🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

छह साल के बच्चे के पेट से निकला भ्रूण

👤
Digital Desk
👁 26585 व्यूज
📍 वाराणसी
छह साल के बच्चे के पेट से निकला भ्रूण
चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है. वाराणसी के एक निजी अस्पताल में झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी 6 वर्षीय रितेश के पेट में अविकसित भ्रूण मिला है. डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऐसा मामला 5 लाख में से किसी एक बच्चे में पाया जाता है.



गौरतलब है कि वाराणसी के एक निजी अस्पताल में झारखंड गढ़वा जिले का रहने वाले 6 वर्षीय रितेश को पेट दर्द की शिकायत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने पेट में गांठ होने की बात कहकर बच्चे के परिवारवालों को ऑपरेशन की सलाह दी. मगर ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने पाया कि जिसे वे गांठ समझ रहे थे वह एक अविकसित भ्रूण है. डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऐसा मामला पहले भी देखा गया है और आमतौर पर 5 लाख में से किसी एक बच्चे में ही ऐसी शिकायत पाई जाती है.



सुनकर आप भी हैरान होंगे मगर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे की वजह यह है कि जब रितेश अपनी मां के गर्भ में था तब उसके साथ ही एक जुड़वां भ्रूण विकसित हुआ मगर किसी कारण वश उसका विकास नहीं हो पाया और गर्भ में पल रहे रितेश के भ्रूण ने अपने साथी भ्रूण पर कब्जा कर लिया. लिहाजा जन्म के दौरान ही यह परजीवी के तौर पर रितेश के पेट में आ गया हालांकि इस हकीकत से बच्चे के मां-बाप अब भी अनभिज्ञ हैं और परिवारवालों का कहना है कि जब डॉक्टरों ने यह बात उन्हें बताई तब जाकर उन्हें पता चला.



बच्चे के पिता वीरेंद्र ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे कई रहस्य हैं, जो आमतौर पर इंसान की सोच से परे होते हैं, मगर जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तब आखिरकार इन बातों की हकीकत और विश्वसनीयता का पता चलता है.
Tags :