🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

मिलावट का शक है, तो कस्टमर्स कराएं जांच - अमय महाजन

👤
Admin
👁 4244 व्यूज
📍 इन्दौर
मिलावट का शक है, तो कस्टमर्स कराएं जांच - अमय महाजन
भारत में 52 प्रतिशत बीमारियां मिलावटी तत्वों और कंटामिनेशयान से होती हैं, जिससे खाद्य व पेय पदार्थों का परीक्षण जरूरी बन जाता है।

7 अगस्त 2018। हमारे देश में लोग जाने अनजाने में मिलावटी और नुकसानदेह चीजों का सेवन करते रहें। यही नहीं, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों की बिक्री में मानक का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। खराब हो चुके खाद्य पदार्थ भी बाजार में बेचे जा रहे हैं। इसका कारण खरीदारों का एक्सपायरी डेट नहीं देखना है। खाद्य पदार्थ शुता के मानक के अनुरूप है या नहीं, इस पर आम लोग बेपरवाह है। यही कारण है कि आज के समय में दूध से बने पदार्थों, आटा, दाल, चावल, तेल, घी, मसाले, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर आदि सभी का परीक्षण आवश्यक हो गया है। नए सिस्टम के तहत पब्लिक द्वारा खानपान की वस्तुओं की जांच कराने के अधिकारों और खाद्य व पेय पदार्थों के परीक्षण व जांच पर अधिक जानकारी दे रहे हैं, पाइअस लैबोरेट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर अमय महाजन।



वो बताते हैं कि व्यापारी और विक्रेता ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए व्यापारी कुछ ऐसे सस्ते तत्वों का मिलावट करते है, जो हमारी सेहत के लिए काफी नुकसान दायक होते है। जिन मिलावटी तत्वों से कैंसर, दिमाग की बिमारी, नर्व तंत्र खराब होना, नपुंसकता, त्वचा

रोग, एलर्जी, नवजात बच्चों की मृत्यु और महामारी जैसी घातक बीमारियां हो जाती है। भारत में 52 प्रतिशत बीमारी मिलावटी तत्वों और कंटामिनेशयान की वजह से होता है जिसमे कीटनाशक और मेंटल से भी होने वाली बीमारियां शामिल होती है। इसलिए बेहद जरूरी है कि आम लोग अपनी दैनिक आवश्कता के खाद्य व पेय पदार्थों का टेस्टिंग लैब्स में जरूर परीक्षण कराएं। इन वस्तुओं की जांच कराकर, चीजों की असलियत का पता लगाया जा सकता है।



श्री अमय महाजन बताते हैं कि अगर आपको भी बाजार में बिकने वाली किसी वस्तु की क्वॉलिटी पर संदेह है, तो पाइअस लैबोरेट्रीज पहुंच जाइए। यहां जांच व परीक्षण से कुछ ही समय में आप उसकी असलियत का पता लगा सकेंगे। पाइअस किफायती लागत पर टेस्टिंग,

कंसल्टिंग और ट्रेनिंग सर्विसेस उपलब्ध कराती है। यही नहीं, कंपनी एफडीए, एनएबीएल, यूएस-ंउचयएफडीए और अन्य नियामक एजेंसियों के मानकों का पालन करके ग्राहकों को परीक्षण सुविधाएं प्रदान करती है। खाद्य, तेल, रसायन, उर्वरक, कीटनाशकों, दवा, पानी,

हर्बल, मिट्टी, पर्यावरण, निरीक्षण उद्योग आदि डोमेंस में सेवाएं उपलब्ध कराती है।



मजबूत परीक्षण प्रबंधन प्रक्रिया और प्रभावी सेवाएं, अनुभव और विशेष​ज्ञता, छोटे और मध्यम आकार के ग्राहकों के लिए मजबूत वितरण मॉडल, विभिन्न डोमेन में समृद्ध अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की टीम, नवीनतम उपकरणों और प्रौद्योगिकी, निरंतर अनुसंधान और कौशल विकास आदि कई कारण है, जो पाइअस को ग्राहकों के चयन का आधार बनते हैं।



ज्ञात हो कि इंदौर स्थित पाइअस लैबोरेट्रीज, टेस्टिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस में वृहद अनुभव रखने वाले युवा, गतिशील और प्रतिबद्ध प्रोफे-शनल्स की टीम है। यह दुनियाभर के उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सुविधाओं के लिए अग्रणी सेवा प्रदाता है। कंपनी में टेस्टिंग के लिए स्किल्ड मैनपॉवर, वर्ल्डक्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक उपलब्ध है, जो खाद्य, फार्मास्यूटिकल, वॉटर, कॉस्मेटिक, हर्बल, पर्यावरण, कैमिकल और अनुसंधान एवं विकास इकाइयों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। कंपनी प्रत्येक इंडस्ट्री में सभी ग्राहकों के लिए सर्वोत्तम संभव समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करती है।
Tags :