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निजी व्यक्तियों के कब्जे वाले शासकीय आवास एक नोटिस पर खाली होंगे

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Digital Desk
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📍 भोपाल
निजी व्यक्तियों के कब्जे वाले शासकीय आवास एक नोटिस पर खाली होंगे
23 सितम्बर 2016। जल संसाधन विभाग के प्रदेश के जिलों में स्थित ऐसे शासकीय आवास जिन पर निजी व्यक्तियों का अनधिकृत कब्जा है, सिर्फ एक नोटिस पर खाली होंगे। इसके लिये बार-बार नोटिस न भेजे जायें। मुख्य अभियंता ऐसे शासकीय आवास लोकपरिसर बेदखली कानून के तहत जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर खाली करवायें।



ये ताजा निर्देश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता एमजी चौबे ने प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं को जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि निजी व्यक्तियों के अनधिकृत कब्जे वाले शासकीय आवासों को खाली कराने के लिये मुख्य अभियंता संबंधित आवास गृह का एक मानचित्र जिला कलेक्टर को लिखे जाने वाले पत्र के साथ संलग्र करें जिसमें आवास गृह की स्थिति दर्शायी जाये अर्थात आवास गृह के चारों ओर यह दर्शाना होता है कि कौन व्यक्ति निवास कर रहा है तथा चारों दिशाओं में क्या स्थिति है। जैये अनधिकृत आवास के पास की सड़क, कन्जरवेंसी लाईन अथवा पड़ोस के आवास गृहों में दोनों ओर रहने वाले कर्मचारियों के नाम आदि। कार्यपालजन यंत्री को जिला कलेक्टर से निरन्तर सम्पर्क करके ऐसे अनधिकृत कब्जे वाले शासकीय आवास गृहों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्यवाही करनी चाहिये।



एक मुख्य अभियंता ने बताया कि निजी व्यक्तियों द्वारा जल संसाधन विभाग के शासकीय आवासों पर अनधिकृत कब्जे को मुक्त कराने के संबंध में ईएनसी के निर्देश आये हैं जिस पर अधीनस्थ कार्यपालन यंत्रियों को कार्यवाही करने के लिये कह दिया गया है। प्रदेश में ज्यादातर ये शासकीय आवास विभाग के डिविजन स्तर पर हैं।



- डॉ नवीन जोशी
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