🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

AGI: मानवता के भविष्य का क्रांतिकारी अंतिम आविष्कार

👤
prativad
👁 3379 व्यूज
📍 भोपाल
AGI: मानवता के भविष्य का क्रांतिकारी अंतिम आविष्कार
21 सितंबर 2024। मशहूर एआई विशेषज्ञ जूलिया मैकॉय ने हमारे निकट भविष्य की एक साफ तस्वीर सामने रखी है, जिसमें तेज़ी से आ रही कृत्रिम सामान्य बुद्धि (AGI) का ज़िक्र है। हाल ही में एक वीडियो में मैकॉय ने बताया कि AGI का आना और उसका समाज पर पड़ने वाला असर कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

मैकॉय के मुताबिक, AGI, जो इंसानी बुद्धि से भी आगे जा सकता है, 2027 तक आ सकता है। यह तकनीक इंसानियत के लिए एक बड़ा बदलाव लाएगी और मानवता का अंतिम आविष्कार के साथ एक नए युग की शुरुआत होगी जिसमें तकनीकी और सामाजिक परिवर्तन तेज़ी से होंगे।

उन्होंने 2024 से 2027 तक के समय में होने वाले मुख्य पड़ावों की जानकारी दी। 2024 में हम इंसानों जैसे रोबोट्स और कई उद्योगों में AI का इस्तेमाल बढ़ता देखेंगे। 2025 तक, कंपनियां अपने कामकाज में AI को और ज़्यादा शामिल करेंगी, जिससे AI विशेषज्ञों की मांग भी बढ़ेगी।

2026 में, AI और भी उन्नत होगा और हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बन जाएगा। 2027 में, AGI के आने की संभावना जताई गई है, जो कामकाज, सरकारी नीतियों और समाज की संरचना को पूरी तरह बदल सकता है।

इसके बाद, AGI के आगे बढ़ने से क्वांटम कंप्यूटिंग, परमाणु ऊर्जा और साइबरनेटिक टेक्नोलॉजी में बड़ी तरक्की हो सकती है। 2030 तक, दुनिया का चेहरा बदल जाएगा, और AI हमारे जीवन के हर पहलू में अहम भूमिका निभाएगा।

हालांकि, मैकॉय ने AGI से जुड़ी चुनौतियों और अनिश्चितताओं की भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और समाज को मिलकर काम करना होगा, ताकि एक सकारात्मक और न्यायसंगत भविष्य बनाया जा सके।

अब सवाल यह है: क्या हम AGI को उस तरीके से ला पाएंगे, जिससे यह दुनिया में बड़ा बदलाव ला सके?

- दीपक शर्मा


Tags :