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पत्रकारिता और साहित्य का अनूठा केन्द्र हैं भोपाल का सप्रे संग्रहालय

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वेब डेस्क
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📍 भोपाल
पत्रकारिता और साहित्य का अनूठा केन्द्र हैं भोपाल का सप्रे संग्रहालय
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्रा ने किया दुर्लभ पत्र-पत्रिकाओं का अवलोकन

27, सितम्बर 2016। जनसंपर्क, जल संसाधन तथा संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय पहुँचकर संग्रहीत पुराने समाचार-पत्र, पत्रिकाओं और अन्य महत्वपूर्ण साहित्य सामग्री और दस्तावेज का अवलोकन किया। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह संग्रहालय एक विशिष्ट धरोहर की रक्षा और उससे नई पीढ़ी को अवगत करवाने का महत्वपूर्ण काम कर रहा है। यह संग्रहालय ज्ञान का अदभुत सागर और अनूठा केन्द्र है। अन्य संस्थाओं के लिए भी इस केन्द्र का काम अनुकरणीय है।



जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्रा को संग्रहालय के संबंध में जानकारी देते हुए विजय दत्त श्रीधर ने बताया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 के स्वतंत्रता संग्राम तक समाचार-पत्रों द्वारा देश की आज़ादी के लिए जनता में जागृति लाने संबंध सामग्री का भी संकलन किया गया है। इसके अलावा प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं की दुर्लभ प्रतियाँ, अनेक लेखकों की मूल पांडुलिपियाँ भी संग्रहालय में सहेजी गई हैं। अनेक पुराने गजट, जिलों के गजेटियर और ग्रंथ इस संग्रहालय में व्यवस्थित रखे गए हैं। वर्ष 1984 में संग्रहालय ने आकार लेना प्रारंभ किया था। इस समय यह देश में अपनी तरह का अनोखा संग्रहालय बन चुका हैं। लाखों लोग संग्रहालय का अवलोकन कर चुके हैं।विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए यह संग्रहालय इसलिए महत्व रखता है क्योंकि एक स्थान पर शोध सामग्री उपलब्ध हो जाती है। अनेक साहित्य प्रेमी और पत्रकार समय-समय पर संग्रहालय आकर वांछित सामग्री का अवलोकन भी करते हैं। संग्रहालय द्वारा पत्रकारिता से संबंधित अनेक प्रकाशन भी किए गए हैं। मंत्री डॉ. मिश्रा ने श्री श्रीधर को इस संग्रहालय के संचालन और प्रबंधन के लिए बधाई दी। मंत्री डॉ. मिश्रा ने संग्रहालय के विभिन्न खण्ड का अवलोकन भी किया।
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