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जेल में रहने के दौरान मां बनी थी ये विदेशी महिला, 10 महीने बाद हुई रिहा

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Digital Desk
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📍 भोपाल
जेल में रहने के दौरान मां बनी थी ये विदेशी महिला, 10 महीने बाद हुई रिहा
एमपी की राजधानी भोपाल में बिना वीजा के रहने के मामले में गिरफ्तार हुई उज्बेकिस्तानी महिला डी जुरायवा बार्नो को जेल से रिहा कर दिया गया है. गौरतलब है कि गिरफ्तारी के समय महिला गर्भवती थी और उसने मार्च महीने में बच्ची को जन्म दिया था. जिसके बाद से बच्ची भी जुरायवा के साथ ही जेल में थी.



रिहा होने के बाद डी जुरायवा बार्नो ने खुशी जाहिर की है. जेल के माहौल के बारे में जुरायवा ने बताया कि वहां के जेलर से लेकर सभी महिला पुलिसकर्मी उसके साथ अच्छे से पेश आते थे. बच्ची के जन्म के बाद उसके लिए भी जरूरत की चीजे मुहैया करवाई जाती थीं. 10 महीने जेल में रहने के बाद अब जुरायवा बार्नो जल्द से जल्द अपने देश लौटना चाहती है.



ऐसे आई भारत

डी जुरायवा बार्नो पर्यटन वीजा पर नेपाल पहुंची थी. वहां पर कुछ लोगों ने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया, जिसके बाद उसे दिल्ली ले आया गया. यहां होश आने के बाद स्थिति समझते हुए उसने जाटखेड़ी में रहने वाले विश्वास सरकार को फोन कर मदद मांगी और फिर भोपाल आ गई.



भोपाल आने के बाद विकास महिला को थाने ले गया जहां 9 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में महिला ने जो घटनाक्रम बताया उसे लेकर पुलिस को संदेह है, क्योंकि महिला विकास के पास आने से पहले दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित कई स्थानों पर रहकर पहुंची थी.



इस बीच ऐसी भी जानकारी सामने आई थी कि महिला नेपाल में आए भूकंप के बाद खुद भारत आ पहुंची थी और भोपाल आने के बाद उसने विकास सरकार से संपर्क किया था. दोनों ही मामलों में पुलिस ने फॉरेनर एक्ट की धारा 14-क का उल्लंघन पाया, जिसके बाद महिला को गिरफ्तार कर जिला जेल में बंद कर दिया गया.



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