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ऑस्ट्रेलिया ने ऑनलाइन सामग्री निगरानी शुरू की

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📍 भोपाल
ऑस्ट्रेलिया ने ऑनलाइन सामग्री निगरानी शुरू की
19 नवंबर 2024। ऑस्ट्रेलिया की अल्बनीज़ सरकार ने चरमपंथी और आतंकवाद से संबंधित सामग्री को इंटरनेट से हटाने के लिए एक 24x7 निगरानी प्रणाली स्थापित करने की घोषणा की है। टेक अगेंस्ट टेररिज्म और ऑनलाइन हार्म्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी में शुरू किया गया यह कार्यक्रम, ऑनलाइन हानिकारक सामग्री को रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई प्रणाली वैश्विक स्तर पर आतंकवाद और हिंसक चरमपंथी गतिविधियों पर निगरानी रखेगी, विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगी जहां लोग इंटरनेट का उपयोग आतंकवादी कार्यों को महिमामंडित और बढ़ावा देने के लिए करते हैं।

यह पहल केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी लागू की जाएगी। यह प्रणाली ई-सेफ्टी कमिश्नर को त्वरित कार्रवाई के लिए सामग्री की पहचान और हटाने में सहायता प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य डिजिटल प्लेटफार्मों पर फैल रही हिंसक विचारधाराओं से लोगों को बचाना और ऑनलाइन कट्टरपंथ को रोकना है।

यह पहल वैश्विक क्राइस्टचर्च कॉल के साथ भी मेल खाती है, जो 2019 में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। इस हमले में 51 लोगों की जान गई थी और इसे सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित किया गया था। इस घटना ने इंटरनेट पर हिंसक चरमपंथ के प्रसार में सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी थी। इस पहल में ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी ऑनलाइन कट्टरता रोकने और इंटरनेट को सुरक्षित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस नई पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को ऑनलाइन खतरों से बचाने की अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेती है। टेक अगेंस्ट टेररिज्म जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करते हुए, सरकार ऑनलाइन आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है। यह पहल इंटरनेट को सभी उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जो ऑनलाइन चरमपंथ के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।



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