीनों के लिए शिवराज की तय गाईड लाइन ....
अब आईजी पंजीयन हुए अधिकार विहीन



17 जुलाई 2019। राज्य की कमलनाथ सरकार ने जमीनों की कलेक्टर गाईड लाईन तैयार करने के अधिकार आईजी पंजीयन से छीन लिये हैं। अब आईजी गाईड लाईन तो तय करेगा परन्तु यदि राज्य सरकार निर्देश देती है कि गाईड लाईन की दरें बदली जायें तो उसे ये निर्देश मानने बाध्यकारी होंगे।



उल्लेखनीय है कि पिछली शिवराज सरकार ने 11 अप्रैल 2018 को यह प्रावधान किया था कि कलेक्टर गाईड लाईन तय करने हेतु बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिध्दान्त नियम के अंतर्गत कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति और आईजी पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड होगा तथा जिला मूल्यांकन समितियों की सिफारिशों पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ही दरें तय करेगा।



हाल ही में इस केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने कलेक्टर गारईड लाईन की दरें अनावश्यक रुप से बहुत बढ़ा दी थीं। जब राज्य सरकार ने इस पर आपत्ति की तो बताया गया कि नियमों के तहत आईजी पंजीयन को ही ये दरें तय करने की शक्तियां हैं तथा इसमें राज्य सरकार कुछ नहीं कर सकती है। इसी कारण से आनन-फानन में नियमों में बदलाव किया गया तथा अब नया प्रावधान कर दिया गया है कि राज्य सरकार बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिध्दान्तों के संबंध में विशिष्ट नीति विषयक निर्णय क्रियान्वित करने हेतु केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड अथवा जिला मूल्यांकन समिति को निर्देशित कर सकेगी। इसी नये प्रावधान के कारण अब प्रदेश में कलेक्टर गाईड लाईन की दरों में बीस प्रतिशत की कमी हो पाई है। राज्य सरकार ने नियमों में यह भी प्रावधान कर दिया है कि संयुक्त महानिरीक्षक पंजीयन/कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन में कार्यरत विभागीय अधिकारी जिसे इस संबंध में महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा अधिकृत किया जाये, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड का सदस्य संयोजक होगा। पहले प्रावधान था कि संयुक्त महानिरीक्षक पंजीयन/उप महानिरीक्षक पंजीयन जो इस संबंध में महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा प्राधिकृत किये जायें, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के सदस्य होंगे।विभागीय अधिकारी ने बताया कि बाजार मूल्य मार्गदर्शन सिध्दान्त नियम में बदलाव किया गया है जिसके तहत अब राज्य सरकार के निर्देश बोर्ड और जिला समितियों को मानना बाध्यकारी होगा।







? डॉ. नवीन जोशी

Tags :