🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

बिना शौचालय वाले को पंचायत चुनाव लडऩे से रोकने वाला कानून लागू

👤
Admin
👁 17787 व्यूज
📍 भोपाल
बिना शौचालय वाले को पंचायत चुनाव लडऩे से रोकने वाला कानून लागू
10 अक्टूबर 2016,प्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किये गये देशव्यापी स्वच्छता अभियान में सहयोग देते हुये उस कानून को प्रभावशील कर दिया है जिसके तहत बिना शौचालय वाले व्यक्ति को त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनाव लडऩे पर रोक रहेगी।

ज्ञातव्य है कि मप्र विधानसभा के वर्षाकालीन जुलाई सत्र में पंचायत मंत्री गोपल भार्गव ने मप्र पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक पारित करवाया था। अब इस विधेयक को राज्यपाल ने मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे पूरे प्रदेश में कानून के रुप में प्रभावशील हो गया है। कानून में नया उपबंध जोड़ा गया है कि वह व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेगा जिसके आवासीय परिसर में फ्लश शौचालय या जलवाहित शौचालय नहीं है।



इस कानून के उद्देश्यों में कहा गया है कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान में स्वच्छता एवं हर घर में शौचालय होना पहली प्राथमिकता है। मप्र पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में यह उपबंध है कि स्वच्छता और सफाई ग्रामसभा के कार्यों में से एक है। इसउपबंध के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से, पंचायत निर्वाचन में भाग लेने वाले व्यक्तियों के लिये यह नई निर्हरता लागू की गई है। अब प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों एवं उपचुनावों में बिना शौचालय व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेगा।



राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पड़ौसी छत्तीसगढ़ राज्य में काफी पहले यह कानून लागू हो गया था और मप्र ने अब जाकर इसे लागू किया है। अब पंचायत चुनाव इसी आधार पर होंगे जिसमें अभ्यर्थी के घर शौचालय होना जरुरी होगा अन्यथा वह निर्हर घोषित हो जायेगा।



- डॉ नवीन जोशी
Tags :