🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

स्टेट प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट गठित, डीबीटी योजनाओं पर करेगी काम

👤
वेब डेस्क
👁 18051 व्यूज
📍 भोपाल
स्टेट प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट गठित, डीबीटी योजनाओं पर करेगी काम
भोपाल 1 अक्टूबर 2016, मप्र सरकार ने भी केंद्र सरकार के पब्लिक फाईनांस मेनेजमेंट सिस्टम यानी पीएफएमएस की तरह स्टेट प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट यानी एसपीएमयू का गठन किया है। अब यह स्टेट यूनिट डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर में योजनाओं को शामिल करने का काम करेगी। डीबीटी में हितग्राही को धनराशि सीधे उसके बैंक खाते में दी जाती है।



केंद्र सरकार ने अपनी योजनाओं की मानीटरिंग हेतु पीएफएमएस का गठन किया हुआ है जिसके अंतर्गत सभी केंद्र प्रवृर्तित योजनाओं एवं केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं की जानकारी को सम्मिलित किया गया है। केंद्र ने मप्र सरकार से भी स्टेट यूनिट गठित करने के निर्देश दिये थे। इस पर मप्र सरकार ने आयुक्त कोष एवं लेखा की अध्यक्षता में एसपीएमयू का गठन किया है जिसमें कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, अजाजजा, राज्य शिक्षा केंद्र, नगरीय विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विभागों के वित्तीय सलाहकार सदस्य बनाये गये हैं जबकि अपर संचालक कोष एवं लेखा सदस्य सचिव नियुक्त किये गये हैं।



अब नवगठित उक्त स्टेट यूनिट योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाली एजेन्सियों को केंद्र के पीएफएमएस के अंतर्गत पंजीकृत करेगी। सभी संबंधित कार्यालयों में हार्डवेयर, इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करायेगी। इसके अलावा यह स्टेट यूनिट एक्सपेंडीचर एडवांस टूल्स के उपयोग पर भी निर्णय लेगी जिसके अंतर्गत धनराशि का अग्रिम आहरण कर उसे बैंक अकाउंट में डाला जाता है तथा संबंधित क्रियान्वयन एजेन्सियों को भुगतान मिलता है तथा इसकी भी सतत मानीटरिंग हो सकेगी।



विभागीय अफसरों के अनुसार, योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु यह मानीटरिंग यूनिट गठित की गई है। यह कार्य ट्रेजरी इन्टीग्रेशन कार्ययोजना के तहत किया जा रहा है।





- डॉ नवीन जोशी
Tags :