🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

क्या Yahoo खरीदेगा Google Chrome? अमेरिकी अदालत के फैसले पर टिकी है डील!

👤
prativad
👁 4436 व्यूज
📍 भोपाल
क्या Yahoo खरीदेगा Google Chrome? अमेरिकी अदालत के फैसले पर टिकी है डील!
Prativad Digital Desk |

26 अप्रैल 2025। दुनिया का सबसे लोकप्रिय वेब ब्राउज़र Google Chrome अब एक संभावित बड़ी डील की कगार पर है। अगर अमेरिकी संघीय अदालत अपने एंटीट्रस्ट मुकदमे में Google को Chrome ब्राउज़र को बेचने का आदेश देती है, तो Yahoo इसे खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह दावा किया गया है ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में।

गुरुवार को वाशिंगटन में चल रही सुनवाई के दौरान, Yahoo सर्च के महाप्रबंधक ब्रायन प्रोवोस्ट ने अदालत में गवाही दी। उन्होंने कहा, "Chrome निश्चित रूप से वेब पर सबसे रणनीतिक खिलाड़ी है। हमारी कंपनी इसे खरीदने में रुचि रखती है, और इसकी कीमत अरबों डॉलर हो सकती है।" उन्होंने आगे बताया कि Yahoo की मूल कंपनी Apollo Global Management इस डील को आगे बढ़ाने में सक्षम है।

यह मामला उस बड़ी सुनवाई का हिस्सा है, जो यह निर्धारित कर रही है कि क्या Google ने इंटरनेट सर्च मार्केट में अपने प्रभुत्व का गलत इस्तेमाल किया है। अमेरिकी न्याय विभाग का मानना है कि Chrome, Google के एकाधिकार को बनाए रखने का एक बड़ा जरिया रहा है।

हालांकि, Google के वकील जॉन श्मिटलीन ने सरकार के इन प्रस्तावों को "अत्यधिक और मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण" बताया है। उनका तर्क है कि Google ने मार्केट में अपनी जगह "न्यायोचित तरीके से" बनाई है और Chrome को बेचने से प्रतिस्पर्धियों को अनुचित लाभ मिलेगा।

इस डील की दौड़ में Yahoo अकेला खिलाड़ी नहीं है। ChatGPT डेवलपर OpenAI और AI सर्च इंजन Perplexity भी Google Chrome में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने कहा कि उनकी कंपनी एक वेब ब्राउज़र चाहती है जिससे उनके AI मॉडल को और बेहतर ट्रेन किया जा सके और यूज़र्स की ऑनलाइन गतिविधियों को समझकर उन्हें बेहतर अनुभव दिया जा सके।

सुनवाई अभी जारी है, लेकिन अगर अदालत Google को Chrome बेचने का आदेश देती है, तो यह टेक इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा।
Tags :