🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

भोपाल एम्स में शुरू होगी 6 हजार साल पुरानी सिद्ध चिकित्सा

👤
prativad
👁 3108 व्यूज
📍 भोपाल
भोपाल एम्स में शुरू होगी 6 हजार साल पुरानी सिद्ध चिकित्सा
25 अगस्त 2024। मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अब 6 हजार साल पुरानी सिद्ध चिकित्सा पद्धति से मरीजों का इलाज किया जाएगा। प्रदेश का यह पहला सरकारी अस्पताल होगा जहां सिद्ध चिकित्सा का केंद्र शुरू हो रहा है।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी होगा इलाज
एम्स के आयुष विभाग में 27 अगस्त से इस केंद्र की शुरुआत हो रही है। यहां आटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों सहित कई अन्य बीमारियों का इलाज किया जाएगा। खास बात यह है कि सिद्ध चिकित्सा में एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे मरीजों को साइड इफेक्ट का खतरा नहीं रहता।

सिद्ध चिकित्सा के फायदे
एम्स अस्पताल की सिद्ध चिकित्सा विभाग की एमडी डॉ. एश्वर्या के मुताबिक, सिद्ध चिकित्सा कई बीमारियों के लिए रामबाण साबित हो सकती है। यह गठिया, एलर्जी, त्वचा रोग, यौन संचारित रोग, मूत्र पथ के संक्रमण, यकृत और पाचन तंत्र के रोगों, डेंगू, आर्थराइटिस, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि कई बीमारियों में प्रभावी है।

बीमारी की रोकथाम पर जोर
सिद्ध चिकित्सा में बीमारी के इलाज के साथ-साथ उसकी रोकथाम पर भी ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इसमें आहार, मौसम और रहन-सहन से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इससे शरीर में बीमारी घुसने से पहले ही रोक दी जाती है।

सरल भाषा में समझें
भोपाल के एम्स में अब बहुत पुरानी भारतीय दवा पद्धति, सिद्धा से इलाज होगा। इस पद्धति में जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है और यह कई बीमारियों में फायदेमंद मानी जाती है। यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
Tags :