|
|
|
|
|
 |
|
|
जनसंपर्क को पांचवां स्तंभ
निरूपित करने की बहस को अनावश्यक
भोपाल 21 अप्रैल ,09। जनसंपर्क के बिना आदर्श
जनतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती है। जनसंपर्ककर्मियों का
दायित्व है कि वे जनता की आवाज शासन तक पहुंचाएं। लेकिन यह
बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज देश में जनसंपर्क विभागों का
राजनीतिकरण कर दिया गया है। जनसंपर्क अधिकारी सिर्फ
शासन-प्रशासन की प्रशंसा में ही व्यस्त रहते हैं और नेताओं
के माउथपीस बन गए हैं।
राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर मंगलवार को पब्लिक रिलेशन
सोसायटी आफ इंडिया, भोपाल चेप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम
में यह विचार मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डीएम धर्माधिकारी ने
व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कार्पोरेट सेक्टर में भी
जनसंपर्क की स्थिति चिंताजनक है। ऐसे में जनसंपर्ककर्मियों
के लिए आचार संहिता बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि
पत्रकारिता आज पावर बैलेंस के रूप में काम करने लगी है और
खबरों की सौदागर बन गई है। कामर्शियल चैनल्स की भूमिका पर
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के अधीन प्रेस को दी
गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्य सूचना
आयुक्त पीपी तिवारी ने सूचना के अधिकार की जानकारी देते हुए
इस कानून के कम समय में अधिक प्रभावी होने पर खुशी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि यह एक्ट भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और
पारदर्शिता-जवाबदेही बढ़ाने में सफल हुआ है। अधिक कारगर
बनाने के लिए उन्होंने नागरिकों और सूचना अधिकारियों के
प्रशिक्षण की जरूरत बताई। जनसंपर्क आयुक्त मनोज श्रीवास्तव
ने जनसंपर्क को पांचवां स्तंभ निरूपित करने की बहस को
अनावश्यक बताते हुए जनसंपर्क की भूमिका को ज्यादा उत्तरदायी
बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पत्रकारिता में पैदा हुई नई
प्रवृत्तियों के संदर्भ में जनसंपर्क की भूमिका को समझने की
जरूरत बताई। पीआरएसआई-भोपाल चेप्टर के अध्यक्ष प्रकाश
साकल्ले ने स्वागत भाषण में पीआरएसआई के गठन पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अरविंद चतुर्वेदी एवं डॉ. एसके शुक्ला को
लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड-2009 से सम्मानित किया गया एवं
पीआर बुलेटिन का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. एसके
शुक्ला की पुस्तक 'कार्पोरेट एवं वित्तीय जनसंपर्क' का
विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर पीआरएसआई के उपाध्यक्ष पीपी
सिंह, संजय सीठा सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का
संचालन केसी मौली ने किया।
Video by
www.prativad.com,
21/April/2009,
Bhopal, MP, India
|
|
|
|
|
|
|
|