17 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के बहुचर्चित 100 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार की काली कमाई के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच में लावारिस इनोवा कार से बरामद 52 किलो सोना और 11.60 करोड़ रुपये नकद को लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की ही अवैध संपत्ति माना है। हालांकि, आयकर विभाग इसी वर्ष फरवरी में इस सोने और नकदी को बेनामी संपत्ति मानकर राजसात कर चुका है। अब लोकायुक्त पुलिस सौरभ शर्मा के साथ-साथ उसकी पत्नी, मां, साले, करीबियों और बिजनेस पार्टनर्स चेतन गौर, शरद जायसवाल समेत 15 से अधिक लोगों को आरोपी बनाकर अदालत में चालान पेश करने की अंतिम तैयारी कर रही है।
सरकार से अभियोजन स्वीकृति का इंतजार
मामले में चालान पेश करने के लिए फिलहाल राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से अभियोजन स्वीकृति मिलना बाकी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अगस्त माह के अंत तक सरकार से अभियोजन की मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। मंजूरी मिलते ही लोकायुक्त पुलिस सितंबर महीने में विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर देगी।