🔴 TRENDING NOW!
एसबीआई कार्ड ने एसबीआई योनो के ज़रिए फिक्स्ड डिपॉज़िट पर आधारित सिक्योर्ड एडवांटेज एसबीआई कार्ड लॉन्च किया समीरा रेड्डी के साथ हॉर्लिक्स ने रोजमर्रा के पोषण में प्रोटीन की जरूरत पर डाला जोर, लॉन्च किया हॉर्लिक्स प्रोटीन पाउडर ब्लैक होल के शक्तिशाली जेट से बदल सकता है आकाशगंगाओं का भविष्य, भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा अहम संकेत ‘आपके मज़ेदार ट्रॉल्स का भी मज़ा लिया’: ‘द पैराडाइज़’ की मिली-जुली प्रतिक्रिया पर नानी ने कही ये बात केंद्रीय मंत्री गडकरी-सीएम डॉ. यादव ने जनता को दी बड़ी सौगात, अब आप कर सकेंगे सरकार की बसों में 'लग्जरी' सफर सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक

मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल में बगावत का 'वायरस'', 6 पदाधिकारियों ने दिये इस्तीफे

👤
वेब डेस्क
👁 17955 व्यूज
📍 भोपाल
 मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल में बगावत का 'वायरस'', 6 पदाधिकारियों ने दिये इस्तीफे
मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक और बड़ा असंतोष उभर आया है. प्रदेश कांग्रेस केआईटी सेल के छह पदाधिकारियों ने एकसाथ इस्तीफा दे दिया है.



इस्तीफा देने वालों में आईटी सेल की प्रदेश उपाध्यक्ष करुणा शर्मा और अजय सिंह समेत एक महासचिव और तीन सचिव हैं.



ये सभी नियमित रूप से आईटी सेल के प्रदेश दफ्तर में बैठकर ट्विटर, फेसबुक और वॉट्स एप जैसे सोशल मीडिया पर पार्टी की गतिविधियों को प्रचार-प्रसार करते थे. इन इस्तीफों से सोशल मीडिया सेल पूरी तरह खत्म होने का खतरा हो गया है.



इन छह पदाधिकारियों ने इस्तीफे देते हुए कहा है कि पार्टी में उनकी निष्ठा और योग्यता का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था. सामूहिक इस्तीफ को सीधे-सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के खिलाफ बगावत माना जा रहा है.



दरअसल, बीते दिनों दिल्ली में आईटी सेल की एक ट्रेनिंग में प्रदेश के पदाधिकारियों को नहीं भेजा गया था. जबकि प्रदेश अध्यक्ष के चहेते नेता भेज दिये गये थे. इस्तीफे को इसी अवहेलना का नतीजा माना जा रहा है...



इन दिनों प्रदेश कांग्रेस में भारी अंतर्कलह चल रही है. सिंधिया के काफिले को कांग्रेस के ही युवा नेताओं ने काले झंडे दिखाये तो गोविंद सिंह ने सिंधिया पर टिप्पणी कर दी.



इसके बाद कांग्रेस के ही सीनियर लीडरों ने गोविंद सिंह को पार्टी से बाहर करने की मांग कर दी.



प्रदेश कार्यसमिति बैठक में दिग्गज लीडरों की गैरमौजूदगी को लेकर पीसीसी चीफ अरुण यादव को ही निशाने पर लिया गया था. अब आईटी सेल के छह इस्तीफों ने कांग्रेस के अंदरखानों में चल रही कलह को उजागर कर दिया है.



उल्लेखनीय है कि आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र वाजपेयी ने महीने भर पहले ही अचानक इस्तीफा देकर सनसनी फैला दी थी. उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है, लेकिन तभी से वाजपेयी पार्टी की बैठकों से नदारद हैं.



Tags :