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चरित्र हत्या के घृणित सनसनी खेज समाचार बनाने के प्रयास

भोपाल। राजनीति बदमाशों का खेल है। सम्य और सुसंस्कृत व्यक्तियों का यह कथन कहीं न कहीं नजर आता है। प्रजातंत्र में राजनीति करने वाले सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप प्रत्यारोप चलते रहते हैं। सत्ता पर काबिज पार्टी जब ऐसे जनहित व भ्रष्टाचारों के विरूध्द मुहीम चलाती है, तो भूमाफिया, दलाल, भ्रष्टाचारियों के हित पर कुठाराघात होता है। तब हमारे देश के षडयंत्रकारी लोग, समूह जवाबी कार्यवाही ऐसे करते हैं कि वह बीच में आते ही नहीं और अपने नपुंसक भरे इरादो से हमला कर देते है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी षडयंत्रों दौर चलता रहा ओर चलता और चलता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पहले दौरे में प्रदेश के विकास का अध्ययन करते समझ लिया था कि राजनीति में सीधे-ईमानदारी से चलते हुए भी जनहित में कुछ कठोर कदम उठाने पडेंगे, जो कि सहायोगियों को भी पसंद नहीं आयेंगे। यह एक ईमानदार पहल है जो 30 सालों से जमीन घोटालों में शामिल हैं उनको बेनकाब कर दिया जाये चाहे चो चेहरा कोई भी हो। देश में अपने ढंग की यह पहली मुहिम है जो शिवराज चौहान ने 4 महीने पहले छेडी है जो भूमाफिया को भी खटकती रही है। इस मुहीम के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवा आय0एस0 अधिकारी मनोज श्रीवास्तव को चुना जो धार्मिक प्रवृत्ति के होने के साथ ही संकट मोचन हनुमान के परम भक्त है। राष्ट्रभक्त, राष्ट्रभाषा हिन्दी के उपासक होने के साथ ही शनि देव की भक्ति में गहरी आस्था रखते हैं । ऐसा कठीन ओर चुनौति पूर्ण कार्य के लिये जब श्री मनोज श्रीवास्तव का चयन किया तभी 24 घन्टे में इंदौर का भूमाफिया पीछे लग गया और भोपाल के जन संपर्क विभाग में उनका डेरा लगा। मध्य प्रदेश विधान सभा में पिछले वर्ष बजट सत्र में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह शिवराज सिंह सरकार के सभी विभागों की खामियां गिनाते हुए सरकार को निकम्मा करार दिया था परन्तु जन संपर्क विभाग की प्रशंसा की थी। उस प्रशंसा के सब ने अपने?अपने मतलब निकाले थे पर उस में कोई छुपा मतलब नहीं था वह सच्चाई थी और यह खुद दिग्विजय सिंह बखूबी जानते थे। श्री दिग्विजय सिंह ने जब मनोज श्रीवास्तव को इंदौर कलेक्टर बनाया तो स्पष्ट कह दिया था कि जो उचित समझो करना। श्री दिग्विजय सिंह जैसा चतुर चालाक राजनैतिक भी उनकी कर्तव्य पालन में अडीग रहकर निर्भिकता से कार्य करने की शैली से परिचित है। इंदौर के इतिहास में उनका नाम अमिट रहेगा। उस समय भी मनोज श्रीवास्तव किसी दबाव में नहीं आये क्योंकि मनोज श्रीवास्तव अपने आपको पहले ''रघुवीर'' का चाकर मानते हैं वहीं उनके लिये कर्तव्य है वही धर्म है। उनका कहना है कि में कहीं भी रहूंगा जिस पद पर रहूंगा उसका निर्वाहन करना ही मेरा धर्म है।
देश ओर विदेशों में शिवराज सिंह की सरकार की छबि बनाने में जनसंपर्क विभाग की प्रमुख भूमिका रही है। दिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार के कार्यो की प्रशंसा की जाती रही है। इन सबके बावजूद मध्यप्रदेश में भूमाफिया भ्रष्टाचारी से जुडी शिकायतें आती रही हैं। इसलिये तीस सालों से जमीन घोटालों की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी बनाई गई, मध्यप्रदेश की जनता को ओर पत्रकारों को उम्मीद है कि रायपुर, सागर, इंदौर जैसे नगरों में बतौर प्रशासक दबंगो के कब्जों पर जिस तरह मनोज श्रीवास्तव ने बुलडोजर चलवाए थे, वही जज्बा पूरे मध्यप्रदेश में चलेगा। प्रदेश सरकार ने भूमाफिया के खिलाफ एक कठोर निर्णय लिया है। जिसके तहत अब कलेक्टर सरकारी ओर निजी जमीन की अदला बदली नहीं कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसंपर्क आयुक्त मनोज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में देश भर में 30 वर्षों के दौरान जो कमेटी बनाई गई है, वह भ्रष्टाचारियों और भूमाफियों के लिए शनि महाराज की साढे साती दशा बनकर आई है। मनोज श्रीवास्तव की इस कमेटी में शिवराजसिंह चौहान को जानकारी दी कि शासन को जानकारी नही रहती जमीन की अदला बदली के मामलें जिला कलेक्टर शासन को जानकारी नहीं देते क्योंकि जिला कलेक्टर को ही इस मामले में अधिकार मिला हुआ है।
भूमाफियाओं के भ्रष्टाचार के विरूध्द मनोज श्रीवास्तव की चरित्र हत्या करने का षडयंत्र गत महीनों से भोपाल दिल्ली, मुंबई, में चल रहा है। उनकी चरित्र हत्या के लिए भूमाफिया ने पत्रकारों और अखबार मीडियाकर्मी को अपने लालच में फंसा रखा है। पिछले माह एक महिला पत्रकार के भेष में एक महिला जनसंपर्क कार्यालय में मंडराती फिरती रही हैं। जो अपने ईरादे में पूरी नहीं हुई, क्योंकि जनसंपर्क के कर्मचारियों की सतर्कता से वह श्री मनोज श्रीवास्तव तक नहीं पहुंच पाई।
गत माह से सूविज्ञ सूत्रों ने जानकारी दी है कि लाजपत आहूजा के चेम्बर में घुसने और उनसे दुर्व्यहार करने की कुछ पत्रकार के आड में असामाजिक तत्व प्रयास करना चाहते हैं।
षडयंत्रकारी शकुनी मानसिकता के चोर अपने षडयंत्र को किस हद तक ले जाऐगें और उस अफवाह को समाचार बनाने के प्रयास को समझना होगा।
Date: 17-01-2010     Time: 19:49:48
 
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