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ज्ञान और साहित्य का महासंगम: भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल 2025

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📍 भोपाल
ज्ञान और साहित्य का महासंगम: भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल 2025
तीन दिन, 61 सत्र, और अनगिनत विचार | जुटेंगे नामी लेखक और विचारक | पुस्तकों, विचारों और संस्कृति का भव्य आयोजन

29 जनवरी 2025। मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी भोपाल एक बार फिर साहित्य और ज्ञान के महासंगम का साक्षी बनने जा रही है। ‘भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल’ का सातवां संस्करण 31 जनवरी से 2 फरवरी तक भारत भवन में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में हिंदी और अंग्रेजी के अनेक प्रतिष्ठित और नवोदित लेखक, पर्यावरणविद्, अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ, कलाकार और इतिहासकार शामिल होंगे। इस दौरान कई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।

भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल: एक समृद्ध परंपरा

सोसायटी फॉर कल्चर एंड एनवायरनमेंट के अध्यक्ष एवं इस साहित्यिक आयोजन के संस्थापक सह-डायरेक्टर श्री राघव चंद्रा ने बताया कि भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल अपने सातवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक प्रमुख आयोजन बन चुका है। पूरे देश में इसकी ख्याति बढ़ रही है।

श्री चंद्रा के अनुसार, राजनीति, कला, संगीत, इतिहास, सिनेमा, पर्यावरण, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित लेखकों का यह तीन दिवसीय सम्मेलन साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर होगा। यह आयोजन सभी के लिए निःशुल्क रहेगा, हालांकि भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण आवश्यक है।

उद्घाटन समारोह और प्रमुख आकर्षण

31 जनवरी को सुबह 10 बजे भारत भवन में उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जिसमें भारत भवन की ट्रस्टी एवं प्रसिद्ध आदिवासी कलाकार पद्मश्री भूरीबाई विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस वार्षिक महोत्सव में आदिवासी कलाकारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इस वर्ष पहली बार ‘ट्रायबल आर्ट फेयर’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 25 से अधिक आदिवासी कलाकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करेंगे।

संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

1 फरवरी की शाम 6:30 बजे प्रख्यात युवा गायिका प्रतिभा सिंह बघेल की संगीतमय प्रस्तुति रवींद्र भवन में होगी।

2 फरवरी को विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। शालेय विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग, स्टोरीटेलिंग और कविता प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहर के कई विद्यालयों के छात्र उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।

विशेष सत्र और चर्चाएं

Solve: ‘Begum’s Missing Jewels - Murder Mystery’: एक अनूठी प्रतियोगिता, जिसमें प्रतिभागियों को भारत भवन से संकेत (Clues) खोजकर रहस्य को सुलझाना होगा।

ज्ञान-प्रसारक पुरस्कार: इस वर्ष भोपाल के ‘वेरायटी बुक्स’ के श्री सुरेश वाधवा को उनकी पुस्तक वितरण सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा।

प्रमुख लेखक और उनके सत्र

अक्षत गुप्ता – हिंदू पौराणिक कथाओं और विज्ञान कथा के समन्वय पर चर्चा।

सत्य मोहंती और प्रदीप मेहता – राजनीति, अर्थशास्त्र और न्याय पर संवाद।

वेदवीर आर्य – प्राचीन भारत के काल निर्धारण पर विशेष व्याख्यान।

डॉ. अलका पांडे – संख्या 108 की आध्यात्मिक शक्ति और रहस्य पर चर्चा।

कुश भार्गव – महाभारत के भीष्म पितामह के जीवन और उनके निर्णयों की प्रासंगिकता पर प्रकाश।

लक्ष्मी पुरी – ‘Swallowing the Sun’ पुस्तक के माध्यम से नारी सशक्तिकरण पर संवाद।

दुव्वुरी सुब्बाराव – रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर अपने अनुभव साझा करेंगे।

नंदन कामथ – खेल और जीवन के प्रभाव पर चर्चा।

संध्या मृदुल – कविता और आत्म-अभिव्यक्ति की शक्ति पर विचार।

मंजुला पद्मनाभन – उनकी पुरस्कार-विजेता पुस्तक ‘Taxi’ पर संवाद।

भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल 2025 एक बार फिर साहित्य, कला और संस्कृति के प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।
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