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मनरेगा का 10 करोड़ का घोटाला ई.ओ.डब्ल्यू. के सुपुर्द

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Digital Desk
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📍 भोपाल
मनरेगा का 10 करोड़ का घोटाला ई.ओ.डब्ल्यू. के सुपुर्द
रायसेन जिले के 7 दागी अफसरों पर जाँच की आंच

24 सितम्बर 2016। रायसेन जिले में दागी और भष्टाचारी अधिकारियों की भरमार है । मनरेगा में करीब 10 करोड़ रूपये का घोटाला करने वाले सात राजपत्रित अधिकारियों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जाँच शुरू कर दी है ।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मनरेगा के अन्तर्गत डी.पी.आर. तैयार करने के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सिलवानी मानेन्द्र शाह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी बाड़ी अनूप कुमार वाजपेयी, नवल मीणा, मु.का.अ. गैरतगंज, के.बी. मालवीय बेगमगंज, सुरेश आर्य ज.पं. सांची, विनोद सिंह यादव ओबेदुल्लागंज और अशोक उइके उदयपुरा के द्वारा करोड़ों रूपये का घोटाला किया गया । मामला जब उजागर हुआ तो उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने पर शासन के विकास आयुक्त विन्ध्याचल भवन भोपाल ने प्रतिवेदन के आधार पर आदेश दिनांक 26.04.2014 के पालन में गंभीर आरोपों के मद्देनज़र इनके विरूद्ध आरोप पत्र दिये । इनमें से मानेन्द्र शाह का स्वर्गवास हो जाने के कारण उनको छोड़कर शेष अन्य आरोपियों को आरोप पत्र जारी किये गये और प्रकरण आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया। इसके पूर्व मनरेगा परिषद ने 29 सहायक लेखा अधिकारी की जाँच जिन्होंने बीते 10 वर्षो से फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी की थी उन पर तथा संयुक्त विकास आयुक्त रहे एस.एन. सिंह के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं पद का दुरूपयोग करने का आरोप पत्र क्र. एफ 4/7/2009/22 दिनांक 30.12.2009 को जारी किया था जो सही पाये जाने पर उनकी पेंशन रोक दी गई । एस.एन. सिंह ने 72 लोगों की अवैधानिक नियुक्ति की थी ।
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