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Success Stura for the 21st century:A Triogy of Widom
Author : पवन चौधरी
Title : सफलता की त्रिवेणी
Publisher : Wisdom Village
New Delhi, India
Publication Date : 2009
Pages : 137
Weight : 150 gms
Price INR100.00
contact:91 9810800469
email:wisdomvillageindia@gmail.com
 
चाणक्य का राजनीति ज्ञान, कन्यूशियस का सामाजिक ज्ञान और कबीर का आध्यात्मिक ज्ञान
पवन चौधरी जिन्हें सम्मान से लोग विजडम गुरू भी कहते हैं ने अपनी एक नई कृति प्रस्तुत कीं सफलता की त्रिवेणी'। यह पुस्तक संग्रह न केवल चाणक्य के राजनैतिक ज्ञान, कन्यूषियस के सामाजिक ज्ञान तथा कबीर के आध्यात्मिक ज्ञान की एक अद्वितीय व्याख्या है यह संग्रह वास्तव में प्रत्येक के लिए राजनीतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में मार्ग दर्शक है। परिवार का मुखिया हो या फिर संस्था एवं देश के उच्चस्तरीय सदस्य सब के लिए इन विषयों का गहराई से ज्ञान देश के चरित्र को एक नई दिशा दे सकता है। पवन जी ने इन रचनाओं की व्याख्या करके न केवल इन्हे आज के समय के लिए अनुकरणीय बनाया है बल्कि उन विचारों को अपने विवेक से और भी सृजनात्मक एवं सुन्दर बना दिया है।
इन किताबों में एक नये स्तर की विचारधारा नज़र आती है। यहाँ पवन चौधरी ने कई पुरानी मान्यताओं का खंडन कर एक नये अध्याय का आरम्भ किया है। ये किताबें धीरे-धीरे देश-विदेशों के पुस्तकालयों एवं घरों में एक स्थाई स्थान प्राप्त कर रही हैं। वे अपनी प्रतिदिन की समस्याओं का समाधान इन पुस्तकों में खोजते हैं। डा. किरन बेदी का कहना है कि पवन जी ने हिन्दुस्तान की विचारधारा को विश्व क्षेत्र में एक नई ताज़गी से पुस्तुत किया है और नई ऊँचाईयों तक पहुँचाया है। उनके विचार से पवन जी की पुस्तकें सब सांसदों एवं अध्यापकों को पढ़नी चाहिएं ताकि वे देशवासियों के मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तरों को ऊँचा उठा सकें। पवन चौधरी के विचारों में एक मौलिकतौ, नवीनता और स्पष्टवादिता है तथा वे देश-प्रेम से ओत-प्रोत हैं। उनका समाज में एक विशिष्ट स्थान है।
मध्यप्रदेश मुख्यता भोपाल, विदिशा एवं सागर है जहां पर पवन जी का जन्म हुआ तथा शिक्षा हुई। उनकी शिक्षा उसी विश्वविद्यालय में हुई जहाँ से ओशो जी जिनके विचारों के वह अत्याधिक प्रशंसक हैं, ने शिक्षा ग्रहण की जिनके विचारों के वह अत्याधिक प्रशंसक हैं। कुछ लोगों का कहना है कि 'ओशो' आध्यात्मिक क्रान्ति के अग्रणी हैं जबकि पवन राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में छाए हुए हैं। अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति के वक्ता होने के साथ-साथ प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उनका आदरणीय स्थान है। अपने कई प्रमुख पदाधिकारियों, प्रशासकों, राजनीतिज्ञों, खेलकूद सितारों, विद्यार्थियों को भारत में एवं विदेशों में प्रशिक्षण दिया है। बौध्दिक क्षेत्र में यात्रा, भारत को एक नई रोशनी में चित्रित करना, मानव स्वभाव की गहराई को महसूस करना, एक घिसे-पिटे रास्ते से हट कर सोचना, इस सबने पवन को एक बुध्दिमतता की प्रतिमा का रूप दे दिया है। उनके विचारों की विशालता और गहराई ने उनको कुछ गिने-चुने अग्रणी विचारकों में लाकर खड़ा कर दिया है। पवन एक पण्डित नहीं हैं, बल्कि एक सफल एवं कुशल अधिकारी हैं। वे वायगॉन नामक फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय हैल्थकेयर कंपनी में सी इ ओ एवं एम डी हैं।
 
 
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