🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्र सरकार की सख्ती: मीडिया को डिफेंस ऑपरेशन और सेना मूवमेंट की रिपोर्टिंग में संयम बरतने के निर्देश

👤
prativad
👁 1822 व्यूज
📍 भोपाल
राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्र सरकार की सख्ती: मीडिया को डिफेंस ऑपरेशन और सेना मूवमेंट की रिपोर्टिंग में संयम बरतने के निर्देश
26 अप्रैल 2025। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी कर देश के सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सावधानी बरतने की अपील की है। मंत्रालय ने विशेष रूप से डिफेंस ऑपरेशन्स और सेना के मूवमेंट से संबंधित किसी भी प्रकार की 'रियल टाइम कवरेज' या 'सूत्रों के हवाले से' समाचार प्रसारण से बचने को कहा है।

यह कदम हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं और सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। ऐसे समय में सरकार ने मीडिया से जिम्मेदारी का पालन करने की अपील की है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और मीडिया की नैतिक जिम्मेदारी
एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि सेना की रणनीति या मूवमेंट के बारे में समय पूर्व या अनियंत्रित जानकारी प्रसारित करना न केवल सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता को खतरे में डाल सकता है, बल्कि दुश्मन ताकतों को भी फायदा पहुंचा सकता है। सरकार ने अतीत की घटनाओं का हवाला देते हुए समझाया है कि किस तरह करगिल युद्ध (1999), मुंबई आतंकी हमला (26/11) और कंधार विमान अपहरण (1999) के दौरान मीडिया कवरेज के कुछ पहलुओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाया था।

कानूनी प्रावधानों का भी किया गया उल्लेख
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने विशेष रूप से केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(p) का हवाला दिया है, जिसमें आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान लाइव प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया है। नियम के तहत मीडिया को केवल सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी की ओर से समय-समय पर दी जाने वाली आधिकारिक ब्रीफिंग तक रिपोर्टिंग सीमित रखने का निर्देश है।

सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी चैनल, डिजिटल प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया उपयोगकर्ता द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि यह केवल कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है कि मीडिया राष्ट्रीय सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दों पर संयम और जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करे।

मंत्रालय की अपील: सतर्कता, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा सर्वोपरि
एडवाइजरी में मीडिया से आग्रह किया गया है कि वे अपनी रिपोर्टिंग में सतर्कता, संवेदनशीलता और उच्च नैतिक मानकों का पालन करें। सरकार ने सभी प्लेटफॉर्म्स से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अनियंत्रित या अटकलों पर आधारित रिपोर्टिंग से बचें।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की यह एडवाइजरी सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से जारी की गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है।

प्रमुख बिंदु:
रियल टाइम कवरेज पर रोक।
सूत्रों पर आधारित खबरों का प्रसारण न करने का निर्देश।
केबल टीवी नेटवर्क नियम 6(1)(p) के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर।
कारगिल, 26/11, कंधार अपहरण जैसे घटनाओं के सबक का स्मरण।
केवल सरकारी ब्रीफिंग के आधार पर रिपोर्टिंग की अनुमति।
Tags :