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कोविड-19 के टीके दिल के दौरे को कम करते हैं: ब्रिटिश अध्ययन

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📍 भोपाल
कोविड-19 के टीके दिल के दौरे को कम करते हैं: ब्रिटिश अध्ययन
3 अगस्त 2024। एक नए ब्रिटिश शोध में पाया गया है कि कोविड-19 के टीके दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं, न कि बढ़ाते हैं। यह अध्ययन इंग्लैंड में लगभग 46 मिलियन लोगों के NHS डेटा का विश्लेषण करके किया गया है।

कैम्ब्रिज, ब्रिस्टल और एडिनबर्ग विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने पाया कि टीकाकरण के बाद दिल के दौरे और स्ट्रोक की घटनाएं पहले या बिना टीकाकरण के समान या कम थीं। अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. समथा आईपी के अनुसार, टीके की पहली खुराक के बाद 13-24 सप्ताह में दिल के दौरे और स्ट्रोक की घटनाओं में लगभग 10% की गिरावट आई। एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दूसरी खुराक के बाद यह 27% कम हो गया और दूसरे फाइजर शॉट के बाद 20% कम हो गया।

अध्ययन की मजबूती:
बड़े पैमाने का डेटा: अध्ययन में इंग्लैंड में लाखों लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया, जिससे निष्कर्षों की विश्वसनीयता बढ़ती है।
विभिन्न टीकों का अध्ययन: अध्ययन में विभिन्न प्रकार के कोविड-19 टीकों का अध्ययन किया गया, जैसे कि एस्ट्राजेनेका और फाइजर।
समायोजित जोखिम: अध्ययन में उम्र, लिंग, अन्य बीमारियों आदि जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए विश्लेषण किया गया।

अध्ययन के निष्कर्षों का महत्व:
टीकों की सुरक्षा: यह अध्ययन कोविड-19 टीकों की सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में मौजूद शंकाओं को दूर करने में मदद कर सकता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य: यह अध्ययन कोविड-19 महामारी से लड़ने में टीकाकरण की भूमिका को रेखांकित करता है।

अतिरिक्त जानकारी:
अध्ययन में पाया गया कि कुछ अध्ययनों में mRNA-आधारित टीकों (जैसे फाइजर और मॉडर्ना) के बाद मायोकार्डिटिस और पेरीकार्डिटिस के मामलों में वृद्धि देखी गई है, लेकिन इस अध्ययन में यह पाया गया कि कुल मिलाकर टीकों के फायदे जोखिम से अधिक हैं।
अध्ययन के लेखकों का कहना है कि यह अध्ययन टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को दर्शाता है और दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बचाने में मदद कर रहा है।

यह ब्रिटिश अध्ययन कोविड-19 टीकों की सुरक्षा और प्रभावशीलता को लेकर महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान करता है। यह अध्ययन उन लोगों के लिए आश्वस्त करने वाला है जो कोविड-19 टीकों के बारे में चिंतित हैं।
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