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भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों का विरोध प्रदर्शन: संभावना ट्रस्ट क्लिनिक बंद होने पर जताया रोष

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📍 भोपाल
भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों का विरोध प्रदर्शन: संभावना ट्रस्ट क्लिनिक बंद होने पर जताया रोष
1 जनवरी 2025। भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों ने संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के बंद होने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। यूनियन कार्बाइड जहर पीड़ितों के स्वास्थ्य सेवा अधिकार मोर्चा के सदस्यों ने गृह मंत्रालय से संभावना ट्रस्ट के एफसीआरए पंजीकरण को शीघ्र मंजूरी देने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।

क्लिनिक बंद होने का कारण
28 वर्षों तक यूनियन कार्बाइड आपदा के पीड़ितों को निःशुल्क विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला संभावना ट्रस्ट क्लिनिक, एफसीआरए पंजीकरण में देरी और धन की कमी के चलते 1 जनवरी 2025 को बंद हो गया। इस क्लिनिक में दीर्घकालिक देखभाल के लिए पंजीकृत सैकड़ों पीड़ितों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

पीड़ितों और कर्मचारियों की चिंता
धरने में भाग लेने वाले पीड़ितों ने संभावना ट्रस्ट क्लिनिक को अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का एकमात्र समाधान बताया। पीड़ित रविशंकर तिवारी ने कहा, "हमने कई सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन हमें राहत सिर्फ संभावना ट्रस्ट क्लिनिक में ही मिली।" क्लिनिक के सलाहकार सतीनाथ सारंगी ने कहा कि 52 बेरोजगार कर्मचारियों और हजारों पीड़ितों को उम्मीद है कि उनका समर्थन एफसीआरए पंजीकरण की मंजूरी में मदद करेगा।

'हम जीतेंगे' के साथ शुरू हुआ धरना
प्रदर्शन की शुरुआत "हम जीतेंगे" गीत के साथ हुई। धरने में पीड़ितों के संगठनों के सदस्य और क्लिनिक के कर्मचारी भी शामिल थे।

जहरीले कचरे का निपटान
इस बीच, यूनियन कार्बाइड के 377 मीट्रिक टन जहरीले कचरे को भोपाल से ट्रकों में भरकर पीथमपुर ले जाया गया। यह कदम उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उठाया गया, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षित कचरे के उचित निपटान की प्रक्रिया शुरू हुई।

भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ित अब न केवल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि इस त्रासदी से जुड़े अन्य मुद्दों के समाधान की भी उम्मीद कर रहे हैं।
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