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IIT से पढ़ीं, करियर में 73 बार मिली हार के बाद खड़ा किया 52000 करोड़ का कारोबार

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📍 भोपाल
IIT से पढ़ीं, करियर में 73 बार मिली हार के बाद खड़ा किया 52000 करोड़ का कारोबार
6 मई 2024। अक्सर कहा जाता है कि सफलता आसानी से नहीं मिलती। यह बात IIT दिल्ली से पढ़ी रुचि कालरा के जीवन पर सटीक बैठती है। उन्होंने IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने सपनों का बिजनेस शुरू करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। 73 निवेशकों ने उनके बिजनेस आइडिया को खारिज कर दिया, लेकिन रुचि ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर कंपनी की शुरुआत की और आज वह भारत की सबसे सफल स्टार्ट-अप उद्यमियों में से एक हैं।

रुचि कालरा ने IIT दिल्ली से B-Tech और IIM से MBA की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने 8 साल तक मैकिन्से में काम किया। 2015 में, उन्होंने अपने पति महापात्र के साथ ऑफबिजनेस नामक एक B2B (बिजनेस टू बिजनेस) प्लेटफॉर्म शुरू किया जो कच्चा औद्योगिक माल की आपूर्ति करता है। शुरुआती दौर में उन्हें निवेशकों से पैसे जुटाने में काफी मुश्किलें आईं। 73 निवेशकों ने उनके बिजनेस आइडिया को खारिज कर दिया। लेकिन रुचि ने हार नहीं मानी और अपने पति के साथ मिलकर खुद ही पैसा लगाकर कंपनी को आगे बढ़ाया।

धीरे-धीरे ऑफबिजनेस ने सफलता हासिल की और आज इसकी वैल्यू 44,000 करोड़ रुपये से भी अधिक है। रुचि कालरा इस कंपनी की लोन देने वाली ब्रांच ऑक्सीज़ो फाइनेंशियल सर्विसेज की सीईओ भी हैं। इस कंपनी ने 1 बिलियन डॉलर (8200 करोड़ रुपये) के वैल्युएशन पर 200 मिलियन डॉलर जुटाए।

रुचि कालरा की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ करना चाहते हैं। उनकी कहानी बताती है कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत, लगन और हार न मानने का जज्बा जरूरी है।

रुचि कालरा की सफलता के कुछ प्रमुख पहलू:
शिक्षा और अनुभव: रुचि ने IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की और 8 साल तक मैकिन्से में काम किया। इस शिक्षा और अनुभव ने उन्हें बिजनेस की दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया।
दृढ़ संकल्प और हार न मानने का जज्बा: 73 निवेशकों द्वारा खारिज किए जाने के बावजूद, रुचि ने हार नहीं मानी और अपने सपनों का पीछा करना जारी रखा।

नवाचार और रणनीति: रुचि ने एक ऐसे B2B प्लेटफॉर्म की शुरुआत की जो उस समय बाजार में मौजूद अन्य प्लेटफार्मों से अलग था। उन्होंने अपनी कंपनी के लिए एक रणनीतिक योजना बनाई और उसे क्रियान्वित किया।
जोखिम लेने की क्षमता: रुचि ने अपनी नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करने का जोखिम लिया। यह जोखिम लेने की क्षमता ही उन्हें सफलता की ओर ले गई।

कड़ी मेहनत और लगन: रुचि ने अपनी सफलता के लिए कड़ी मेहनत और लगन से काम किया। उन्होंने दिन-रात काम किया और अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए।
रुचि कालरा भारत की स्टार्टअप इंडस्ट्री में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। उनकी सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ करना चाहते हैं।
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