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दिग्विजय मानहानि केस: उमा भारती के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

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Digital Desk
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📍 भोपाल
दिग्विजय मानहानि केस: उमा भारती के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
29 सितम्बर 2016। भोपाल के चीफ ज्यूडिश्यिल मजिस्ट्रेट ने 13 साल पुराने एक मानहानि के केस में उपस्थित नहीं होने पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उमा भारती के खिलाफ मानहानि का यह केस कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दायर किया है।



गुरुवार को उमा भारती के वकील ने कोर्ट में उपस्थित से छूट की अर्जी दायर की थी। लेकिन कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को उमा भारती के को वारंट की पालना के निर्देश दिए हैं।



उमा भारती के वकील हरीश मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्री होने के नाते वह कावेरी नदी के पानी बंटवारे संबंधित एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त हैं इसलिए उन्हें व्यक्तिगत उपस्थित से छूट दी जाए। कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज करते हुए कहा कि उमा भारती अक्टूबर 2015 से बार-बार बुलाए जाने के बावजूद 13 साल पुराने मुकमदे में अपना बयान रिकार्ड करवाने नहीं आ रही हैं और उन्हें आवश्यकता से ज्यादा समय दिया जा चुका है।



इससे पहले फरवरी में तत्कालीन चीफ ज्यूडिश्यिल मजिस्ट्रेट पंकज सिंह महेश्वरी ने दिग्विजय सिंह और उमा भारती को अपने-अपने वकीलों के साथ मध्यस्थता के लिए बुलाया था। लेकिन दोनों के बीच कोई सुलह नहीं हो पाई थी। उमा भारती ने 2003 के चुनावों के दौरान दिग्विजय सिंह पर उनके मुख्यमंत्रित्वकाल 1998 से 2003 के दौरान करोडों रुपयों का घोटाला करने के आरोप लगाए थे। इस पर दिग्विजय सिंह ने उनके खिलाफ मानहानि का केस किया था।
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