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सहकारी बैंकों को अब मिल सकेंगे रिजर्व बैंक से लायसेंस

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वेब डेस्क
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📍 भोपाल
सहकारी बैंकों को अब मिल सकेंगे रिजर्व बैंक से लायसेंस
30 सितम्‍बर, 2016, मध्‍यप्रदेश के सहकारी बैंकों पर लटकी लायसेंस रद्द होने की तलवार अब हट गई है। शिवराज सरकार ने उस बड़ी बाधा को दूर कर दिया है जिसमें सहकारी बैंकों के कानून रिजर्व बैंक के कानून के अनुसार नहीं थे तथा रिजर्व बैंक ने इस पर उनका लायसेंस रद्द करने की चेतावनी दे दी थी।



दरअसल सहकारी बैंकों के कानून को रिजर्व बैंक के कानून के अनुसार परिवर्तित करने के लिये मप्र विधानसभा के जुलाई 2016 वर्षाकालीन सत्र में 29 जुलाई को मप्र सहकारी सोसायटी संशोधन विधेयक को विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित किया गया था। अब इस विधयक को राज्यपाल ने मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे यह कानून के रुप में प्रभावशील हो गया है।



अब सहकारी सोसायटी कानून में संशोधन के बाद प्रावधान हो गया है कि बिना रिजर्व बैंक की लिखित पूर्वानुमति के किसी भी सहकारी बैंक का परिसमापन, पुनर्गठन, समामेलन और समझौता नहीं हो सकेगा।



विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंकों का विधान उसके विधान के अनुसार के अनुसार न होने पर आपत्ति की थी तथा बैंकिंग कारोबार का लायसेंस रद्द करने की चेतावनी दे दी थी। इसीलिये सहकारी सोसायटी एक्ट में संशोधन किया गया है जिससे सहकारी बैंकों का संव्यवहार रिजर्व बैंक के कानून के अनुसार हो गया है।



- डॉ नवीन जोशी
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