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संपूर्ण मध्य प्रदेश में होंगी विशेष सिंचाई बैठकें

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वेब डेस्क
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📍 भोपाल
संपूर्ण मध्य प्रदेश में होंगी विशेष सिंचाई बैठकें
प्रधानमंत्री के आव्हान पर हो रहा अमल

12 अक्टूबर, 2016, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "पर ड्राप मोर ड्राप" के आव्हान पर अमल के लिए मध्यप्रदेश भी तैयार है। इस सिलसिले में संपूर्ण प्रदेश में गुरूवार, 13 अक्टूबर को सिंचाई नहरों के रख-रखाव और सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि के लिए विशेष बैठकों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गत 11 वर्ष में सिंचाई क्षेत्र पर दिए गए विशेष ध्यान से मध्यप्रदेश को लगातार कृषि कर्मण अवार्ड मिले हैं। मध्यप्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई से और अधिक लाभान्वित करने के लिए जलसंसाधन विभाग के मैदानी अमले को सक्रिय भूमिका के लिए निर्देश दिए गए हैं।



जल संसाधन, जनंसपर्क तथा संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गत चार अक्टूबर को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए अभियंताओं को बैठकों के आयोजन और और क्षेत्र के भ्रमण के संबंध में निर्देश दिए थे। गुरूवार को हो रही इन बैठकों में जल उपभोक्ता संस्थाओं के पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे। जल उपभोक्ता संस्थाओं की ओर से कठिनाईयों की जानकारी भी दी जा सकेगी। इन कठिनाईयों का निराकरण संबंधित अभियंता करेंगे। प्रदेश स्तर पर इन बैठकों के सम्पन्न होने के बाद 14 एवं 15 अक्टूबर को अभियंता अपने कार्य क्षेत्र का सघन भ्रमण करेंगे। इन कार्यों का प्रतिवदेन प्रमुख अभियंता जलसंसाधन को प्रस्तुत करना होगा। अक्टूबर माह के अंत तक किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं के निराकरण का कार्य भी किया जाएगा। जलसंसाधन मंत्री डॉ. मिश्रा अभियंताओं के कार्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।



मंत्री डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि अभियंता क्षेत्र में निरीक्षण करने के पश्चात नहरों के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि नहरों के उचित रख-रखाव और अन्य सिंचाई साधनों को दुरूस्त रखने के लिए क्षेत्र के किसानों के सतत संवाद भी रखा जाए।



त्रि-स्तरीय बैठकों और भ्रमण में किसानों से रूबरू होंगे अभियंता

निधारित कार्यक्रम के अनुसार 13 अक्टूबर को वृहद परियोजनाओं की बैठक में मुख्य अभियंता, मध्यम परियोजना की बैठकों में अधीक्षण यंत्री और जिला स्तर पर होने वाली लघु सिंचाई योजनाओं की बैठकों में जिला स्तर पर संबंधित कार्यपालन यंत्री उपस्थित रहेंगे। अभियंता क्षेत्र का भ्रमण कर किसानों से रूबरू होंगे। मध्यप्रदेश में सिंचाई रकबे को निरंतर बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास जारी रहे, इसके लिए रणनीति तैयार कर कार्य किया जा रहा है।
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