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संघ की बैठक का असर : अधिकारियों पर डाली जिम्मेदारी

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Admin
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📍 भोपाल
संघ की बैठक का असर : अधिकारियों पर डाली जिम्मेदारी


सितम्बर 12, 2016। पिछले दिनों राजधानी में हुई संघ एवं उसके आनुषांगिक संगठनों की समन्वय बैठक का असर हुआ है। शिवराज सरकार ने सभी विभागों को परिपत्र जारी कर कहा है कि वे अधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ायें। संघ की उक्त समन्वय बैठक में भाजपा संगठन के पदाधिकारी एवं सरकार के मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक भी शामिल थे और सभी की बात एक विषय पर केन्द्रित थी कि अफसर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करते हैं जिससे आम जनता को तकलीफ होती है।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2014 में 27 एवं 28 सितम्बर को भोपाल में आयोजित मंथन बैठक की सिफारिशों का ध्यान दिलाया है तथा कहा है कि मंथन की सिफारिश शीर्षक कार्य संस्कृति के अंतर्गत उल्लेख है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़े और निर्णय के स्तर घटे।

दरअसल अभी हो यह रहा है कि आम जनता द्वारा दिये गये आवेदन को सरकारी कार्यालयों एवं विभागों की कई टेबलों से गुजराना पड़ता है तथा प्राय: आवेदन संबंधी फाईलें उच्चाधिकारियों से लेकर मंत्री तक जाती हैं। इसमें काफी विलम्ब हो जाता है।

मंथन की कार्य संस्कृति के बारे में उक्त सिफारिश का यही आशय है कि फाईलें अनावश्यक रुप से उच्चाधिकारियों एवं मंत्रियों तक न जायें तथा निचले स्तर पर ही अधिकारी उन पर निर्णय ले लें। इसके लिये जहां अधिकारों का विकेन्द्रीकरण किया गया है वहां अधिकारों का प्रत्यायोजन भी निचले स्तर पर किया गया है।



विभागीय अधिकारियों के अनुसार, राज्य शासन ने सभी विभागों को मंथन की कार्य संस्कृति संबंधी सिफारिशों को जारी किया है। इन सिफारिशों पर आवश्यक कार्यवाही करने के लिये कहा गया है।





- डॉ नवीन जोशी

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