अवैध जमा योजनाओं पर अंकुश लगाने नियुक्त किये सक्षम अधिकारी....

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 190

Bhopal: राज्य के गृह सचिव को दिये सीबीआई जांच कराने के अधिकार
16 दिसंबर 2019। राज्य सरकार ने अवैध जमा योजनायें, जिन्हें पांजी स्कीम भी कहा जाता है, पर कानूनी कार्यवाही करने के लिये सक्षम अधिकारी नियुक्त कर दिये हैं। यदि ऐसी स्कीम चलाने वाले की सम्पत्तियां अनेक राज्यों में स्थित हैं तो राज्य का गृह सचिव इस मामले की जांच को सीबीआई जांच हेतु भी भेज सकेगा और इसके लिये उसे राज्य सरकार की अनुमति नहीं लेनी होगी।
इन्हें बनाया है सक्षम अधिकारी :
राज्य सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार ने द बैनिंग ऑफ अनरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम कानून 2019 प्रभावशील किया है। इस कानून के तहत सभी संभागों के आयुक्तों को सक्षम अधिकारी बनाया गया है। इस सक्षम अधिकारी की सहायता हेतु हर जिले के एक अपर कलेक्टर को भी नियुक्त किया गया है। इनके अलावा राज्य के गृह सचिव को भी उन मामलों में सक्षम अधिकारी बनाया गया है जिनमें अवैध जमा योजनायें चलाने वाली की सम्पत्तियां कई राज्यों में स्थित हैं। राज्य के गृह सचिव को उक्त कानून के तहत अधिकार दिये गये हैं कि वह ऐसे मामलों की जांच सीबीआई को दे दे।
ऐसा है कानून :
इस कानून के तहत उन अवैध जमा योजनाओं की जांच की जा सकेगी जिनमें बहुत गरीब लोगों और निरक्षर लोगों का पैसा ठगने का काम किया जाता है। इस कानून का उद्देश्य देश में अवैध रूप से धनराशि जमा कराने वाली योजनाओं पर नकेल कसना है। इस कानून के जरिये पोंजी कंपनियों पर प्रतिबंध की प्रभावी व्यवस्था की गई है।
उक्त कानून के आने से अब अवैध डिपॉजिट स्कीम गरीबों की गाढ़ी कमाई को नहीं लूट पाएंगी। इस कानून में सजा और जुर्माने के पर्याप्त प्रावधान होंगे और ऐसी योजनाएं गैरकानूनी रूप से डिपॉजिट जमा करती हैं तो उनको डिपॉजिट रकम का भुगतान करना होगा। अगर कोई डिपॉजिट टेकिंग स्कीम कानून में लिस्टेड रेगुलेटरों के पास रजिस्टर नहीं की गई है तो उसे अनरेगुलेटेड माना जाता है। इस कानून के जरिये पोंजी कंपनियों पर प्रतिबंध की प्रभावी व्यवस्था की गई है।
क्या है पोंजी स्कीम:
पोंजी स्कीम से मतलब ऐसे फर्जी निवेश ऑपरेशन से है, जिसमें ऑपरेटर पुराने निवेशकों को रिटर्न नए निवेशकों से प्राप्त धनराशि से देता है। यह ऐसी स्कीम होती है जिसमें वास्तव में कोई कारोबार या किसी व्यवसायिक गतिविधि में पैसा नहीं लगाया जाता, बल्कि कुछ व्यक्तियों से पैसा इकठ्ठा कर एक व्यक्ति को रिटर्न के रूप में दे दिया जाता है। इस तरह यह एक चेन बन जाती है जिसमें ज्यादातर लोगों का पैसा डूब जाता है। इटली का एक व्यवसायी चार्ल्स पोंजी ऐसी ही स्कीम चलाकर लोगों का पैसा हजम करता था। इसी के नाम पर पोंजी स्कीम का नामकरण हुआ।


- डॉ. नवीन जोशी

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