🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

पीएचडी चैम्बर द्वारा जीएसटी पर कार्यशाला आयोजित

👤
DD
👁 23281 व्यूज
📍 Bhopal
पीएचडी चैम्बर द्वारा जीएसटी पर कार्यशाला आयोजित
20 अप्रैल 2017, आगामी 1 जुलाई से लागू होने जा रहे वस्तुु एवं सेवा कर -जीएसटी- से संबंधित सॉफ्टवेयर बनाने का जिम्मा 24 कंपनियों को दिया गया है जो जल्द ही इन सॉफ्टवेयर को प्रदर्शित करेंगी। जीएसटी के लागू होने से न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश करेगी बल्कि इससे निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं से लेकर आमजन तक सभी को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचेगा। तमाम तरह के अलग-अलग करों को एक सिंगल टैक्स सिस्टम में लाने से टैक्स सिस्टम पारदर्शी होने के साथ साथ ज्यादा सरल बनेगा। अब 20 लाख रूपए से अधिक के कारोबार पर जीएसटी अनिवार्य रहेगा।



उक्त जानकारी आज जीएसटी विषय पर आयोजित एक जागरूकता कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा दी गई। इस कार्यशाला का आयोजन पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज द्वारा किया गया जिसमें उद्योग एवं कारोबारी जगत के लोगों सहित टैक्स विशेषज्ञों व शासकीय अधिकारियों ने भाग लिया।



इस कार्यशाला को केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के आयुक्त हेमंत ए भाट; मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग सहायक आयुक्त, इन्दौर, प्रीति जौहरी, सहायक आयुक्त अनुराग जैन तथा कर सलाहकार आर एस गोयल ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन पीएचडी चैम्बर मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक आर जी द्विवेदी ने किया।



हेमंत भाट ने अपने उद्बोधन में बताया कि किस तरह केन्द्र एवं राज्य सरकारों के बीच जीएसटी कलेक्ट किया जाएगा व कैसे इसके लागू होने से टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और एकरूपता आएगी।



कर सलाहकार आर एस गोयल ने कहा कि जीएसटी विभिन्न करों के एकीकरण का एक सुंदर उदाहरण है। सभी संबंधित के बीच इस टैक्स को लगाने से किसी एक व्यक्ति या संस्था पर करों का दबाव घट जाएगा।

प्रीति जौहरी ने कहा कि अब वस्तु अथवा सामान से जुड़ी सेवाओं के लिए एडवांस पर भी कर देय होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिन सामानों पर टैक्स देय हीं होगा उनके लिए सामान्य बिल लागू होंगे तथा जिन पर टैक्स देय होगा उनका टैक्स इनवॉइस जनरेट करना होगा। उन्होंने जीएसटी आर 1,2 और 3 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।



अनुराग जैन ने कहा कि इस सिस्टम के लागू होने से ट्रकों को टोल नाकों पर रूकना नहीं पड़ेगा जिससे करोड़ों रूपए कीमत के डीजल की बचत की जा सकेगी जिसे वे टोल नाकों पर इंतजार करते हुए जला देते थे।



Tags :